Public App Logo
Jansamasya
हादसा
News
Bjp
National
Police
Bihar
India
कांग्रेस
भाजपा
Congress
Modi
Delhi
Viral
Crime
Jharkhand
Up
Bollywood
दिल्ली
Breakingnews
Narendramodi
Nitishkumar
Madhya_pradesh
सोशल_मीडिया
Mp
Nsui
Pmmodi
Rahulgandhi
Actor
Haryana

नए साल पर कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, देखे क्या कहना है कर्मचारियों का #भिवानी #कर्मचारी #वेतन #सैलरी #HKRN #हरियाणा #सर...

Bhiwani, Bhiwani | Jan 1, 2026

MORE NEWS

भाजपा का हर कार्यकर्ता संगठन की आत्मा : विधायक घनश्याम सरार्फ

भिवानी 
पंचायत भवन,भिवानी में भारतीय जनता पार्टी, भिवानी विधानसभा की संगठनात्मक बैठक के उपरांत समर्पित, कर्मठ एवं ऊर्जावान कार्यकर्ताओं के साथ आत्मीय संवाद का अवसर प्राप्त हुआ तथा सभी साथियों के साथ स्मृति स्वरूप चित्र खिंचवाए।

भारतीय जनता पार्टी विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन केवल अपने विचारों के कारण नहीं, बल्कि करोड़ों समर्पित कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत, निष्ठा और सेवा भाव के कारण बनी है। बूथ से लेकर शीर्ष स्तर तक संगठन को सशक्त बनाने में प्रत्येक कार्यकर्ता का योगदान अमूल्य है। जन-जन तक सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को पहुंचाने, समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा का भाव लेकर जाने तथा राष्ट्र निर्माण के संकल्प को साकार करने में हमारे कार्यकर्ता सदैव अग्रणी भूमिका निभाते हैं।

मुझे गर्व है कि भिवानी विधानसभा में भी ऐसे समर्पित कार्यकर्ताओं की सशक्त टीम निरंतर संगठन हित एवं जनहित में कार्य कर रही है। आप सभी साथियों का उत्साह, अनुशासन, समर्पण और अथक परिश्रम ही हमारी शक्ति है। वास्तव में हम कार्यकर्ताओं से हैं, कार्यकर्ता हमसे नहीं; संगठन की पहचान उसके कार्यकर्ताओं से ही होती है।

आज साथियों के चेहरों पर दिखाई देने वाला उत्साह और संगठन के प्रति उनका समर्पण इस बात का प्रमाण है कि भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता राष्ट्र प्रथम, संगठन द्वितीय और स्वयं को अंतिम स्थान पर रखकर कार्य करने की भावना से प्रेरित है।

आप सभी सम्मानित कार्यकर्ताओं का स्नेह, विश्वास और निरंतर सहयोग ही हमें जनसेवा के मार्ग पर और अधिक ऊर्जा एवं प्रेरणा प्रदान करता है। ईश्वर से प्रार्थना है कि हम सभी इसी प्रकार एकजुट होकर संगठन को और अधिक सशक्त बनाते हुए प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के विकसित भारत के संकल्प तथा हरियाणा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में अपना योगदान देते रहें। हरियाणा में मा. मुख्यमंत्री श्री Nayab Saini जी  के मार्गदर्शन में प्रदेश विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित कर रहा है। इन उपलब्धियों  के नेतृत्व में जन-जन तक पहुंचाने का कार्य हमारे समर्पित कार्यकर्ता ही कर रहे हैं।

कार्यकर्ता हमारी ताकत हैं, कार्यकर्ता हमारी पहचान हैं, और कार्यकर्ता ही भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी पूंजी हैं। 🙏🌷

