उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में झोलाछाप डॉक्टरों (फर्जी डॉक्टरों) की लापरवाही और गलत इलाज के हाल ही में कुछ बेहद गंभीर मामले सामने आए हैं, जिन पर कोर्ट और प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है:
गलत ऑपरेशन पर ऐतिहासिक उम्रकैद की सजा (अक्टूबर 2026): अमरोहा की एमपी-एमएलए कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दो झोलाछाप डॉक्टरों (अस्पताल संचालक विल्सन और झोलाछाप मुस्तफा) को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इन दोनों ने साल 2017 में रहरा क्षेत्र के 'युग मेडिकल सेंटर' में बिना परिवार की सहमति के एक गर्भवती महिला (रूबी) का गलत सिजेरियन ऑपरेशन कर दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। अमरोहा के न्यायिक इतिहास में लापरवाही से मौत के मामले में झोलाछापों को उम्रकैद मिलने का यह पहला मामला है। इसके साथ ही कोर्ट ने लापरवाही बरतने पर तत्कालीन डीएम और सीएमओ को भी नोटिस जारी किया है।