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#मध्यप्रदेश सांसद बैतूल जी द्वारा दुर्गवाती की शोभायात्रा निकलने की जानकारी दी READ NEWS पर दी.. #BETUL #DDUIKEY #MPNews #DURGAVATI @DdUikey @OfficeOfKNath @chouhanshivraj @CMMadhyaPradesh @nadim17331414 @rakeshsinha

13.8k views | Betul Nagar, Betul | Jun 24, 2023

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भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज बैतूल में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ‘आध्यात्मिक जागृति द्वारा आदिवासी समाज का सशक्तीकरण’ महासम्मेलन में शामिल हुईं।

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा, “आध्यात्मिक जागृति व्यक्ति को उसकी आंतरिक शक्तियों का अनुभव कराती है और उसे सकारात्मक सोच तथा जीवन के उच्च उद्देश्यों से जोड़ती है।”

आदिवासी समाज के सशक्तीकरण, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक उत्थान की दिशा में यह सम्मेलन एक प्रेरणादायक पहल है। 🌿🇮🇳

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भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज बैतूल में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ‘आध्यात्मिक जागृति द्वारा आदिवासी समाज का सशक्तीकरण’ महासम्मेलन में शामिल हुईं। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा, “आध्यात्मिक जागृति व्यक्ति को उसकी आंतरिक शक्तियों का अनुभव कराती है और उसे सकारात्मक सोच तथा जीवन के उच्च उद्देश्यों से जोड़ती है।” आदिवासी समाज के सशक्तीकरण, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक उत्थान की दिशा में यह सम्मेलन एक प्रेरणादायक पहल है। 🌿🇮🇳 #राष्ट्रपति_द्रौपदी_मुर्मु #DroupadiMurmu #PresidentOfIndia #बैतूल #Betul #मध्यप्रदेश #MadhyaPradesh #आध्यात्मिक_जागृति #आदिवासी_सशक्तीकरण #जनजातीय_गौरव #TribalEmpowerment #SpiritualAwakening #BrahmaKumaris #सकारात्मक_सोच #नारी_शक्ति #EmpoweringCommunities #बैतूल_गौरव #भारत_की_राष्ट्रपति #NewIndia #InspiringIndia #राष्ट्रपति_द्रौपदी_मुर्मु #आदिवासी_सशक्तीकरण #आध्यात्मिक_जागृति #बैतूल #जनजातीय_गौरव

Betul Nagar, Betul | Jun 18, 2026

"शहीदों के सरताज गुरु अर्जन देव जी को बैतूल में श्रद्धांजलि: गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा से गंज बस स्टैंड, साहनी एजेंसी तक चली सेवा की मिसाल"

बैतूल में सिख पंथ के पंचम पातशाह और शहीदों के सरताज श्री गुरु अर्जन Dev जी महाराज का शहीदी गुरपुरब श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव के साथ मनाया गया।
शहर के गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में सुबह से ही कीर्तन दीवान सजे, जहां रागी भाई करमजीत सिंह और तबला वादक भाई मंजीत सिंह ने गुरबाणी की अमृतमयी वाणी से संगत को निहाल किया।
गुरु साहिब की महान शहादत, अद्वितीय धैर्य और मानवता के संदेश को याद करते हुए श्रद्धालुओं ने उनके उपदेशों पर चलने का संकल्प लिया।
शहीदी गुरपुरब के अवसर पर गुरुद्वारा परिसर में छबील सेवा आयोजित की गई। इसके बाद यह सेवा शहर के व्यस्त गंज बस स्टैंड क्षेत्र में, साहनी एजेंसी के सामने भी लगाई गई, जहां भीषण गर्मी के बीच राहगीरों और यात्रियों को ठंडा मीठा शरबत और चने का प्रसाद वितरित किया गया।
गुरु सेवा और मानवता की मिसाल बनी इस पहल ने लोगों के दिलों को छू लिया। कार्यक्रम का समापन विश्व शांति, मानव कल्याण और सर्वजन सुख की अरदास के साथ हुआ।
#MadhyaPradesh, #SikhCommunity, #WaheguruJi और #HumanityFirst 
#गुरु_अर्जन_देव_जी
#शहीदी_गुरपुरब
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#गुरुद्वारा_श्री_गुरु_सिंह_सभा
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#गुरबाणी
#BetulNews

