**जनसभा में सरकारी योजनाओं पर बरसीं खुशियां, तहसीलदार की नियुक्ति न होने पर विधायक की कड़ी निंदा; रोहित गुप्ता के निवास पर हुई बैठक में फूटा जनता का आक्रोश**
**मऊगंज/देवतालाब:** मऊगंज जिले के देवतालाब विधानसभा अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सीतापुर में उद्घाटन और विकास कार्यों के सिलसिले में एक महत्वपूर्ण जनसभा और बैठक का आयोजन स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक रोहित गुप्ता के गृह निवास पर किया गया। विधायक जी की गरिमामयी मौजूदगी में आयोजित इस बैठक में एक तरफ जहां सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन को लेकर प्रसन्नता देखी गई, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय प्रशासनिक उदासीनता को लेकर जनता का तीखा आक्रोश भी खुलकर सामने आया। बैठक में विधायक जी के विकासपरक दृष्टिकोण और क्षेत्र में किए गए कार्यों की जमकर तारीफ की गई। वक्ताओं ने रेखांकित किया कि पिछले 20-25 वर्षों की तुलना में आज क्षेत्र की सड़कों की स्थिति में अभूतपूर्व सुधार हुआ है और बेहतर कनेक्टिविटी से विकास को नए पंख मिले हैं। इसके साथ ही आयुष्मान भारत योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को ₹7 लाख तक के मुफ्त इलाज की सुरक्षा देना, संबल योजना के माध्यम से पीड़ित परिवारों को ₹4 लाख तक की त्वरित आर्थिक सहायता पहुंचाना और लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत बिना किसी भेदभाव के महिलाओं को ₹1500 की राशि देकर सशक्त बनाना विधायक जी के कुशल नेतृत्व और संवेदनशीलता को दर्शाता है, जिसके लिए जनता ने उनका आभार जताया। परंतु, इस सराहना के बीच बैठक का माहौल उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया जब क्षेत्र की सबसे ज्वलंत समस्या यानी तहसील में तहसीलदार की स्थाई नियुक्ति का मुद्दा उठा। ग्राम पंचायत सीतापुर की जनता को इस बार पूर्ण विश्वास था कि रोहित गुप्ता के निवास पर हो रही इस अहम बैठक में विधायक जी जनभावनाओं का सम्मान करते हुए मंच से ही तहसीलदार की नियुक्ति का ठोस आदेश या घोषणा कर देंगे, लेकिन हमेशा की तरह इस बार भी ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया। इस प्रशासनिक विफलता को लेकर उपस्थित ग्रामीणों और बैठक में मौजूद लोगों ने विधायक जी की कड़ी निंदा की और मंच पर ही अपनी भारी नाराजगी दर्ज कराई। लोगों का कहना था कि छोटे-छोटे राजस्व और प्रशासनिक कार्यों के लिए जनता महीनों से भटक रही है, लेकिन जनप्रतनिधि इस गंभीर समस्या पर मौन साधे हुए हैं। योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के दावों के बीच तहसीलदार न होने से उपजे इस असंतोष ने विधायक की कार्यशैली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। अब सीतापुर और आसपास के पूरे क्षेत्र में यह सवाल तेजी से गूंज रहा है कि क्या जनता अपनी जायज मांगों के लिए यूं ही प्रशासनिक चौखटों पर भटकने को मजबूर रहेगी? बैठक के समापन पर भले ही 'सबका साथ, सबका विकास' का संकल्प दोहराया गया हो, लेकिन तहसीलदार की नियुक्ति न होने से जनता का उदास मन और उपजा आक्रोश आने वाले समय में स्थानीय राजनीति की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
Mauganj, Rewa | Jun 18, 2026