#देखते_है_कितना_सुधार_होगा?
भरतपुर। शहर के रसाला मोहल्ले में आईजी डॉ. प्रीति चंद्रा के महिला सुरक्षा संवाद कार्यक्रम ने पुलिस प्रशासन के दावों और जमीनी हकीकत के अंतर को साफ उजागर कर दिया है। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं द्वारा बी-नारायण गेट स्थित शराब ठेके पर रातभर अवैध बिक्री और असामाजिक तत्वों के खुलेआम उत्पात की शिकायतें सीधे तौर पर स्थानीय पुलिस की गश्त व्यवस्था और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा करती हैं। हद तो तब हो गई जब संवाद के दौरान ही एक मानसिक रूप से बीमार महिला को छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज करानी पड़ी, जो यह साबित करता है कि क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा का बुनियादी ढांचा कितना कमजोर है। यद्यपि आईजी ने मौके पर ही एसएचओ, एडिशनल और कालिका यूनिट को कार्रवाई तथा अकेली महिलाओं से सतत संपर्क के सख्त निर्देश दिए, लेकिन जमीनी सवाल अब भी कायम है कि क्या यह पुलिसिया मुस्तैदी केवल आला अधिकारियों के दौरों तक ही सीमित रहेगी या आम महिलाओं को वास्तविक रूप से भयमुक्त वातावरण मिल पाएगा।