एसडीएम बनकर गांव लौटीं मनीषा पटेल, स्वागत
70वीं बीपीएससी में 121वीं रैंक हासिल कर बनीं एसडीएम
बिहिया स्टेशन से दावां गांव तक फूल-मालाओं और पुष्पवर्षा से हुआ अभिनंदन
70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में 121वीं रैंक हासिल कर एसडीएम पद के लिए चयनित दावां पंचायत की बेटी मनीषा पटेल का गृह क्षेत्र पहुंचने पर शनिवार को स्वागत किया गया। दिल्ली से लौटने के बाद पहली बार अपने क्षेत्र पहुंचीं मनीषा का बिहिया रेलवे स्टेशन पर परिवार और ग्रामीणों ने फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों एवं पुष्पवर्षा के साथ जोरदार अभिनंदन किया। स्टेशन से लेकर दावां गांव तक जगह-जगह लोगों ने उनका स्वागत किया।
बिहिया स्टेशन पर उनकी चाची एवं दावां पंचायत की मुखिया सुषुम्लता कुशवाहा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद मनीषा पैदल ओवरब्रिज तक गईं और लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। पैतृक गांव दावां पहुंचने पर महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया, जबकि उनकी मां उजाला देवी ने आरती उतारकर बेटी का अभिनंदन किया। मनीषा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, परिवार और गुरुजनों को दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज की सेवा करना उनका बचपन का सपना था। एसडीएम के रूप में मिली जिम्मेदारी को वह पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगी। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करेंगी।
मनीषा ने बताया कि उन्होंने जेईई मेन्स उत्तीर्ण करने के बाद एनआईटी अगरतला से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और करीब डेढ़ वर्ष नौकरी भी की। वर्ष 2022 में नौकरी छोड़कर बीपीएससी की तैयारी शुरू की और चौथे प्रयास में सफलता हासिल की। मनीषा, बिंदेश्वरी दुबे महाविद्यालय बिहिया के प्राचार्य रामजी चौधरी की पुत्री हैं। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।