जब संसद का सत्र चलेगा, तो मैं हरिद्वार पुलिस द्वारा फाड़ी गई वही टी-शर्ट पहनकर सदन में जाऊंगा।
मैं माननीय अध्यक्ष जी को दिखाऊंगा कि एक चुने हुए सांसद के साथ हरिद्वार पुलिस ने किस प्रकार का व्यवहार किया। यह केवल मेरे साथ हुआ दुर्व्यवहार नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनता के जनादेश का भी अपमान है।
मैं इस पूरे मामले को सदन में पूरी मजबूती से उठाऊंगा और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करूंगा।