क्रूरता की हदें पार! शहडोल के बलबहरा में दो पक्षों की लड़ाई सुलझाने गई 112 डायल पुलिस का अमानवीय चेहरा, जमकर चटकाई लाठियां
खाकी का खौफनाक रूप: शासकीय प्राथमिक विद्यालय दमकी टोला के पास डायल 112 ने बरसाया लाठी का कहर, मची अफरा-तफरी
शहडोल / बुढार: शासकीय प्राथमिक विद्यालय दमकी टोला (संकुल बलबहरा) के पास उस वक्त सनसनी फैल गई, जब दो लोगों के आपसी विवाद को शांत कराने पहुंची '112 डायल' पुलिस का एक बेहद क्रूर और अमानवीय चेहरा सामने आया। विवाद सुलझाने और कानून व्यवस्था संभालने के बजाय पुलिसकर्मियों ने सीधे लाठियां भांजना शुरू कर दिया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई।
विवाद सुलझाने की जगह खुद ही बरसाने लगे लाठियां
स्थानीय लोगों के अनुसार, बुढार थाना क्षेत्र के बलबहरा स्थित दमकी टोला में दो व्यक्ति आपस में कहासुनी और मारपीट कर रहे थे। अनहोनी से बचने के लिए ग्रामीणों ने डायल 112 को सूचना दी। लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने बिना स्थिति समझे तानाशाही रवैया अपनाया और वहां मौजूद लोगों पर अमानवीय तरीके से लाठियां बरसा दीं।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना: "पुलिस रक्षक बनकर आई थी, लेकिन वहां पहुंचकर खुद ही भक्षक का रूप धारण कर लिया। स्कूल परिसर के पास दिन-दहाड़े हुए इस घटनाक्रम से बच्चों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।"
बलबहरा क्षेत्र में भारी जनाक्रोश, वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी नजरें
पुलिस की इस बर्बरता को लेकर बुढार क्षेत्र की जनता में गहरा आक्रोश व्याप्त है। लोगों का सवाल है कि आम नागरिक सुरक्षा के लिए पुलिस को बुलाते हैं, न कि पुलिसिया गुंडागर्दी सहने के लिए। अब देखने वाली बात होगी कि बुढार थाना क्षेत्र की इस विवादित घटना पर पुलिस के उच्च अधिकारी दोषी कर्मचारियों पर क्या सख्त कदम उठाते हैं।
तीखे सवाल:
विवाद सुलझाने की जगह कानून हाथ में लेने का अधिकार 112 डायल को किसने दिया?
क्या इस अमानवीय रवैये के जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर निलंबन की गाज गिरेगी?