भाजपा का हर कार्यकर्ता संगठन की आत्मा : विधायक घनश्याम सरार्फ भिवानी पंचायत भवन,भिवानी में भारतीय जनता पार्टी, भिवानी विधानसभा की संगठनात्मक बैठक के उपरांत समर्पित, कर्मठ एवं ऊर्जावान कार्यकर्ताओं के साथ आत्मीय संवाद का अवसर प्राप्त हुआ तथा सभी साथियों के साथ स्मृति स्वरूप चित्र खिंचवाए। भारतीय जनता पार्टी विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन केवल अपने विचारों के कारण नहीं, बल्कि करोड़ों समर्पित कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत, निष्ठा और सेवा भाव के कारण बनी है। बूथ से लेकर शीर्ष स्तर तक संगठन को सशक्त बनाने में प्रत्येक कार्यकर्ता का योगदान अमूल्य है। जन-जन तक सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को पहुंचाने, समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा का भाव लेकर जाने तथा राष्ट्र निर्माण के संकल्प को साकार करने में हमारे कार्यकर्ता सदैव अग्रणी भूमिका निभाते हैं। मुझे गर्व है कि भिवानी विधानसभा में भी ऐसे समर्पित कार्यकर्ताओं की सशक्त टीम निरंतर संगठन हित एवं जनहित में कार्य कर रही है। आप सभी साथियों का उत्साह, अनुशासन, समर्पण और अथक परिश्रम ही हमारी शक्ति है। वास्तव में हम कार्यकर्ताओं से हैं, कार्यकर्ता हमसे नहीं; संगठन की पहचान उसके कार्यकर्ताओं से ही होती है। आज साथियों के चेहरों पर दिखाई देने वाला उत्साह और संगठन के प्रति उनका समर्पण इस बात का प्रमाण है कि भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता राष्ट्र प्रथम, संगठन द्वितीय और स्वयं को अंतिम स्थान पर रखकर कार्य करने की भावना से प्रेरित है। आप सभी सम्मानित कार्यकर्ताओं का स्नेह, विश्वास और निरंतर सहयोग ही हमें जनसेवा के मार्ग पर और अधिक ऊर्जा एवं प्रेरणा प्रदान करता है। ईश्वर से प्रार्थना है कि हम सभी इसी प्रकार एकजुट होकर संगठन को और अधिक सशक्त बनाते हुए प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के विकसित भारत के संकल्प तथा हरियाणा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में अपना योगदान देते रहें। हरियाणा में मा. मुख्यमंत्री श्री Nayab Saini जी के मार्गदर्शन में प्रदेश विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित कर रहा है। इन उपलब्धियों के नेतृत्व में जन-जन तक पहुंचाने का कार्य हमारे समर्पित कार्यकर्ता ही कर रहे हैं। कार्यकर्ता हमारी ताकत हैं, कार्यकर्ता हमारी पहचान हैं, और कार्यकर्ता ही भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी पूंजी हैं। 🙏🌷

Bhiwani, Bhiwani | Jun 5, 2026

मंत्री अरविंद शर्मा व भाजपा चेयरपर्सन रजनी विरमानी के बीच खिंची और गहरी तलवार  ! 
भाजपा की चेयरपर्सन रजनी के फार्महाउस पर पहुंचा पीला पंजा !

मंत्री अरविंद शर्मा व भाजपा चेयरपर्सन रजनी विरमानी के बीच खिंची और गहरी तलवार ! भाजपा की चेयरपर्सन रजनी के फार्महाउस पर पहुंचा पीला पंजा !

Bhiwani, Bhiwani | Jun 5, 2026

पूर्व कृषि मंत्री जेपी दलाल का हार का दर्द छुप नही रहा है....
सुनिये क्या बोले श्री दलाल !

पूर्व कृषि मंत्री जेपी दलाल का हार का दर्द छुप नही रहा है.... सुनिये क्या बोले श्री दलाल !

