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बालाघाट: दीनी और बटरमारा गांव के बीच महिलाओं से भरी पिकअप पलटी, 15 से अधिक घायल, दो की हालत गंभीर

Balaghat, Balaghat | Jul 12, 2026
वारासिवनी तहसील के दीनी और बटरमारा गांव के बीच रविवार सुबह महिलाओं से भरी एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में वाहन में सवार 15 से अधिक महिलाएं घायल हो गईं। सभी घायलों को 108 एम्बुलेंस और निजी वाहनों की मदद से जिला अस्पताल बालाघाट पहुंचाया गया। इनमें दो महिलाओं की हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें गोंदिया रेफर किया गया है।

MORE NEWS

#बालाघाट 
लाड़ली बहना योजना की 38वीं किश्त जारी: बालाघाट की 3.44 लाख बहनों के खातों में पहुंचे 50.13 करोड़ रुपये

      मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार 12 जुलाई को भिंड जिले के लहार में आयोजित राज्य स्तरीय महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 38वीं किश्त सिंगल क्लिक के माध्यम से जारी कर प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में 1835 करोड़ रुपये अंतरित किए। इस अवसर पर बालाघाट जिले की 3 लाख 44 हजार 591 लाड़ली बहनों के खातों में 50 करोड़ 13 लाख 43 हजार 100 रुपये की राशि पहुंची। योजना के तहत प्रत्येक पात्र महिला के खाते में 1500-1500 रुपये जमा किए गए।

     जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया, जहां बड़ी संख्या में महिलाओं ने कार्यक्रम देखा और योजना की राशि प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

       विकासखंडवार लाभार्थी एवं अंतरित राशि

    ग्रामीण क्षेत्रों में बैहर की 19,459 बहनों के खातों में 2 करोड़ 92 लाख 88 हजार 500 रुपये, बालाघाट की 37,380 बहनों को 5 करोड़ 60 लाख 70 हजार रुपये, बिरसा की 26,971 बहनों को 4 करोड़ 04 लाख 56 हजार 500 रुपये, कटंगी की 34,711 बहनों को 5 करोड़ 20 लाख 66 हजार 500 रुपये, खैरलांजी की 31,300 बहनों को 4 करोड़ 69 लाख 50 हजार रुपये, किरनापुर की 38,387 बहनों को 5 करोड़ 75 लाख 80 हजार 500 रुपये, लालबर्रा की 37,255 बहनों को 5 करोड़ 58 लाख 82 हजार 500 रुपये, लांजी की 38,207 बहनों को 5 करोड़ 73 लाख 10 हजार 500 रुपये, परसवाड़ा की 22,139 बहनों को 3 करोड़ 32 लाख 08 हजार 500 रुपये तथा वारासिवनी की 32,930 बहनों के खातों में 4 करोड़ 93 लाख 95 हजार रुपये अंतरित किए गए।

       नगरीय क्षेत्रों में भी पहुंची योजना की राशि

     नगरीय निकायों में नगर पालिका बालाघाट की 8,817 बहनों को 1 करोड़ 32 लाख 25 हजार 500 रुपये, नगर पालिका मलाजखंड की 5,828 बहनों को 87 लाख 42 हजार रुपये, नगर पालिका वारासिवनी की 3,756 बहनों को 56 लाख 34 हजार रुपये, नगर परिषद बैहर की 2,654 बहनों को 39 लाख 81 हजार रुपये, नगर परिषद कटंगी की 2,413 बहनों को 36 लाख 19 हजार 500 रुपये तथा नगर परिषद लांजी की 2,384 बहनों को 35 लाख 76 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई।

जून 2023 से अब तक 1688 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता

       जून 2023 में योजना प्रारंभ होने से लेकर 12 जुलाई 2026 तक बालाघाट जिले की 3 लाख 44 हजार 591 से अधिक लाड़ली बहनों को 1688 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्राप्त हो चुकी है। इस योजना ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ जिले की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान की है।

     कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम के लाइव प्रसारण में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री देवेन्द्र सुंदरियाल, बाल विकास परियोजना अधिकारी श्री शैलेन्द्र चौकसे, आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें उपस्थित रहीं।
#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#mp_wcdmp

#बालाघाट लाड़ली बहना योजना की 38वीं किश्त जारी: बालाघाट की 3.44 लाख बहनों के खातों में पहुंचे 50.13 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार 12 जुलाई को भिंड जिले के लहार में आयोजित राज्य स्तरीय महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 38वीं किश्त सिंगल क्लिक के माध्यम से जारी कर प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में 1835 करोड़ रुपये अंतरित किए। इस अवसर पर बालाघाट जिले की 3 लाख 44 हजार 591 लाड़ली बहनों के खातों में 50 करोड़ 13 लाख 43 हजार 100 रुपये की राशि पहुंची। योजना के तहत प्रत्येक पात्र महिला के खाते में 1500-1500 रुपये जमा किए गए। जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया, जहां बड़ी संख्या में महिलाओं ने कार्यक्रम देखा और योजना की राशि प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। विकासखंडवार लाभार्थी एवं अंतरित राशि ग्रामीण क्षेत्रों में बैहर की 19,459 बहनों के खातों में 2 करोड़ 92 लाख 88 हजार 500 रुपये, बालाघाट की 37,380 बहनों को 5 करोड़ 60 लाख 70 हजार रुपये, बिरसा की 26,971 बहनों को 4 करोड़ 04 लाख 56 हजार 500 रुपये, कटंगी की 34,711 बहनों को 5 करोड़ 20 लाख 66 हजार 500 रुपये, खैरलांजी की 31,300 बहनों को 4 करोड़ 69 लाख 50 हजार रुपये, किरनापुर की 38,387 बहनों को 5 करोड़ 75 लाख 80 हजार 500 रुपये, लालबर्रा की 37,255 बहनों को 5 करोड़ 58 लाख 82 हजार 500 रुपये, लांजी की 38,207 बहनों को 5 करोड़ 73 लाख 10 हजार 500 रुपये, परसवाड़ा की 22,139 बहनों को 3 करोड़ 32 लाख 08 हजार 500 रुपये तथा वारासिवनी की 32,930 बहनों के खातों में 4 करोड़ 93 लाख 95 हजार रुपये अंतरित किए गए। नगरीय क्षेत्रों में भी पहुंची योजना की राशि नगरीय निकायों में नगर पालिका बालाघाट की 8,817 बहनों को 1 करोड़ 32 लाख 25 हजार 500 रुपये, नगर पालिका मलाजखंड की 5,828 बहनों को 87 लाख 42 हजार रुपये, नगर पालिका वारासिवनी की 3,756 बहनों को 56 लाख 34 हजार रुपये, नगर परिषद बैहर की 2,654 बहनों को 39 लाख 81 हजार रुपये, नगर परिषद कटंगी की 2,413 बहनों को 36 लाख 19 हजार 500 रुपये तथा नगर परिषद लांजी की 2,384 बहनों को 35 लाख 76 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई। जून 2023 से अब तक 1688 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता जून 2023 में योजना प्रारंभ होने से लेकर 12 जुलाई 2026 तक बालाघाट जिले की 3 लाख 44 हजार 591 से अधिक लाड़ली बहनों को 1688 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्राप्त हो चुकी है। इस योजना ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ जिले की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान की है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम के लाइव प्रसारण में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री देवेन्द्र सुंदरियाल, बाल विकास परियोजना अधिकारी श्री शैलेन्द्र चौकसे, आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें उपस्थित रहीं। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #mp_wcdmp

Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 12, 2026

#बालाघाट 
एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत आरोग्य मंदिर परिसर में हुआ पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

       मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा संचालित "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत आरोग्य मंदिर परिसर, बैगाटोला में नगर विकास प्रस्फुटन समिति के माध्यम से पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला समन्वयक महेश पटले ने पौधारोपण कर अभियान की शुरुआत की और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