"शहीदों के सरताज गुरु अर्जन देव जी को बैतूल में श्रद्धांजलि: गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा से गंज बस स्टैंड, साहनी एजेंसी तक चली सेवा की मिसाल" बैतूल में सिख पंथ के पंचम पातशाह और शहीदों के सरताज श्री गुरु अर्जन Dev जी महाराज का शहीदी गुरपुरब श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव के साथ मनाया गया। शहर के गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में सुबह से ही कीर्तन दीवान सजे, जहां रागी भाई करमजीत सिंह और तबला वादक भाई मंजीत सिंह ने गुरबाणी की अमृतमयी वाणी से संगत को निहाल किया। गुरु साहिब की महान शहादत, अद्वितीय धैर्य और मानवता के संदेश को याद करते हुए श्रद्धालुओं ने उनके उपदेशों पर चलने का संकल्प लिया। शहीदी गुरपुरब के अवसर पर गुरुद्वारा परिसर में छबील सेवा आयोजित की गई। इसके बाद यह सेवा शहर के व्यस्त गंज बस स्टैंड क्षेत्र में, साहनी एजेंसी के सामने भी लगाई गई, जहां भीषण गर्मी के बीच राहगीरों और यात्रियों को ठंडा मीठा शरबत और चने का प्रसाद वितरित किया गया। गुरु सेवा और मानवता की मिसाल बनी इस पहल ने लोगों के दिलों को छू लिया। कार्यक्रम का समापन विश्व शांति, मानव कल्याण और सर्वजन सुख की अरदास के साथ हुआ। #MadhyaPradesh, #SikhCommunity, #WaheguruJi और #HumanityFirst #गुरु_अर्जन_देव_जी #शहीदी_गुरपुरब #बैतूल #गुरुद्वारा_श्री_गुरु_सिंह_सभा #छबील_सेवा #सेवा_परमो_धर्म #मानवता_की_मिसाल #सिख_पंथ #गुरबाणी #BetulNews

Betul Nagar, Betul | Jun 18, 2026

➡️ #विश्व_रक्तदाता_दिवस पर घोड़ाडोंगरी में निकली जागरूकता रैली 

विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर ब्लड बैंक जिला चिकित्सालय बैतूल द्वारा रक्तदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस वर्ष कार्यक्रम को जिला मुख्यालय तक सीमित न रखते हुए ब्लॉक स्तर पर भी विस्तार दिया गया, जिसके तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोड़ाडोंगरी में जागरूकता रैली एवं स्वैच्छिक रक्तदान शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में जागरूकता रैली के माध्यम से लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया गया तथा रक्त की आवश्यकता वाले मरीजों की सहायता के लिए आगे आने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर घोड़ाडोंगरी ब्लॉक की पांच सक्रिय रक्तदान समितियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। समितियों द्वारा जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने तथा स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए उनका अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर सभी उपस्थितजनों ने स्वैच्छिक रक्तदान करने और रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

Jansampark Madhya Pradesh 
Directorate of Health Services, Madhya Pradesh 
#JansamparkMP 
#बैतूल 
#betul
#CMHOBETUL

