आज दिनांक-07.08.2026 को महात्मा गाँधी प्रेक्षा गृह, मोतिहारी में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विकसित भारत-जी राम जी योजनान्तर्गत पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया।
सर्वप्रथम जिलाधिकारी श्री सौरभ सुमन यादव, जिला परिषद् अध्यक्षा श्री मती ममता राय, उप विकास आयुक्त डॉ प्रदीप कुमार,सहायक समाहर्त्ता श्री राज कृष्ण झा,जिला पंचायत राज पदाधिकारी श्री राम जनम पासवान एवं निदेशक, एन०ई०पी० डॉ कुंदन के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
उक्त कार्यक्रम में त्रि-स्तरीय पंचायत के जन-प्रतिनिधि यथा सभी जिला परिषद् सदस्य, सभी प्रखण्ड प्रमुख, उप प्रमुख, पंचायत समिति सदस्य एवं मुखियागण उपस्थित थे
पंच सम्मेलन में वीडियो/पी०पी०टी० के माध्यम से विकसित भारत-जी राम जी योजनान्तर्गत नई ग्रामीण रोजगार गारंटी व्यवस्था से संबंधित बिन्दुओं पर प्रकाश डालते हुए संबंधित विषय पर विस्तृत परिचर्चा की गई।
जिलाधिकारी द्वारा सम्मेलन में उपस्थित जनप्रतिनिधि गण को संबोधित करते हुए बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समय-समय पर अनेक योजनाएँ संचालित की गई है। वर्ष 2005 में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम लागू होने के साथ ही ग्रामीण परिवारों को पहली बार रोजगार प्राप्त करने का कानूनी अधिकार मिला। विगत लगभग 20 वर्षों में मनरेगा ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन एवं आधारभूत संरचना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पलायित होकर गांव लौटे प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने एवं उनकी आजीविका को संबल प्रदान करने में यह योजना अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुई है।
जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि ग्रामीण रोजगार योजना का उद्देश्य एक ओर ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराकर उनके आय में वृद्धि करना, यहीं दूसरी ओर उनके श्रम के माध्यम से जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, सिंचाई सुविधाओं का विकास, तालाब एवं पोखरों का जीर्णोद्धार, पौधारोपण, खेल मैदान, विद्यालयों की आधारभूत संरचनाओं सहित टिकाऊ एवं जनोपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण करना है। इन्हीं उददेश्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप नई ग्रामीण रोजगार गारंटी व्यवस्था लागू की गई है। उन्होनें स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था पूर्व की योजनाओं का पूर्णतः प्रतिस्थापन नहीं है, बल्कि उनके सफल एवं प्रभावी प्रावधानों को आगे बढाते हुए आवश्यक सुधार किये गये हैं जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के कुशल श्रमिक को व्यापक एवं सुनिश्चित रोजगार उपलब्ध कराना है। नए अधिनियम में ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके अतिरिक्त जल संरक्षण, आजीविका, कौशल विकास एवं आपदा प्रबंधन संबंधी फाइटिंग वर्क को भी इसमें शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के लागू होने से ग्रामीण क्षेत्र में जीवकोपार्जन का बेहतर माहौल बनेगा।यह अधिनियम 2047 में विकसित भारत की परिकल्पना को सुनिश्चित करने हेतु ग्रामीण विकास को मजबूती देने में सफल होगा। अधिनियम के क्रियान्वयन में आप सभी जनप्रतिनिधियों की सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका है आज के इस जागरूकता कार्यक्रम में बहुत सारी चीजें स्पष्ट हो जाएगी, जिसे आप सभी अच्छे से अवलोकन करें, आत्मसात करें एवं अधिनियम को बेहतर ढंग से क्रियान्वित करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि कार्य प्रभावित नहीं हो, इसके लिए 60 दिनों का "लीन पीरियड" निर्धारित किया गया है तथा रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इससे ग्रामीण श्रमिकों को अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। तथा कृषि कार्यों के लिए श्रमिकों की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी।
जिलाधिकारी द्वारा सभी उपस्थित जन प्रतिनिधियों एवं संबंधित पदाधिकारियों से आहवान किया गया कि योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार तक समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवतापूर्ण ढंग से पहुंचाना सुनिश्चित करें।
निदेशक, एन०ई०पी०, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, कार्यपालक अभियन्ता एवं कार्यक्रम पदाधिकारी, ढाका, कल्याणपुर, घोड़ासहन, चिरैया एवं केसरिया द्वारा विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम के विभिन्न पहलुओं एवं प्रभावी कार्यान्वयन से संबधित विषय पर विस्तारपूर्वक प्रस्तुतीकरण दिया गया।
पंच सम्मेलन के अन्त में धन्यवाद ज्ञापन के पश्चात् कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की गई।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
32 views | East Champaran, Bihar | Aug 7, 2026