रामपुर बुशहर में उद्योग विभाग की तीन दिवसीय कार्यशाला का सफल समापन
Bushahr Today TV
रामपुर बुशहर। हिमाचल प्रदेश सरकार के उद्योग विभाग एवं **निटकोन लिमिटेड** द्वारा **रैंप योजना (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के प्रदर्शन को बढ़ाने एवं गति देने की योजना)** के अंतर्गत रामपुर बुशहर में आयोजित तीन दिवसीय उद्यमिता एवं व्यवसाय विकास कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यशाला में **किसान उत्पादक कंपनियों, कृषि आधारित नवाचार उद्यमों एवं सहकारी संस्थाओं** से जुड़े कुल **25 प्रतिभागियों** ने भाग लिया।
निटकोन लिमिटेड के प्रतिनिधि ** पुनीत कुमार झामटा** ने कार्यशाला की समापन रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि कार्यशाला का शुभारंभ **19 अगस्त 2026** को हुआ। उद्घाटन अवसर पर **अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान** के स्टार्टअप प्रकोष्ठ एवं पूर्व-ग्रामीण उद्भवन केंद्र के प्रमुख **इंजीनियर गौरव महाजन**, **हिमौर्ड संस्था के अध्यक्ष डॉ. आर. एस. मिन्हास** तथा कार्यक्रम अधिकारी **मोहन रांटा** उपस्थित रहे।
### प्रथम दिवस
कार्यशाला के प्रथम दिवस **इंजीनियर गौरव महाजन** ने प्रतिभागियों को **अवसरों की पहचान, नवाचार आधारित उद्यम, उद्यमिता विकास, व्यवसाय मॉडल कैनवास** तथा विभिन्न व्यावसायिक उदाहरणों के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने प्रतिभागियों को स्थानीय संसाधनों एवं समस्याओं में उपलब्ध व्यवसायिक अवसरों की पहचान करने तथा उन्हें व्यवहारिक व्यवसाय मॉडल में परिवर्तित करने के बारे में जानकारी दी।
वहीं **डॉ. आर. एस. मिन्हास** ने **व्यवसाय नियोजन, वित्तीय साक्षरता एवं व्यवसायिक विचारों के प्रमाणीकरण** जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने प्रतिभागियों को व्यवसाय शुरू करने से पहले विचार की व्यवहार्यता, बाजार की आवश्यकता तथा वित्तीय पक्षों का आकलन करने के लिए आवश्यक जानकारी दी।
### द्वितीय दिवस
दूसरे दिवस की शुरुआत प्रार्थना के साथ हुई। इसके पश्चात **इंडियन बैंक के शाखा प्रबंधक विक्रम पल्सर** ने **ऋण सुविधा, वित्तीय सहायता प्राप्त करने की तैयारी तथा बैंकिंग माध्यम से उपलब्ध सरकारी योजनाओं** के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने प्रतिभागियों को बैंक ऋण के लिए आवश्यक दस्तावेजों, वित्तीय अनुशासन एवं ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया से अवगत करवाया।
इसके बाद ** पुनीत कुमार झामटा** ने **बाजार आकलन एवं ग्राहक पहचान** विषय पर चर्चा की। उन्होंने प्रतिभागियों को अपने लक्षित ग्राहकों की पहचान, उनकी आवश्यकताओं को समझने तथा उत्पाद एवं सेवाओं को बाजार की मांग के अनुरूप विकसित करने के बारे में जानकारी दी।
**डॉ. आर. एस. मिन्हास** ने **बाजार संपर्क एवं कृषि मूल्य श्रृंखला विकास** पर प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने कृषि एवं बागवानी आधारित उत्पादों में मूल्य संवर्धन तथा उत्पादकों को बाजार से जोड़ने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
वहीं ** सचिन शर्मा, उप निदेशक, हिमौर्ड** ने **बाजार संपर्क एवं खरीदार विकास** के विषय पर प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने प्रतिभागियों को संभावित खरीदारों की पहचान करने, उनके साथ व्यावसायिक संबंध स्थापित करने तथा उत्पादों के लिए बेहतर बाजार विकसित करने के बारे में मार्गदर्शन दिया।
### तृतीय दिवस
कार्यशाला के अंतिम दिवस के प्रथम सत्र में **प्रदीप दड़ेल निदेशक, आर्याव्रत संस्था** ने **किसान उत्पादक संगठन के संचालन एवं प्रशासन तथा आवश्यक लाइसेंस एवं पंजीकरण** के विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने किसान उत्पादक कंपनियों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक वैधानिक अनुपालनों एवं दस्तावेजों की जानकारी दी।
इसके बाद * पुनीत कुमार झामटा** ने **कम लागत वाले प्रचार-प्रसार, व्यवसायिक जोखिम एवं व्यवसाय की स्थिरता** के विषय पर चर्चा की। उन्होंने सीमित संसाधनों में प्रभावी प्रचार-प्रसार करने, संभावित व्यवसायिक जोखिमों की पहचान एवं प्रबंधन तथा व्यवसाय को दीर्घकाल तक टिकाऊ बनाए रखने की रणनीतियों पर जानकारी दी।
**डॉ. आर. एस. मिन्हास** ने **व्यवसाय कार्ययोजना एवं विकास की रूपरेखा** पर प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने प्रतिभागियों को अपने व्यवसायिक विचारों को स्पष्ट कार्ययोजना में बदलने तथा भविष्य के विकास के लिए चरणबद्ध रणनीति तैयार करने के लिए मार्गदर्शन दिया।
### समापन समारोह एवं प्रमाण-पत्र वितरण
कार्यशाला के समापन एवं **समापन सत्र** में **बागवानी विभाग के विषय विशेषज्ञ संजय चौहान** उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को बागवानी विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं किसानों तथा उद्यमियों के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी प्रदान की। इसके उपरांत उन्होंने कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए।
इस अवसर पर **कार्यक्रम अधिकारी श्री मोहन रांटा** ने सभी विशेषज्ञों, प्रतिभागियों एवं सहयोगी संस्थाओं का धन्यवाद किया।
निटकोन लिमिटेड के प्रतिनिधि * नितीश शर्मा** ने कहा कि यह प्रशिक्षण विशेष रूप से **किसान उत्पादक कंपनियों, कृषि आधारित नवाचार उद्यमों एवं सहकारी संस्थाओं** की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को उद्यमिता, बाजार, वित्तीय संसाधनों, अनुपालन, खरीदारों से जुड़ाव तथा व्यवसाय विस्तार से संबंधित व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था।
उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिभागियों को केवल प्रशिक्षण प्रदान करने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उन्हें **बाजार से जोड़ने, वित्तीय संसाधनों तक पहुंच बनाने, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने, आवश्यक अनुपालनों को समझने तथा अपने व्यवसाय को स्थायी एवं विकासोन्मुख बनाने** में सहायता प्रदान करते हैं।
तीन दिवसीय कार्यशाला में कुल **25 प्रतिभागियों** ने सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रतिभागियों ने कार्यशाला को उपयोगी एवं व्यावहारिक बताते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी उन्हें अपने व्यवसायिक विचारों को व्यवस्थित करने, बाजार की आवश्यकताओं को समझने, वित्तीय संसाधनों की तैयारी करने तथा अपने उद्यमों के विकास के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने में उपयोगी सिद्ध होगी।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में **हिमाचल प्रदेश सरकार के उद्योग विभाग, निटकोन लिमिटेड तथा सभी विशेषज्ञों एवं सहयोगी संस्थाओं** का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
Rampur, Shimla | Aug 21, 2026