➡️ #विश्व_रक्तदाता_दिवस पर घोड़ाडोंगरी में निकली जागरूकता रैली विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर ब्लड बैंक जिला चिकित्सालय बैतूल द्वारा रक्तदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस वर्ष कार्यक्रम को जिला मुख्यालय तक सीमित न रखते हुए ब्लॉक स्तर पर भी विस्तार दिया गया, जिसके तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोड़ाडोंगरी में जागरूकता रैली एवं स्वैच्छिक रक्तदान शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जागरूकता रैली के माध्यम से लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया गया तथा रक्त की आवश्यकता वाले मरीजों की सहायता के लिए आगे आने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर घोड़ाडोंगरी ब्लॉक की पांच सक्रिय रक्तदान समितियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। समितियों द्वारा जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने तथा स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए उनका अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर सभी उपस्थितजनों ने स्वैच्छिक रक्तदान करने और रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। Jansampark Madhya Pradesh Directorate of Health Services, Madhya Pradesh #JansamparkMP #बैतूल #betul #CMHOBETUL

Betul Nagar, Betul | Jun 18, 2026

जयस ने पांचवीं अनुसूची के क्रियान्वयन और वन भूमि विवादों के खिलाफ सौंपा ज्ञापन
राष्ट्रपति से कहा- संविधान के बावजूद नहीं मिला आदिवासियों को संरक्षण
बैतूल। ब्रह्माकुमारी आश्रम के कार्यक्रम में शामिल होने बैतूल पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जयस संगठन, समस्त आदिवासी संगठनों और कोरकू संगठन के प्रतिनिधियों ने आदिवासी समाज से जुड़े संवैधानिक, भूमि और वन अधिकारों के मुद्दों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर बैतूल के माध्यम से दिए गए ज्ञापन में संविधान की पांचवीं अनुसूची के प्रभावी क्रियान्वयन, स्वतंत्र भारत में आदिवासी समाज पर हुए कथित ऐतिहासिक अन्यायों की समीक्षा तथा वन एवं राजस्व भूमि से जुड़े विवादों के स्थायी समाधान की मांग की गई।
महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि 26 जनवरी 1950 से 26 जनवरी 2026 तक के 76 वर्षीय संवैधानिक कालखंड में मध्यप्रदेश के राज्यपालों द्वारा संविधान की पांचवीं अनुसूची की धारा-5 के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग की भूमि छीने जाने अथवा भूमि आवंटन से जुड़े मामलों में एक बार भी प्रभावी हस्तक्षेप कर आदिवासी समाज को संरक्षण प्रदान नहीं किया गया। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि राष्ट्रपति भवन द्वारा पूर्व राज्यपाल पी.सी. अलेक्जेंडर की अध्यक्षता में गठित सात राज्यपालों की समिति ने मध्यप्रदेश में आदिवासी प्रतिनिधियों से चर्चा की थी, लेकिन भूमि अधिकारों के संरक्षण के लिए कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं आया।
