➡️ स्कूल बसों के विरुद्ध सघन चौकिंग कार्यवाही
➡️ 03 स्कूल बसों को जप्तकर फिटनेस निरस्त किए
स्कूली वाहनों से आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर पूर्व में स्कूल प्रबंधन एवं स्कूल बस संचालकों की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में स्कूली वाहनों के सुरक्षित संचालन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। साथ ही, माननीय उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों की चेकलिस्ट एवं अन्य आवश्यक निर्देशों की प्रतियां उपलब्ध कराते हुए स्कूल बसों को निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए पांच दिन का समय दिया गया था।
इसके बाद परिवहन जांच दल द्वारा जिले के विभिन्न स्कूल परिसरों में खड़े स्कूली वाहनों का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में मंगलवार को शहरी क्षेत्र में स्कूल बसों के विरुद्ध सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान कुल 18 स्कूल बसों की जांच की गई। जांच में पाया गया कि दिल्ली पब्लिक स्कूल की तीन बसों में गंभीर सुरक्षा संबंधी खामियां थीं। इनमें एक बस के आपातकालीन द्वार के सामने सीट लगी हुई थी, जबकि दो बसों में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग दरवाजे नहीं पाए गए। एक बस में निकास द्वार होने के बावजूद उसे बंद कर उसके सामने सीट लगा दी गई थी। इन गंभीर कमियों को देखते हुए मोटरयान अधिनियम के तहत तीनों बसों के फिटनेस प्रमाण-पत्र तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। फिटनेस निरस्त रहने की अवधि में संबंधित वाहनों का पंजीयन एवं परमिट भी निलंबित रहेगा। वर्तमान में तीनों बसों को सुरक्षा की दृष्टि से आरटीओ कार्यालय परिसर में रखा गया है। आवश्यक सुधार कर पुनः फिटनेस प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के बाद ही इन वाहनों के संचालन की अनुमति दी जाएगी।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को ऐसे स्कूली वाहनों में न भेजें जो एलपीजी गैस किट से संचालित हों या किसी भी प्रकार से अनफिट प्रतीत होते हों। साथ ही सभी स्कूल बस संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे माननीय उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें। बसों में स्पीड गवर्नर, वैध बीमा, फिटनेस प्रमाण-पत्र, प्रदूषण प्रमाण-पत्र, मोटरयान कर भुगतान प्रमाण, फर्स्ट-एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र तथा निर्धारित योग्यता एवं लाइसेंसधारी चालक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा बसों में निर्धारित बैठक क्षमता के अनुसार ही छात्र-छात्राओं को बैठाया जाए। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भविष्य में जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करते हुए वाहन संचालित पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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3 views | Sagar, Madhya Pradesh | Jun 15, 2026