हिन्दी साहित्य के भक्तिकालीन युग में ज्ञानाश्रयी-निर्गुण शाखा की काव्यधारा के प्रवर्तक, धर्मनिरपेक्ष, रहस्यवादी व ढोंग-पाखण्ड को निरन्तर अपने सुविचारों से खण्डित करने वाले महान लोककवि संत कबीर जी की जन्म जयंती पर शत शत नमन !
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#SantKabir
हिन्दी साहित्य के भक्तिकालीन युग में ज्ञानाश्रयी-निर्गुण शाखा की काव्यधारा के प्रवर्तक, धर्मनिरपेक्ष, रहस्यवादी व ढोंग-पाखण्ड को निरन्तर अपने सुविचारों से खण्डित करने वाले महान लोककवि संत कबीर जी की जन्म जयंती पर शत शत नमन !
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