पीसांगन: डरता हूं मगर कायर नहीं हूं, सच लिखता हूं मैं शायर नहीं हूं क्योंकि मैं पत्रकार हूं, हादसे के 5 दिन बाद भी बलियो के भरोसे
रात को रात्रि 8:00 बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार नौसर घाटी में 5 दिन पूर्व हुए वक्त हादसे के बाद महेश सड़क पर बलिया लगाकर ही काम चलाया जा रहा है ऐसे में कहीं ना कहीं प्रशासन की लापरवाही साफ नजर आ रही है या प्रशासन फिर से कोई बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है रात्रि के समय यहां पर दृश्यता बिल्कुल कम हो जाती है और ऐसे मे सिर्फ महाजबलियों के सहारे काम चल रहा है