Bhiwani, Bhiwani | Jun 5, 2026

भिवानी के किस क्षेत्र में दूषित व साफ पानी आता है बताएँ....
कोसना ही नही जहां ठीक लगे वहां शाबाशी भी बनती है....
निनाण से शांतिनगर को आने वाली पेयजल सप्लाई काफी PURE नजर आती है !
भिवानी आंखों देखी हलचल

भिवानी के किस क्षेत्र में दूषित व साफ पानी आता है बताएँ.... कोसना ही नही जहां ठीक लगे वहां शाबाशी भी बनती है.... निनाण से शांतिनगर को आने वाली पेयजल सप्लाई काफी PURE नजर आती है ! भिवानी आंखों देखी हलचल

Bhiwani, Bhiwani | Jun 5, 2026

परमात्मा को पाने का एकमात्र सरल मार्ग सच्चा प्रेम और समर्पण : अनीता शास्त्री
श्रीमद् भागवत कथा राजा अम्बरीष और महर्षि दुर्वासा के प्रसंग से समझाया निष्कपट भक्ति का महत्व
भिवानी, 05 जून : स्थानीय भीम स्टेडियम रोड पर सदर थाना के पास स्थित शिव मंदिर में जारी सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन शुक्रवार को कथाव्यास अनीता शास्त्री (अनीता शांडिल्य) द्वारा श्रद्धालुओं को प्रभु भक्ति, मानव जीवन के मूल्यों और विभिन्न पौराणिक प्रसंगों का रसपान कराया गया। कथा के मुख्य विचार को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि परमात्मा को पाने का एकमात्र सरल मार्ग सच्चा प्रेम और समर्पण ही है। अहंकार कभी भी मनुष्य का भला नहीं कर सकता, क्योंकि अहंकार प्रभु भक्ति में सबसे बड़ा बाधक है, साधक नहीं। कथा के दौरान अनीता शास्त्री ने मनु वंश की महिमा का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार राजर्षि सत्यव्रत ने भगवान की सेवा से ज्ञान प्राप्त किया और वही इस कल्प के वैवस्वत मनु हुए। उन्होंने सृष्टि की उत्पत्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संसार के आधारभूत परम पुरुष परमात्मा की नाभि से एक स्वर्णिम कमल कोष प्रकट हुआ और फिर ब्रह्मा जी का चतुर्मुख आविर्भाव हुआ। इसके बाद ब्रह्मा जी के मन से मरीचि आदि ऋषि पैदा हुए। कथाव्यास ने मनु वंश के पवित्र और कीर्तिवान पुरुषों के पराक्रम का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कश्यप ऋषि से दक्षनन्दिनी अदिति के वंश के वर्णन के साथ-साथ इक्ष्वाकु, नृग, शर्याति, नभग, अम्बरीष, विकुक्ष, युवनाश्व, कुवलयाश्व, प्रद्युम्न, त्रिशंकु, हरिश्चंद्र (रोहिताश्व), सगर, दिलीप, भागीरथ सहित सूर्यवंश व चंद्रवंश के महान राजाओं के इतिहास को श्रद्धालुओं के समक्ष रखा। मुख्य रूप से अनीता शांडिल्य ने राजा अम्बरीष के जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राजा अम्बरीष राजाओं के राजा होने के बावजूद त्याग और तपस्या की साक्षात् मूर्ति थे। वे ईश्वर की भक्ति को ही अपने जीवन का असली लक्ष्य मानते थे। उन्होंने कहा कि ऐसे अनन्य भक्तों की रक्षा के लिए भगवान सदैव तत्पर रहते हैं। कथा के सबसे मार्मिक प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि प्रभु ने दुर्वासा ऋषि के श्राप से पूर्व ही अपने परम भक्त अम्बरीष की रक्षा के लिए सुदर्शन चक्र को नियुक्त कर रखा था। जब दुर्वासा के क्रोध के कारण सुदर्शन चक्र उनके पीछे पड़ा, तो वे अपनी रक्षा के लिए ब्रह्मा जी, शिव जी और अंत में भगवान विष्णु जी के पास गए। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं को जीवन का सार समझाते हुए अनीता शांडिल्य ने कहा कि ईश्वर या प्रभुभक्त से द्वेष और नफरत करने वाले का अंत हमेशा बुरा होता है। अहंकार कभी भी मनुष्य का कल्याण नहीं कर सकता। इसके विपरीत, जब व्यक्ति सत्य के मार्ग पर चलता है, तो उसे किसी भी प्रकार का भय नहीं रहता। संसार की सभी भौतिक चीजें क्षणभंगुर हैं, इसलिए ईश्वर और प्रभु पर पूरा भरोसा रखकर मनुष्य को हमेशा अपने श्रेष्ठ कर्म करते रहना चाहिए।

