चार दिन धरना, फिर सड़क पर उतरे पैरामेडिकल छात्र
स्टाइपेंड की मांग को लेकर श्रीकोट में निकाली रैली, बोले - शांतिपूर्ण धरने के बाद भी नहीं हुआ समाधान
श्रीनगर गढ़वाल। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के पैरामेडिकल इंटर्न छात्रों का स्टाइपेंड को लेकर चल रहा आंदोलन अब सड़क तक पहुंच गया है। चार दिन तक शांतिपूर्ण धरने पर बैठने के बाद भी मांगों पर समाधान नहीं होने से शनिवार को पैरामेडिकल छात्रों ने श्रीकोट में रैली निकालकर विरोध दर्ज कराया। बड़ी संख्या में छात्र रैली में शामिल हुए और स्टाइपेंड की मांग को लेकर आवाज बुलंद की।
छात्रों का कहना है कि वे पिछले चार दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठे थे। इस दौरान शासन-प्रशासन की ओर से उनकी मांगों के समाधान की उम्मीद थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा। रैली के दौरान छात्रों ने नारेबाजी करते हुए पूरे छह माह का स्टाइपेंड और ₹15 हजार प्रतिमाह स्टाइपेंड दिए जाने की मांग उठाई।
Gen-Z अंदाज में शुरू हुआ था आंदोलन :
स्टाइपेंड की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन अपने अलग अंदाज के कारण भी चर्चा में रहा है। धरने के दौरान छात्रों ने हाथों में मजेदार और Gen-Z अंदाज वाली तख्तियां लेकर अपनी मांग रखी थीं। इनमें ‘कुचु पुचु स्टाइपेंड दे दो’ और ‘कुचु पुचु मान जाओ ना’ जैसे संदेश लिखे थे। हालांकि, चार दिन तक शांतिपूर्ण तरीके से मांग रखने के बाद समाधान नहीं होने पर अब छात्रों ने रैली के जरिए अपना आक्रोश जताया है।
छह माह के स्टाइपेंड की मांग :
पैरामेडिकल छात्रों के 2022 बैच की मांग है कि इंटर्नशिप के पूरे छह माह का स्टाइपेंड दिया जाए और उन्हें ₹15 हजार प्रतिमाह की दर से भुगतान किया जाए। छात्रों का कहना है कि इंटर्नशिप के दौरान वे अस्पताल में नियमित सेवाएं दे रहे हैं। आठ से 12 घंटे तक की ड्यूटी के साथ इमरजेंसी ड्यूटी भी लगाई जाती है। छात्रों के अनुसार रविवार और सरकारी अवकाश के दिनों में भी उन्हें ड्यूटी करनी पड़ती है।
छात्रों ने शासन-प्रशासन से उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक स्टाइपेंड को लेकर स्पष्ट समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।