        इस अवसर पर उपस्थित जनों को अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। वक्ताओं ने कहा कि पौधारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित भविष्य सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने लोगों से अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।

        कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का सामूहिक संकल्प लिया। जन अभियान परिषद द्वारा संचालित इस अभियान का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना तथा प्रत्येक नागरिक को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करना है।

    कार्यक्रम में ब्लॉक समन्वयक परसवाड़ा सुनील साहू, जनभागीदारी अध्यक्ष राजीव परते, नवांकुर संस्था के कुंदन मेरावी, मेंटर शिवनाथ यादव, आकांक्षा तेकाम, संगीता मार्को, नगर विकास प्रस्फुटन समिति की अध्यक्ष साक्षी तिवारी, अभय यादव सहित समिति के सदस्य एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

#एक_पेड़_माँ_के_नाम
#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP

#बालाघाट एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत आरोग्य मंदिर परिसर में हुआ पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा संचालित "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत आरोग्य मंदिर परिसर, बैगाटोला में नगर विकास प्रस्फुटन समिति के माध्यम से पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला समन्वयक महेश पटले ने पौधारोपण कर अभियान की शुरुआत की और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर उपस्थित जनों को अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। वक्ताओं ने कहा कि पौधारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित भविष्य सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने लोगों से अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का सामूहिक संकल्प लिया। जन अभियान परिषद द्वारा संचालित इस अभियान का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना तथा प्रत्येक नागरिक को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम में ब्लॉक समन्वयक परसवाड़ा सुनील साहू, जनभागीदारी अध्यक्ष राजीव परते, नवांकुर संस्था के कुंदन मेरावी, मेंटर शिवनाथ यादव, आकांक्षा तेकाम, संगीता मार्को, नगर विकास प्रस्फुटन समिति की अध्यक्ष साक्षी तिवारी, अभय यादव सहित समिति के सदस्य एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। #एक_पेड़_माँ_के_नाम #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP

Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 11, 2026

#बालाघाट 
लालबर्रा महाविद्यालय में दीक्षारंभ सह-प्रेरणा कार्यक्रम का हुआ समापन

       शासकीय महाविद्यालय लालबर्रा में नवीन प्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित तीन दिवसीय दीक्षारंभ सह-प्रेरणा कार्यक्रम का समापन 3 जुलाई 2026 को हुआ। कार्यक्रम के तीसरे एवं अंतिम दिवस विद्यार्थियों के स्वागत, परिचय और मार्गदर्शन पर केंद्रित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।

            कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पूजन-अर्चन के साथ हुआ। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. संगीता मेश्राम के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से परिचित कराया गया।

            प्रो. सुमन बरवा ने विद्यार्थियों को शिकायत निवारण तंत्र एवं परामर्श सेवाओं की जानकारी दी। एनएसएस अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार भिमटे ने स्थानीय समाजसेवियों, पूर्व छात्रों एवं अभिभावकों का परिचय कराते हुए उनके योगदान पर प्रकाश डाला। डॉ. निर्मल कीर्ति गेडाम ने शिकायत निवारण व्यवस्था एवं संबंधित हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी।

            डॉ. देवराज चैरे ने प्रवेश प्रक्रिया, विषय चयन एवं परीक्षा प्रणाली के संबंध में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। साथ ही विद्यार्थियों को महाविद्यालय के पुस्तकालय, ई-लाइब्रेरी, प्रयोगशालाओं, रैम्प, जिम, छात्रावास सहित विभिन्न सुविधाओं का भ्रमण कराया गया तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।

             श्री नरेश सौलखे ने करियर मार्गदर्शन पर विस्तृत जानकारी देते हुए भविष्य की संभावनाओं से विद्यार्थियों को अवगत कराया। डॉ. हृषिकेश पटेल ने विद्यार्थियों में अनुशासन, नैतिकता एवं संस्थान के प्रति अपनत्व की भावना विकसित करने का संदेश दिया। वहीं श्रीमती भूमेश्वरी ठाकरे ने उत्कृष्टता की भावना के साथ निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

