भीलवाड़ा: शिव-सती विवाह प्रसंग से भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, परमात्मा की भक्ति में जीवन को लगाना ही मनुष्य जीवन की सार्थकता
भीलवाड़ा। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर हरिशेवा उदासीन आश्रम, सनातन मंदिर, भीलवाड़ा में महामंडलेश्वर स्वामी श्री हंसराम जी उदासीन महाराज के सान्निध्य एवं कथा प्रवक्ता डॉ. स्वामी निर्मल दास जी महाराज के श्रीमुख से चल रही श्री शिवमहापुराण कथा के चतुर्थ दिवस श्रद्धालु भगवान शिव एवं माता सती की दिव्य लीलाओं का रसपान कर भाव-विभोर हो उठे।