डूंगरी में गूंजे मां नागिनी के जयकारे, घट उद्भव के साथ शुरू हुई 40 वर्षों बाद देवरा यात्रा
डूंगरी। संस्कृत ग्राम डूंगरी में करीब 40 वर्षों बाद आयोजित होने वाली मां नागिनी देवरा यात्रा का शुभारंभ धार्मिक अनुष्ठानों और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ। 18 मार्च 2027 तक चलने वाली इस देवरा यात्रा की शुरुआत घट उद्भव एवं कलश यात्रा के साथ हुई। इस दौरान पूरा गांव मां नागिनी के जयकारों से गूंज उठा।
देवरा यात्रा के शुभारंभ पर महिला मंगल दल की महिलाओं ने मंगल गीत गाते हुए कलश यात्रा निकाली। ढोल-दमाऊ और भंकोर की थाप के बीच श्रद्धालु कलश लेकर मां नागिनी मंदिर परिसर पहुंचे। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए।
मां नागिनी मंदिर परिसर में माता एवं देव पश्वाओं के अवतरित होने पर श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आशीर्वाद लिया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। महिलाओं द्वारा गाए गए 'तू दैणी ह्यगे माता मेरी नैणी माता' जैसे भक्तिमय गीतों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंदिर परिसर में दीप प्रज्वलित कर किया गया। स्कूली बच्चों ने मां नागिनी की स्तुति के साथ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। वहीं 'दैणा होया डूंगरी की नागिनी हो' जैसे पारंपरिक गीतों ने कार्यक्रम में लोक संस्कृति के रंग भर दिए।
देवरा यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु शामिल हुए। आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। 40 वर्षों बाद आयोजित हो रही इस देवरा यात्रा को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह और आस्था देखने को मिली।