*यमुनानगर में जलभराव सरकार का फेलियर : श्याम सुंदर बतरा*
*जगाधरी से यमुनानगर तक जलमग्न हुए इलाके, प्रोफेसर कॉलोनी और मॉडल टाउन समेत कई कालोनियों में लोग परेशान*
*बतरा ने तीन महीने की सफाई पर उठाए सवाल*
यमुनानगर। बारिश ने एक बार फिर यमुनानगर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। जगाधरी से लेकर यमुनानगर तक कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। प्रोफेसर कॉलोनी, मॉडल टाउन समेत शहर की कई कालोनियों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर जमा पानी ने आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कांग्रेस नेता श्याम सुंदर बतरा ने शहर में जलभराव को लेकर सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यमुनानगर में जलभराव सरकार का फेलियर है। बारिश ने प्रशासन के उन दावों की पोल खोल दी है, जिनमें शहर की जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने और नालों की सफाई के दावे किए जा रहे थे। बतरा ने आरोप लगाया कि पिछले करीब तीन महीने से नालों की सफाई का काम चल रहा है, लेकिन यह सफाई केवल खानापूर्ति तक सीमित रही। यदि सफाई व्यवस्था सही तरीके से की गई होती तो बारिश के बाद शहर के इतने बड़े हिस्से में जलभराव की स्थिति पैदा नहीं होती। उन्होंने कहा कि जगाधरी से लेकर यमुनानगर तक जलभराव की स्थिति प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रोफेसर कॉलोनी, मॉडल टाउन सहित कई कालोनियों में लोग पानी के बीच रहने और आने-जाने को मजबूर हैं।
श्याम सुंदर बतरा ने सवाल उठाया कि जब पिछले तीन महीनों से सफाई अभियान चलाया जा रहा था तो बारिश के बाद नाले और जल निकासी व्यवस्था क्यों फेल हो गई? उन्होंने कहा कि जनता के पैसे खर्च करने के बावजूद यदि हर बारिश में शहर की यही तस्वीर सामने आती है तो सफाई अभियान की गुणवत्ता और उसकी निगरानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है। कांग्रेस नेता ने प्रशासन से मांग की कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए और सफाई कार्यों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने कहा कि बारिश ने सिर्फ शहर को पानी में नहीं डुबोया, बल्कि सरकार और प्रशासन के जल निकासी व्यवस्था को लेकर किए जा रहे दावों को भी सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।