         कार्यक्रम का संचालन डॉ. कामाक्षा बिसेन ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. देवराज चैरे ने व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय के समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की।

#CMMadhyaPradesh 
#JansamparkMP 
#HigherEducation

#बालाघाट लालबर्रा महाविद्यालय में दीक्षारंभ सह-प्रेरणा कार्यक्रम का हुआ समापन शासकीय महाविद्यालय लालबर्रा में नवीन प्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित तीन दिवसीय दीक्षारंभ सह-प्रेरणा कार्यक्रम का समापन 3 जुलाई 2026 को हुआ। कार्यक्रम के तीसरे एवं अंतिम दिवस विद्यार्थियों के स्वागत, परिचय और मार्गदर्शन पर केंद्रित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पूजन-अर्चन के साथ हुआ। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. संगीता मेश्राम के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से परिचित कराया गया। प्रो. सुमन बरवा ने विद्यार्थियों को शिकायत निवारण तंत्र एवं परामर्श सेवाओं की जानकारी दी। एनएसएस अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार भिमटे ने स्थानीय समाजसेवियों, पूर्व छात्रों एवं अभिभावकों का परिचय कराते हुए उनके योगदान पर प्रकाश डाला। डॉ. निर्मल कीर्ति गेडाम ने शिकायत निवारण व्यवस्था एवं संबंधित हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। डॉ. देवराज चैरे ने प्रवेश प्रक्रिया, विषय चयन एवं परीक्षा प्रणाली के संबंध में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। साथ ही विद्यार्थियों को महाविद्यालय के पुस्तकालय, ई-लाइब्रेरी, प्रयोगशालाओं, रैम्प, जिम, छात्रावास सहित विभिन्न सुविधाओं का भ्रमण कराया गया तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। श्री नरेश सौलखे ने करियर मार्गदर्शन पर विस्तृत जानकारी देते हुए भविष्य की संभावनाओं से विद्यार्थियों को अवगत कराया। डॉ. हृषिकेश पटेल ने विद्यार्थियों में अनुशासन, नैतिकता एवं संस्थान के प्रति अपनत्व की भावना विकसित करने का संदेश दिया। वहीं श्रीमती भूमेश्वरी ठाकरे ने उत्कृष्टता की भावना के साथ निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कामाक्षा बिसेन ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. देवराज चैरे ने व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय के समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #HigherEducation

Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 11, 2026

#बालाघाट 
जिला स्तरीय खेल कैलेंडर निर्माण बैठक संपन्न, नई खेल प्रतिभाओं को तराशने पर जोर

     लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल के निर्देशों के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के जिला स्तरीय खेल कैलेंडर के निर्माण को लेकर शनिवार को शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, बालाघाट में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक जिला शिक्षा अधिकारी धनश्री जैन के निर्देशानुसार, सहायक संचालक श्री मरावी के मार्गदर्शन में तथा जिला खेल अधिकारी दीपक गिरी गोस्वामी की उपस्थिति में संपन्न हुई।

       बैठक में शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य शेख इजराइल दूधगोरे, प्राचार्य खेमन लिल्हारे, मॉडल स्कूल बैहर के प्राचार्य सुनील खोब्रागड़े, कन्या विद्यालय वारासिवनी के श्री चौहान सहित जिलेभर के पीटीआई, खेल शिक्षक एवं क्रीड़ा प्रभारी शामिल हुए। कार्यक्रम में 100 से अधिक क्रीड़ा प्रभारियों एवं खेल अधिकारियों ने सहभागिता की।

       बैठक में वर्ष 2026-27 के जिला स्तरीय खेल कैलेंडर का प्रारूप तैयार करने, विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन, खिलाड़ियों के चयन, खेल गतिविधियों के प्रभावी संचालन तथा उभरती खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

