हरिद्वार में निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी से दीक्षा लेने के लिए जापान से 40 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पहुंचा। जापान के पहले महामंडलेश्वर बालाकुंभ पुरी महाराज के नेतृत्व में आए दल के सदस्यों ने दीक्षा ग्रहण की। इस दौरान चार युवा संतों ने मंडलेश्वर बनने की इच्छा व्यक्त की, जिस पर स्वामी कैलाशानंद गिरी ने शुभ मुहूर्त में उन्हें मंडलेश्वर बनाने का निर्णय लिया। यह आयोजन भारतीय सनातन परंपरा के वैश्विक विस्तार और आध्यात्मिक जुड़ाव का प्रतीक माना जा रहा है।
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