- वन, भूमि और न्यायिक व्यवस्था पर लगाए आरोप
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि स्वतंत्र भारत में वन संरक्षण, जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण और विकास परियोजनाओं के नाम पर अनुसूचित जनजातियों को उनके पारंपरिक निवास क्षेत्रों से बेदखल किए जाने की प्रक्रिया को प्रशासनिक और न्यायिक संरक्षण मिला। सर्वोच्च न्यायालय के टी.एन. गोदाबर्मन प्रकरण की सिविल याचिका क्रमांक 202/95 में 12 दिसंबर 1996 के आदेश का उल्लेख करते हुए कहा गया कि जंगल मद में दर्ज भूमि को वन संरक्षण अधिनियम 1980 के दायरे की वन भूमि मानने से आदिवासी समाज पर हुए कथित ऐतिहासिक अन्याय दोहराए गए।
- बैतूल जिले की भूमि का दिया विस्तृत ब्यौरा 
ज्ञापन में बताया गया कि मध्यप्रदेश शासन ने बैतूल जिले के 1167 मालगुजारी ग्रामों तथा 103 रैय्यतवारी ग्रामों की सार्वजनिक एवं निस्तारी प्रयोजन की भूमि को राजस्व अभिलेखों में दखल रहित भूमि के रूप में दर्ज किया था। इसके बावजूद 12 जून 1956 को 683 राजस्व ग्रामों की तीन लाख 60 हजार 478 एकड़ भूमि वन विभाग को अंतरित कर दी गई। ज्ञापन के अनुसार इनमें गोठान, खलिहान, कब्रिस्तान, श्मशान, चरनोई, चारागाह, बाजार, जलाऊ लकड़ी, गौण खनिज, लघु वनोपज तथा अन्य सामुदायिक उपयोग की भूमि शामिल थी, जिन्हें बाद में वन विभाग ने संरक्षित वन मानकर कार्रवाई शुरू कर दी।
- वन अधिकार कानून के क्रियान्वयन पर भी जताई आपत्ति
ज्ञापन में कहा गया कि संसद द्वारा पारित अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 ने औपनिवेशिक काल और स्वतंत्र भारत में आदिवासी समुदाय के साथ हुए ऐतिहासिक अन्याय को स्वीकार किया था, लेकिन मध्यप्रदेश में इस कानून का उद्देश्यपूर्ण क्रियान्वयन नहीं हुआ। उलटे इसके माध्यम से समुदाय के खिलाफ नए अन्यायों की नींव रखे जाने का आरोप लगाया गया।
- राष्ट्रपति से संवैधानिक हस्तक्षेप की मांग
जयस संगठन, समस्त आदिवासी संगठनों और कोरकू संगठन के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से पांचवीं अनुसूची की धारा-5 के तहत प्राप्त विशेष संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए 1950 से 2026 तक आदिवासी समाज से जुड़े भूमि, वन और निस्तार अधिकारों पर हुई समस्त कार्यवाहियों की उच्चस्तरीय समीक्षा कराने, स्वतंत्र भारत में हुए कथित ऐतिहासिक अन्यायों को समाप्त करने तथा आदिवासी समुदाय को उनके पारंपरिक अधिकार बहाल करने के लिए ठोस पहल करने की मांग की। ज्ञापन के साथ वन विभाग और राजस्व विभाग की कार्यवाहियों, सर्वोच्च न्यायालय को प्रेषित मांगपत्र तथा संबंधित दस्तावेजों का विस्तृत ब्यौरा भी संलग्न किए जाने की जानकारी दी गई।
#FifthSchedule
#TribalRights
#ForestRightsAct
#JAYS
#Betul
#AdivasiRights
#JalJungleZameen
#PresidentDroupadiMurmu
#SaveTribalLand
#ConstitutionalRights