परमात्मा को पाने का एकमात्र सरल मार्ग सच्चा प्रेम और समर्पण : अनीता शास्त्री श्रीमद् भागवत कथा राजा अम्बरीष और महर्षि दुर्वासा के प्रसंग से समझाया निष्कपट भक्ति का महत्व भिवानी, 05 जून : स्थानीय भीम स्टेडियम रोड पर सदर थाना के पास स्थित शिव मंदिर में जारी सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन शुक्रवार को कथाव्यास अनीता शास्त्री (अनीता शांडिल्य) द्वारा श्रद्धालुओं को प्रभु भक्ति, मानव जीवन के मूल्यों और विभिन्न पौराणिक प्रसंगों का रसपान कराया गया। कथा के मुख्य विचार को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि परमात्मा को पाने का एकमात्र सरल मार्ग सच्चा प्रेम और समर्पण ही है। अहंकार कभी भी मनुष्य का भला नहीं कर सकता, क्योंकि अहंकार प्रभु भक्ति में सबसे बड़ा बाधक है, साधक नहीं। कथा के दौरान अनीता शास्त्री ने मनु वंश की महिमा का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार राजर्षि सत्यव्रत ने भगवान की सेवा से ज्ञान प्राप्त किया और वही इस कल्प के वैवस्वत मनु हुए। उन्होंने सृष्टि की उत्पत्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संसार के आधारभूत परम पुरुष परमात्मा की नाभि से एक स्वर्णिम कमल कोष प्रकट हुआ और फिर ब्रह्मा जी का चतुर्मुख आविर्भाव हुआ। इसके बाद ब्रह्मा जी के मन से मरीचि आदि ऋषि पैदा हुए। कथाव्यास ने मनु वंश के पवित्र और कीर्तिवान पुरुषों के पराक्रम का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कश्यप ऋषि से दक्षनन्दिनी अदिति के वंश के वर्णन के साथ-साथ इक्ष्वाकु, नृग, शर्याति, नभग, अम्बरीष, विकुक्ष, युवनाश्व, कुवलयाश्व, प्रद्युम्न, त्रिशंकु, हरिश्चंद्र (रोहिताश्व), सगर, दिलीप, भागीरथ सहित सूर्यवंश व चंद्रवंश के महान राजाओं के इतिहास को श्रद्धालुओं के समक्ष रखा। मुख्य रूप से अनीता शांडिल्य ने राजा अम्बरीष के जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राजा अम्बरीष राजाओं के राजा होने के बावजूद त्याग और तपस्या की साक्षात् मूर्ति थे। वे ईश्वर की भक्ति को ही अपने जीवन का असली लक्ष्य मानते थे। उन्होंने कहा कि ऐसे अनन्य भक्तों की रक्षा के लिए भगवान सदैव तत्पर रहते हैं। कथा के सबसे मार्मिक प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि प्रभु ने दुर्वासा ऋषि के श्राप से पूर्व ही अपने परम भक्त अम्बरीष की रक्षा के लिए सुदर्शन चक्र को नियुक्त कर रखा था। जब दुर्वासा के क्रोध के कारण सुदर्शन चक्र उनके पीछे पड़ा, तो वे अपनी रक्षा के लिए ब्रह्मा जी, शिव जी और अंत में भगवान विष्णु जी के पास गए। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं को जीवन का सार समझाते हुए अनीता शांडिल्य ने कहा कि ईश्वर या प्रभुभक्त से द्वेष और नफरत करने वाले का अंत हमेशा बुरा होता है। अहंकार कभी भी मनुष्य का कल्याण नहीं कर सकता। इसके विपरीत, जब व्यक्ति सत्य के मार्ग पर चलता है, तो उसे किसी भी प्रकार का भय नहीं रहता। संसार की सभी भौतिक चीजें क्षणभंगुर हैं, इसलिए ईश्वर और प्रभु पर पूरा भरोसा रखकर मनुष्य को हमेशा अपने श्रेष्ठ कर्म करते रहना चाहिए।

Bhiwani, Bhiwani | Jun 5, 2026