     इस दौरान सभी क्रीड़ा प्रभारियों और खेल शिक्षकों से अपने-अपने विद्यालयों में खेल गतिविधियों को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा खिलाड़ियों को जिला, संभाग और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तैयारी कराने का आह्वान किया गया। अधिकारियों ने कहा कि विद्यालय स्तर पर नियमित अभ्यास और बेहतर प्रशिक्षण से ही जिले की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

       बैठक में हरीश धुवारे, जय ठाकरे, सुनीता बिसेन, विभा दुबे, बंटी बिसेन, मीना मेश्राम, पुरुषोत्तम लिल्हारे, मनोज उपवंशी, शैलेष नागपुरे, रमा तेकाम, हर्षिता मुनेश्वर, माहेश्वरी घोरमारे सहित जिले के समस्त पीटीआई एवं प्रभारी खेल शिक्षक उपस्थित रहे।

       बैठक का समापन खिलाड़ियों को प्रेरित करने वाले संदेश "खेलो, आगे बढ़ो और अपने विद्यालय, जिले एवं प्रदेश का नाम रोशन करो" के साथ हुआ। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि सुनियोजित खेल कैलेंडर से जिले में खेल गतिविधियों को नई गति मिलेगी और अधिक से अधिक खिलाड़ी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे।

#CMMadhyaPradesh 
#SchoolEducation 
#JansamparkMP

#बालाघाट जिला स्तरीय खेल कैलेंडर निर्माण बैठक संपन्न, नई खेल प्रतिभाओं को तराशने पर जोर लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल के निर्देशों के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के जिला स्तरीय खेल कैलेंडर के निर्माण को लेकर शनिवार को शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, बालाघाट में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक जिला शिक्षा अधिकारी धनश्री जैन के निर्देशानुसार, सहायक संचालक श्री मरावी के मार्गदर्शन में तथा जिला खेल अधिकारी दीपक गिरी गोस्वामी की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य शेख इजराइल दूधगोरे, प्राचार्य खेमन लिल्हारे, मॉडल स्कूल बैहर के प्राचार्य सुनील खोब्रागड़े, कन्या विद्यालय वारासिवनी के श्री चौहान सहित जिलेभर के पीटीआई, खेल शिक्षक एवं क्रीड़ा प्रभारी शामिल हुए। कार्यक्रम में 100 से अधिक क्रीड़ा प्रभारियों एवं खेल अधिकारियों ने सहभागिता की। बैठक में वर्ष 2026-27 के जिला स्तरीय खेल कैलेंडर का प्रारूप तैयार करने, विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन, खिलाड़ियों के चयन, खेल गतिविधियों के प्रभावी संचालन तथा उभरती खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान सभी क्रीड़ा प्रभारियों और खेल शिक्षकों से अपने-अपने विद्यालयों में खेल गतिविधियों को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा खिलाड़ियों को जिला, संभाग और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तैयारी कराने का आह्वान किया गया। अधिकारियों ने कहा कि विद्यालय स्तर पर नियमित अभ्यास और बेहतर प्रशिक्षण से ही जिले की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। बैठक में हरीश धुवारे, जय ठाकरे, सुनीता बिसेन, विभा दुबे, बंटी बिसेन, मीना मेश्राम, पुरुषोत्तम लिल्हारे, मनोज उपवंशी, शैलेष नागपुरे, रमा तेकाम, हर्षिता मुनेश्वर, माहेश्वरी घोरमारे सहित जिले के समस्त पीटीआई एवं प्रभारी खेल शिक्षक उपस्थित रहे। बैठक का समापन खिलाड़ियों को प्रेरित करने वाले संदेश "खेलो, आगे बढ़ो और अपने विद्यालय, जिले एवं प्रदेश का नाम रोशन करो" के साथ हुआ। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि सुनियोजित खेल कैलेंडर से जिले में खेल गतिविधियों को नई गति मिलेगी और अधिक से अधिक खिलाड़ी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे। #CMMadhyaPradesh #SchoolEducation #JansamparkMP

Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 11, 2026

#बालाघाट 
बालाघाट में खेती का नया स्वरूप: धान की जगह अमरूद और अंतर्वर्ती फसलों से राजेन्द्र पंचेश्वर ने लिखी सफलता की इबारत

      धान के कटोरे के रूप में मशहूर बालाघाट जिले में अब किसान नई तकनीक और विविधता की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। लालबर्रा विकासखंड के ग्राम अमोली के प्रगतिशील किसान राजेन्द्र पंचेश्वर ने अपनी पारंपरिक खेती में एक साहसिक नवाचार करते हुए धान की जगह बागवानी और मिश्रित खेती का रुख किया है, जो पूरे जिले के किसानों के लिए एक नजीर बन गया है।

       धान की लकीर से हटकर एक नई शुरुआत

     राजेन्द्र पंचेश्वर ने अपनी एक एकड़ जमीन पर धान की पारंपरिक खेती को छोड़कर अमरूद (Guava) के पौधे रोपे हैं। केवल अमरूद तक ही सीमित न रहकर, उन्होंने 'मल्टी-लेयर' या अंतर्वर्ती फसल प्रणाली का अनूठा उदाहरण पेश किया है। उन्होंने अमरूद के पौधों के बीच खाली जगह का उपयोग अदरक और अरहर की खेती के लिए किया है।

      इस नवाचार को और अधिक समृद्ध बनाने के लिए अब उन्हें  अदरक, अरहर और अमरूद के पौधों के बीच की खाली जगह पर मक्का की फसल लगाने की भी सलाह दी गई है, जिससे खेत की हर इंच भूमि उपयोग में आ सके और किसान की आय बढ़ सके।

           कृषि विभाग का साथ और मार्गदर्शन

      इस नवाचार को सफल बनाने में कृषि विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उप संचालक कृषि, श्री फूलसिंह मालवीय ने बताया कि लालबर्रा की वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की टीम लगातार राजेन्द्र पंचेश्वर के संपर्क में है। उन्हें अंतर्वर्ती फसलों (Intercropping) के बेहतर प्रबंधन और उत्पादन बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

              इस मॉडल के तीन बड़े फायदे

     राजेन्द्र पंचेश्वर का यह प्रयोग न केवल आर्थिक दृष्टि से फायदेमंद है, बल्कि पर्यावरण और संसाधन प्रबंधन के लिहाज से भी बेहतरीन है। इससे पानी की बचत होगी।धान की फसल में प्रचुर मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है, जबकि अमरूद, अदरक और अरहर की खेती में धान की तुलना में काफी कम पानी लगता है। इससे आय में वृद्धि होगी। एक ही खेत से अमरूद (फल), अदरक (मसाला) और अरहर/मक्का (दाल/अनाज) मिलने से किसान की आय के स्रोत बढ़ गए हैं। यह मॉडल धान की एकल खेती की तुलना में कहीं अधिक मुनाफा देने वाला है। इससे मिट्टी का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।अलग-अलग तरह की फसलें लेने से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और रसायनों पर निर्भरता कम होती है।

            अन्य किसानों के लिए प्रेरणा

       ग्राम अमोली के राजेन्द्र पंचेश्वर का यह प्रयास यह साबित करता है कि यदि किसान सही मार्गदर्शन के साथ नई तकनीक अपनाए, तो खेती को घाटे का सौदा नहीं, बल्कि एक लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है। बालाघाट के अन्य किसान भी अब इस 'अमोली मॉडल' को देखकर अपनी खेती की दिशा बदलने पर विचार कर रहे हैं।