जयस ने पांचवीं अनुसूची के क्रियान्वयन और वन भूमि विवादों के खिलाफ सौंपा ज्ञापन राष्ट्रपति से कहा- संविधान के बावजूद नहीं मिला आदिवासियों को संरक्षण बैतूल। ब्रह्माकुमारी आश्रम के कार्यक्रम में शामिल होने बैतूल पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जयस संगठन, समस्त आदिवासी संगठनों और कोरकू संगठन के प्रतिनिधियों ने आदिवासी समाज से जुड़े संवैधानिक, भूमि और वन अधिकारों के मुद्दों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर बैतूल के माध्यम से दिए गए ज्ञापन में संविधान की पांचवीं अनुसूची के प्रभावी क्रियान्वयन, स्वतंत्र भारत में आदिवासी समाज पर हुए कथित ऐतिहासिक अन्यायों की समीक्षा तथा वन एवं राजस्व भूमि से जुड़े विवादों के स्थायी समाधान की मांग की गई। महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि 26 जनवरी 1950 से 26 जनवरी 2026 तक के 76 वर्षीय संवैधानिक कालखंड में मध्यप्रदेश के राज्यपालों द्वारा संविधान की पांचवीं अनुसूची की धारा-5 के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग की भूमि छीने जाने अथवा भूमि आवंटन से जुड़े मामलों में एक बार भी प्रभावी हस्तक्षेप कर आदिवासी समाज को संरक्षण प्रदान नहीं किया गया। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि राष्ट्रपति भवन द्वारा पूर्व राज्यपाल पी.सी. अलेक्जेंडर की अध्यक्षता में गठित सात राज्यपालों की समिति ने मध्यप्रदेश में आदिवासी प्रतिनिधियों से चर्चा की थी, लेकिन भूमि अधिकारों के संरक्षण के लिए कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं आया। - वन, भूमि और न्यायिक व्यवस्था पर लगाए आरोप ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि स्वतंत्र भारत में वन संरक्षण, जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण और विकास परियोजनाओं के नाम पर अनुसूचित जनजातियों को उनके पारंपरिक निवास क्षेत्रों से बेदखल किए जाने की प्रक्रिया को प्रशासनिक और न्यायिक संरक्षण मिला। सर्वोच्च न्यायालय के टी.एन. गोदाबर्मन प्रकरण की सिविल याचिका क्रमांक 202/95 में 12 दिसंबर 1996 के आदेश का उल्लेख करते हुए कहा गया कि जंगल मद में दर्ज भूमि को वन संरक्षण अधिनियम 1980 के दायरे की वन भूमि मानने से आदिवासी समाज पर हुए कथित ऐतिहासिक अन्याय दोहराए गए। - बैतूल जिले की भूमि का दिया विस्तृत ब्यौरा ज्ञापन में बताया गया कि मध्यप्रदेश शासन ने बैतूल जिले के 1167 मालगुजारी ग्रामों तथा 103 रैय्यतवारी ग्रामों की सार्वजनिक एवं निस्तारी प्रयोजन की भूमि को राजस्व अभिलेखों में दखल रहित भूमि के रूप में दर्ज किया था। इसके बावजूद 12 जून 1956 को 683 राजस्व ग्रामों की तीन लाख 60 हजार 478 एकड़ भूमि वन विभाग को अंतरित कर दी गई। ज्ञापन के अनुसार इनमें गोठान, खलिहान, कब्रिस्तान, श्मशान, चरनोई, चारागाह, बाजार, जलाऊ लकड़ी, गौण खनिज, लघु वनोपज तथा अन्य सामुदायिक उपयोग की भूमि शामिल थी, जिन्हें बाद में वन विभाग ने संरक्षित वन मानकर कार्रवाई शुरू कर दी। - वन अधिकार कानून के क्रियान्वयन पर भी जताई आपत्ति ज्ञापन में कहा गया कि संसद द्वारा पारित अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 ने औपनिवेशिक काल और स्वतंत्र भारत में आदिवासी समुदाय के साथ हुए ऐतिहासिक अन्याय को स्वीकार किया था, लेकिन मध्यप्रदेश में इस कानून का उद्देश्यपूर्ण क्रियान्वयन नहीं हुआ। उलटे इसके माध्यम से समुदाय के खिलाफ नए अन्यायों की नींव रखे जाने का आरोप लगाया गया। - राष्ट्रपति से संवैधानिक हस्तक्षेप की मांग जयस संगठन, समस्त आदिवासी संगठनों और कोरकू संगठन के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से पांचवीं अनुसूची की धारा-5 के तहत प्राप्त विशेष संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए 1950 से 2026 तक आदिवासी समाज से जुड़े भूमि, वन और निस्तार अधिकारों पर हुई समस्त कार्यवाहियों की उच्चस्तरीय समीक्षा कराने, स्वतंत्र भारत में हुए कथित ऐतिहासिक अन्यायों को समाप्त करने तथा आदिवासी समुदाय को उनके पारंपरिक अधिकार बहाल करने के लिए ठोस पहल करने की मांग की। ज्ञापन के साथ वन विभाग और राजस्व विभाग की कार्यवाहियों, सर्वोच्च न्यायालय को प्रेषित मांगपत्र तथा संबंधित दस्तावेजों का विस्तृत ब्यौरा भी संलग्न किए जाने की जानकारी दी गई। #FifthSchedule #TribalRights #ForestRightsAct #JAYS #Betul #AdivasiRights #JalJungleZameen #PresidentDroupadiMurmu #SaveTribalLand #ConstitutionalRights

