एक नया खंभा लग जाता तो पांच साल का मासूम आज भी खेल रहा होता, पिता बोले-नया खंभा लाए, लेकिन उन लोगों ने नही लगाया, सिर्फ टेड़े खंभे में सपोर्ट के लिए तार लगा दिया और वही अयान के लिए जानलेवा साबित हुआ ।
सबसे बड़ा सवाल कि उस बच्चे का क्या कसूर था जिसको विभागीय अधिकारियों और नेताओं की उदासीनता के कारण जान गवानी पड़ गई, क्या विभाग इतना घाटे में चल रहा है कि एक टेढ़ा खंभा हटाकर वहां नया लगवा देता?
ये घटना कहीं और नही बल्कि उस जिले में हुई है, जहां से आधी सरकार चलती है।
पिता फुरकान अली ने कहा, सात महीने पहले भी स्थानीय लोगों ने कांट चेयरमैन के बेटे और बिजली विभाग से टेड़ा बिजली का खंभा हटाने के लिए कहा था, लेकिन कोई सुनवाइ नही हो रही थी। इस घटना के बाद जेई को कई बार काॅल किया लेकिन उसने फोन नही उठाया। आरोप है कि चेयरमैन के बेटे रईस मियां चार घंटे बाद मौके पर आए तो उन्होंने स्थानीय लोगो से बदसलूकी की, हालांकि उन्होने आरोपो को निराधार बताया है। ये पूरी घटना थाना कांट क्षेत्र के मरैया तृतीय मोहल्ले की है।