       यह नवाचार न केवल राजेन्द्र पंचेश्वर की तकदीर बदलेगा, बल्कि बालाघाट की कृषि को एक नई और आधुनिक पहचान दिलाने में भी मदद करेगा।
#CMMadhyaPradesh 
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#बालाघाट बालाघाट में खेती का नया स्वरूप: धान की जगह अमरूद और अंतर्वर्ती फसलों से राजेन्द्र पंचेश्वर ने लिखी सफलता की इबारत धान के कटोरे के रूप में मशहूर बालाघाट जिले में अब किसान नई तकनीक और विविधता की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। लालबर्रा विकासखंड के ग्राम अमोली के प्रगतिशील किसान राजेन्द्र पंचेश्वर ने अपनी पारंपरिक खेती में एक साहसिक नवाचार करते हुए धान की जगह बागवानी और मिश्रित खेती का रुख किया है, जो पूरे जिले के किसानों के लिए एक नजीर बन गया है। धान की लकीर से हटकर एक नई शुरुआत राजेन्द्र पंचेश्वर ने अपनी एक एकड़ जमीन पर धान की पारंपरिक खेती को छोड़कर अमरूद (Guava) के पौधे रोपे हैं। केवल अमरूद तक ही सीमित न रहकर, उन्होंने 'मल्टी-लेयर' या अंतर्वर्ती फसल प्रणाली का अनूठा उदाहरण पेश किया है। उन्होंने अमरूद के पौधों के बीच खाली जगह का उपयोग अदरक और अरहर की खेती के लिए किया है। इस नवाचार को और अधिक समृद्ध बनाने के लिए अब उन्हें अदरक, अरहर और अमरूद के पौधों के बीच की खाली जगह पर मक्का की फसल लगाने की भी सलाह दी गई है, जिससे खेत की हर इंच भूमि उपयोग में आ सके और किसान की आय बढ़ सके। कृषि विभाग का साथ और मार्गदर्शन इस नवाचार को सफल बनाने में कृषि विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उप संचालक कृषि, श्री फूलसिंह मालवीय ने बताया कि लालबर्रा की वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की टीम लगातार राजेन्द्र पंचेश्वर के संपर्क में है। उन्हें अंतर्वर्ती फसलों (Intercropping) के बेहतर प्रबंधन और उत्पादन बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इस मॉडल के तीन बड़े फायदे राजेन्द्र पंचेश्वर का यह प्रयोग न केवल आर्थिक दृष्टि से फायदेमंद है, बल्कि पर्यावरण और संसाधन प्रबंधन के लिहाज से भी बेहतरीन है। इससे पानी की बचत होगी।धान की फसल में प्रचुर मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है, जबकि अमरूद, अदरक और अरहर की खेती में धान की तुलना में काफी कम पानी लगता है। इससे आय में वृद्धि होगी। एक ही खेत से अमरूद (फल), अदरक (मसाला) और अरहर/मक्का (दाल/अनाज) मिलने से किसान की आय के स्रोत बढ़ गए हैं। यह मॉडल धान की एकल खेती की तुलना में कहीं अधिक मुनाफा देने वाला है। इससे मिट्टी का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।अलग-अलग तरह की फसलें लेने से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और रसायनों पर निर्भरता कम होती है। अन्य किसानों के लिए प्रेरणा ग्राम अमोली के राजेन्द्र पंचेश्वर का यह प्रयास यह साबित करता है कि यदि किसान सही मार्गदर्शन के साथ नई तकनीक अपनाए, तो खेती को घाटे का सौदा नहीं, बल्कि एक लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है। बालाघाट के अन्य किसान भी अब इस 'अमोली मॉडल' को देखकर अपनी खेती की दिशा बदलने पर विचार कर रहे हैं। यह नवाचार न केवल राजेन्द्र पंचेश्वर की तकदीर बदलेगा, बल्कि बालाघाट की कृषि को एक नई और आधुनिक पहचान दिलाने में भी मदद करेगा। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #healthminmp

Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 11, 2026

बालाघाट: दीनी और बटरमारा गांव के बीच महिलाओं से भरी पिकअप पलटी, 15 से अधिक घायल, दो की हालत गंभीर - Balaghat News