Betul Nagar, Betul | Jun 18, 2026

➡️ #जनकल्याण_शिविर में योजनाओं से हितग्राही हुए लाभान्वित, विधायक श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उइके शिविर में हुई शामिल 

जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी में आयोजित विकासखण्ड स्तरीय जनकल्याण शिविर का गुरुवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। विधायक श्रीमती गंगा सज्जन सिंह ऊईके कि अध्यक्षता में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाई गई तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। शिविर में कुल 3,580 आवेदन प्राप्त हुएं

शिविर के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नागरिकों से आवेदन प्राप्त कर उनका परीक्षण किया तथा आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराई। विकासखण्ड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित जनकल्याण शिविरों में कुल 15,021 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका निराकरण संबंधित विभागों द्वारा किया जा रहा है। वहीं विकासखण्ड स्तरीय समापन शिविर में 3,580 आवेदन प्राप्त हुए।

इस अवसर पर विधायक श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उइके ने कहा कि जनकल्याण शिविरों का उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना, सेवा वितरण को सरल एवं प्रभावी बनाना तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने शिविर में उपस्थित होकर विभिन्न विभागों से प्राप्त आवेदनों एवं उनके निराकरण की जानकारी ली तथा अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

विधायक श्रीमती उइके ने ग्रामीणों से संवाद कर विभिन्न योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की और कहा कि शासन की मंशा है कि पात्र हितग्राही किसी भी योजना के लाभ से वंचित न रहें। उन्होंने नागरिकों से शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत बैतूल की अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती इंदिरा महतो ने कहा कि इस प्रकार के जनकल्याण शिविर प्रशासन और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ शासन की लोकहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

शिविर में श्री प्रशांत गावण्डे, श्री राजेन्द्र मालवीय एवं श्री राकेश अरोरा ने भी सहभागिता करते हुए शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की तथा उनके लाभों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विकासखण्ड के सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती तीजा पवार ने शिविर के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी विभागों, अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी जनहित में ऐसे प्रयास निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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➡️ #जनकल्याण_शिविर में योजनाओं से हितग्राही हुए लाभान्वित, विधायक श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उइके शिविर में हुई शामिल जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी में आयोजित विकासखण्ड स्तरीय जनकल्याण शिविर का गुरुवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। विधायक श्रीमती गंगा सज्जन सिंह ऊईके कि अध्यक्षता में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाई गई तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। शिविर में कुल 3,580 आवेदन प्राप्त हुएं शिविर के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नागरिकों से आवेदन प्राप्त कर उनका परीक्षण किया तथा आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराई। विकासखण्ड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित जनकल्याण शिविरों में कुल 15,021 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका निराकरण संबंधित विभागों द्वारा किया जा रहा है। वहीं विकासखण्ड स्तरीय समापन शिविर में 3,580 आवेदन प्राप्त हुए। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गंगा सज्जन सिंह उइके ने कहा कि जनकल्याण शिविरों का उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना, सेवा वितरण को सरल एवं प्रभावी बनाना तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने शिविर में उपस्थित होकर विभिन्न विभागों से प्राप्त आवेदनों एवं उनके निराकरण की जानकारी ली तथा अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विधायक श्रीमती उइके ने ग्रामीणों से संवाद कर विभिन्न योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की और कहा कि शासन की मंशा है कि पात्र हितग्राही किसी भी योजना के लाभ से वंचित न रहें। उन्होंने नागरिकों से शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत बैतूल की अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती इंदिरा महतो ने कहा कि इस प्रकार के जनकल्याण शिविर प्रशासन और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ शासन की लोकहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिविर में श्री प्रशांत गावण्डे, श्री राजेन्द्र मालवीय एवं श्री राकेश अरोरा ने भी सहभागिता करते हुए शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की तथा उनके लाभों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विकासखण्ड के सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती तीजा पवार ने शिविर के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी विभागों, अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी जनहित में ऐसे प्रयास निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #बैतूल #betul

Betul, Madhya Pradesh | Jun 18, 2026