हरदोई टडियावां के प्राथमिक विद्यालय कोटरा में सुबह 8 बजे खुलने वाला केंद्र 9 बजे तक बंद, बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ शासन के आदेशों की धज्जियां,अभिभावकों में आक्रोश हरदोई सरकार भले ही बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" और "पोषण मिशन" के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन जमीन पर हकीकत कुछ और ही है। विकास खंड टडियावां क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कोटरा परिसर में संचालित 3 आंगनबाड़ी केंद्र सुबह 8 बजे खुलने के बाद भी 9 बजे तक बंद मिले।समय से नहीं खुलते केंद्र, बच्चे लौट रहे मायूस स्थानीय लोगों और अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय परिसर में चल रहे इन तीनों आंगनबाड़ी केंद्रों का खुलने का आधिकारिक समय सुबह 8 बजे है। लेकिन रोजाना 8 बजे पहुंचने वाले छोटे-छोटे बच्चे और उनकी माताएं गेट पर घंटों इंतजार करने के बाद मायूस होकर वापस लौट जाती हैं। केंद्र 9 बजे के बाद ही खुल पाते हैं।ग्रामीणों ने कहा,यहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं 9 से 10 बजे आती हैं। तब तक बच्चे भूखे-प्यासे बैठे रहते हैं। गर्मी में छोटे बच्चों का हाल बेहाल हो जाता है।
क्या है प्रशासन की जिम्मेदारी
आंगनबाड़ी केंद्रों का मकसद 6 साल तक के बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य जांच और प्रारंभिक शिक्षा देना है। शासन के निर्देश हैं कि केंद्र समय से खुलें और बच्चों को गर्म भोजन, दूध व नाश्ता समय पर मिले। लेकिन कोटरा के इस विद्यालय में इन नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है सवाल ये भी उठ रहा है कि एक ही विद्यालय परिसर में 3 आंगनबाड़ी केंद्र होने के बावजूद निगरानी कौन कर रहा है? खंड शिक्षा अधिकारी और बाल विकास परियोजना अधिकारी की टीम समय-समय पर निरीक्षण क्यों नहीं करती?अभिभावकों की मांग - हो कार्रवाई ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सीडीओ से मांग की है कि मामले की जांच कर दोषी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में केंद्र निर्धारित समय 8 बजे से खुलें और बच्चों को उनका हक मिले।फिलहाल इस लापरवाही पर जिला प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
Hardoi, Hardoi | Jul 25, 2026