गौशालाओं में निराश्रित गौवंश को आश्रय देने के निर्देश
जिले की गौशाला संचालकों की समीक्षा बैठक सम्पन्न
कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन के निर्देशानुसार पशुपालन एवं डेयरी विभाग अंतर्गत उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, जिला हरदा की अध्यक्षता में गत दिवस उपसंचालक कार्यालय में जिले की शासकीय एवं अशासकीय गौशालाओं के संचालकों के साथ समीक्षा बैठक सह-चर्चा आयोजित की गई। बैठक में विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों एवं गौशाला संचालकों द्वारा सहभागिता की गई।
बैठक में गौशालाओं के सुचारू संचालन, वर्षा काल में निराश्रित गोवंश के रख-रखाव एवं अन्य व्यवस्थाओं को लेकर निर्देश दिये गये। वर्षा काल को ध्यान में रखते हुए सभी गौशालाओं को निर्देश दिए गए कि वे अपनी क्षमता अनुसार अधिक से अधिक निराश्रित गोवंश को आश्रय देकर उनकी उचित देखभाल एवं प्रबंधन सुनिश्चित करें। इस दौरान गौशालाओं को प्राप्त होने वाली प्रतिमाह अनुदान राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र एवं ऑडिट रिपोर्ट कार्यालय में अनिवार्य रूप से प्रेषित करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, ग्राम पंचायतों को गौशाला अनुदान हेतु पृथक बैंक खाता खुलवाने का सुझाव दिया गया। शासन के नियमानुसार सभी अभिलेख/रजिस्टर अद्यतन रखने तथा गोवंश की टैगिंग संबंधी जानकारी अपडेट करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मेडिसिन, आहार, अनुदान, विजिट, कैशबुक, लेजर आदि पंजी का संधारण सभी गौशालाओं में संधारित करने के लिये निर्देशित किया गया। बैठक में सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गौवंशो को गौशालाओं में भेजने के निर्देश दिए गए। साथ ही बताया गया कि कान में लगे टैग के माध्यम से सड़कों पर छोड़े गए निराश्रित/लावारिस गोवंश के मूल पशुपालकों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ई-गौशाला योजना के अंतर्गत गौशालाओं में सतत निगरानी हेतु सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने तथा मृत मवेशियों का वैज्ञानिक एवं समुचित निष्पादन नियमानुसार सुनिश्चित करने हेतु कड़े निर्देश दिए गए। बैठक में बायो रिसोर्स सेंटर अनुदान के पूर्ण उपयोग कर उपयोगिता प्रमाण पत्र शीघ्र प्रेषित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
Department of Animal Husbandry, Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh
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