अरुणाचल प्रदेश के केयी पैन्योर जिला में बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है। लगातार हो रही बारिश के चलते पहाड़ों से भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें नीचे आ गईं, जिससे कई घर देखते ही देखते बह गए और कई बस्तियां मलबे में दब गईं।
तबाही का मंजर इतना भयावह है कि मलबे के साथ लोगों की पूरी गृहस्थी ही नहीं, बल्कि कई इंसानी जिंदगियां भी बह गईं। कहीं घरों के अवशेष दिखाई दे रहे हैं तो कहीं लोगों का वर्षों की मेहनत से बनाया आशियाना मिट्टी और पत्थरों के नीचे दब गया है। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रहे हैं, लेकिन खराब मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां राहत कार्यों में बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के सामने अब सिर छिपाने और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है।
प्रकृति के इस कहर ने एक बार फिर दिखा दिया कि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश किस तरह कुछ ही पलों में लोगों की पूरी दुनिया उजाड़ सकती है। यहां सिर्फ मकान नहीं बहे हैं, बल्कि उन मकानों में बसने वाले लोगों के सपने, उम्मीदें और जीवन भर की कमाई भी मलबे में समा गई है।
Baraut, Bagpat | Jun 25, 2026