जी ए वी जैन आदर्श विद्यालय में धूमधाम से मनाई गई गांधी जयंती
विद्यार्थियों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प
कार्यक्रम में सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के मार्ग को अपनाने पर दिया गया भारी जोर
फाजिल्का,01 अक्तूबर(सोनू वर्मा): जी ए वी जैन आदर्श विद्यालय के प्रांगण में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। विद्यालय के चेयरमैन अनिल जैन के दिशा-निर्देशों में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और बापू को नमन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रिंसिपल नरेश सपड़ा ने की। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी जी का पूरा जीवन सत्य और अहिंसा का एक जीता जागता उदाहरण है। प्रिंसिपल नरेश सपड़ा ने बच्चों को बताया कि गांधी जी ने बिना किसी हथियार के शांतिपूर्ण तरीके से देश को आजादी दिलाने में जो अहम भूमिका निभाई, वह पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे बापू के दिखाए गए सत्य, प्रेम, सादगी और भाईचारे के मार्ग को अपने जीवन में उतारें ताकि समाज में शांति और सद्भाव कायम रह सके।
विद्यालय की वाइस प्रिंसिपल शीनम धूड़िया ने बताया कि गांधी जयंती के उपलक्ष्य में विद्यालय प्रांगण में बच्चों के लिए विभिन्न विशेष गतिविधियों का आयोजन किया गया। वाइस प्रिंसिपल शीनम धूड़िया की देखरेख में बच्चों ने भाषण प्रतियोगिता, देशभक्ति कविता गायन और सर्वधर्म प्रार्थना सभा में बड़े उत्साह के साथ हिस्सा लिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक और चुनौतीपूर्ण दौर में भी गांधी जी के विचार उतने ही प्रासंगिक हैं जितने पहले थे। उन्होंने बच्चों को स्वदेशी अपनाने और स्वच्छता का महत्व समझाया, जिसके बाद सभी विद्यार्थियों ने बापू के स्वच्छ भारत के सपने को पूरा करने के लिए अपने आस-पास सफाई रखने का संकल्प लिया।
विद्यालय के चेयरमैन अनिल जैन ने भी इस अवसर पर अपना संदेश देते हुए सभी को गांधी जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि किताबी शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में उच्च नैतिक मूल्यों का विकास करना ही इस संस्थान की मुख्य प्राथमिकता रही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ऐसे प्रेरणादायक आयोजन बच्चों को अपनी जड़ों और महान स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से जोड़े रखने का एक सबसे बेहतरीन माध्यम हैं। कार्यक्रम का समापन सभी के द्वारा गाए गए राष्ट्रीय गान के साथ हुआ।