बस्ती में खाकी को ब्लैकमेल कर मौत के मुंह में धकेलने वाले हनीट्रैप गिरोह का पर्दाफाश, युवती समेत 3 गिरफ्तार
जनपद बस्ती, उत्तर प्रदेश 6 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश के जनपद बस्ती में वाल्टरगंज के थानाध्यक्ष रहे स्वर्गीय सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने एक शातिर और संगठित हनीट्रैप सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) परिक्षेत्र बस्ती द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे आपराधिक षड्यंत्र का आधिकारिक खुलासा किया गया।
घटनाक्रम और दर्ज मुकदमा
वाल्टरगंज के पूर्व थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह ने 29 अगस्त 2026 को बस्ती कलेक्ट्रेट परिसर स्थित अपने सरकारी आवास में फंदे से लटककर जान दे दी थी। इस मामले में मृतक के पुत्र संदीप सिंह (निवासी भीलमपुर छपरा, अतरौलिया, आजमगढ़) द्वारा दी गई तहरीर पर 5 सितंबर 2026 को थाना कोतवाली बस्ती में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और 3(5) के तहत मुकदमा अपराध संख्या 387/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी।
कोतवाली पुलिस और सर्विलांस टीम ने 6 सितंबर 2026 को सुबह करीब 07:55 बजे सदर अस्पताल चौराहे के पास से घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया:
प्रियंका चौधरी (उम्र 32 वर्ष) पुत्री रामनयन चौधरी, निवासी गंधार, थाना वाल्टरगंज (हाल मुकाम) / पत्नी महेंद्र चौधरी, निवासी बावनपार, थाना पैकोलिया, बस्ती (मुख्य षड्यंत्रकर्ता)।
रामनयन चौधरी पुत्र संपत चौधरी, निवासी गंधार, थाना वाल्टरगंज, बस्ती (मुख्य आरोपी का पिता)।
विजय प्रकाश यादव पुत्र भरतराम, निवासी पिपरा काजी, थाना पैकोलिया, बस्ती (पेशा: वकील एवं गिरोह का कानूनी मददगार)।
अपराध का तरीका (Modus Operandi)
पूछताछ में सामने आया कि प्रियंका चौधरी का 10 वर्ष पूर्व अपने पति से अलगाव हो गया था। वह मुंबई में ब्यूटी पार्लर व स्पा सेंटर में काम करती थी। वहां से लौटकर उसने संपन्न लोगों को शारीरिक आकर्षण के जाल में फंसाकर ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग बनाना शुरू किया। हनीट्रैप व वीडियो कॉल ड्रामा: वह व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर हाथ की नस काटकर खून निकलता दिखाकर पीड़ितों को भावनात्मक व मानसिक रूप से ब्लैकमेल करती थी।
संगठित वसूली तंत्र: वसूली और कानूनी दांव-पेंच में उसके पिता रामनयन और वकील विजय प्रकाश यादव सक्रिय भूमिका निभाते थे, जो पीड़ितों को कानूनी फंदे में फंसाने की धमकी देकर मोटी रकम ऐंठते थे।
पूर्व में गिरोह का शिकार बने प्रमुख व्यक्ति
जांच में अब तक सामने आई अवैध उगाही का विवरण:
1 डॉ. उमेश (मकान मालिक, पुरैना, वाल्टरगंज): ₹4 लाख की अवैध वसूली। 2 अहमद रजा (बोलेरो चालक, जमदाशाही, वाल्टरगंज): ₹5 लाख की उगाही।
3 आर्यन दीक्षित उर्फ जितेंद्र दीक्षित (घाटकोपर ईस्ट, मुंबई/जबलपुर): ₹15 लाख की उगाही।
4 स्व. सूर्य प्रकाश सिंह (पूर्व थानाध्यक्ष, वाल्टरगंज): मानसिक प्रताड़ना व ब्लैकमेलिंग, जिसके चलते उन्होंने आत्महत्या की।
आत्महत्या की कड़ियां और डिजिटल साक्ष्य इलेक्ट्रॉनिक उपागमों (सीडीआर व सर्विलांस) के विश्लेषण से साबित हुआ कि घटना के दिन आरोपी विजय प्रकाश ने दोपहर 13:41 बजे थानाध्यक्ष को अंतिम कॉल कर भारी मानसिक दबाव बनाया था। इस लगातार प्रताड़ना से त्रस्त होकर उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया।
बरामदगी
एक बोलेरो गाड़ी (पंजीकरण संख्या: UP 51 BN 5805), जो पूर्व में पीड़ितों से ऐंठे गए रुपयों से खरीदी गई थी।
तीन अदद मोबाइल फोन (ब्लैकमेलिंग व साक्ष्यों से युक्त)।
सफलता प्राप्त करने वाली पुलिस टीम
प्रभारी निरीक्षक बृजानन्द सिंह (थाना कोतवाली), उपनिरीक्षक अजय कुमार यादव (चौकी प्रभारी जेलगेट), उपनिरीक्षक जयविन्द सिंह (चौकी प्रभारी रोडवेज), उपनिरीक्षक शेषनाथ यादव (प्रभारी सर्विलांस बस्ती), मुख्य आरक्षी देवेश, आरक्षी किशन सिंह, आरक्षी संतोष कुमार (सर्विलांस सेल) तथा आरक्षी स्कन्द यादव व आरक्षी राकेश यादव (थाना कोतवाली)।
गिरफ्तार तीनों अभियुक्तों को विधिक प्रक्रिया पूरी कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य संपर्कों और पीड़ितों के संबंध में गहन छानबीन कर रही है।
संवाददाता हरी ओम प्रकाश
राष्ट्रीय हिंदी दैनिक कौटिल्य का भारत
Basti, Basti | Sep 6, 2026