रोहतक की डी-पार्क मार्केट में भीषण अग्निकांड, दो के शव बरामद; 10 दुकानें जलकर राख
रोहतक, 9 जून।
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के निवास से करीब 50 मीटर दूर स्थित डी-पार्क मार्केट में मंगलवार दोपहर लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा रूप ले लिया। आग पर कई घंटों की मशक्कत के बाद काबू पाया गया, लेकिन देर शाम एनडीआरएफ की सर्च टीम ने दुकानों के अंदर से दो युवकों के शव बरामद किए। हादसे में करीब 10 दुकानें जलकर राख हो गईं, जबकि एक व्यक्ति के लापता होने की भी सूचना है। मृतकों की पहचान 19 वर्षीय सौरभ उर्फ रोहित और 38 वर्षीय अमन के रूप में हुई है। सौरभ उस जूते के शोरूम में कार्यरत था, जहां से आग की शुरुआत होने की बात सामने आ रही है। दोनों शवों को एंबुलेंस के माध्यम से पीजीआई रोहतक भेजा गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे डी-पार्क मार्केट स्थित रोहतक शूज शोरूम में लगे एसी का कंप्रेसर फट गया। धमाके के साथ आग भड़क उठी और कुछ ही मिनटों में शोरूम के साथ-साथ आसपास की अन्य दुकानों तक फैल गई। उस समय दुकानों में ग्राहक और कर्मचारी मौजूद थे, जिससे अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए, लेकिन स्थानीय लोगों और व्यापारियों का आरोप है कि शुरुआती दौर में फायर ब्रिगेड की केवल एक गाड़ी ही मौके पर पहुंची। आग लगातार फैलती रही और बाद में रोहतक के अलावा झज्जर, बहादुरगढ़, जींद, भिवानी और गोहाना से भी दमकल वाहन बुलाने पड़े। करीब 20 फायर ब्रिगेड गाड़ियों ने संयुक्त रूप से आग बुझाने का अभियान चलाया।
देर शाम आग पर काफी हद तक काबू पाने के बाद एनडीआरएफ की टीम ने दुकानों के भीतर सर्च अभियान शुरू किया। इसी दौरान दो शव बरामद हुए। वहीं कपिल नामक एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिलने के बाद तलाश अभियान जारी रखा गया। घटना के बाद बाजार में मातम का माहौल देखने को मिला। कई दुकानदार और उनके परिजन सड़कों पर रोते-बिलखते नजर आए। मौके पर पहुंचे सांसद Deepender Singh Hooda से एक दुकानदार गले लगकर फूट-फूटकर रो पड़ा और अपने बेटे का पता लगाने की गुहार लगाई।
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि दुकानदारों ने उन्हें बताया है कि पुलिस अधिकारी तो समय पर पहुंच गए थे, लेकिन फायर ब्रिगेड की पर्याप्त गाड़ियां देर से पहुंचीं। यदि समय रहते अधिक संसाधन उपलब्ध हो जाते तो नुकसान कम हो सकता था। उन्होंने फायर ब्रिगेड की प्रतिक्रिया समय की जांच कराने की मांग की और प्रभावित व्यापारियों को उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। बताया जा रहा है कि आग से बचने के प्रयास में एक 24 वर्षीय युवक बाहर निकल रहा था, लेकिन इसी दौरान एक होर्डिंग गिरने से वह दोबारा अंदर फंस गया। उसका अभी तक पता नहीं चल पाया है।
गौरतलब है कि वर्ष 2016 के जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान इसी बाजार में आगजनी और लूटपाट हुई थी, लेकिन उस समय जिन दुकानों को नुकसान नहीं पहुंचा था, वे इस बार की आग में बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। व्यापारियों का कहना है कि रोहतक में इससे पहले इतनी बड़ी आग की घटना उन्होंने कभी नहीं देखी।
फायर ब्रिगेड की देरी पर उठे सवाल
डी-पार्क मार्केट के व्यापारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि आग लगने के बाद शुरुआती समय में केवल एक फायर ब्रिगेड वाहन ही मौके पर पहुंचा। आग तेजी से फैलती रही और अतिरिक्त दमकल वाहनों को अन्य जिलों से बुलाना पड़ा। व्यापारियों का कहना है कि यदि शुरुआती चरण में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो जाते तो 10 दुकानों को जलने से बचाया जा सकता था। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी इस मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि दमकल विभाग की प्रतिक्रिया में देरी क्यों हुई।
Sirsa, Sirsa | Jun 9, 2026