प्रेस विज्ञप्ति
जिला जनसंपर्क कार्यालय , जमुई।
17 जुलाई 2026
शीर्षक: साइबर सुरक्षा को लेकर मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक ने की उच्च स्तरीय बैठक। जिलों में हर सप्ताह "साइबर मंगलवार" मनाने का निर्देश।
जमुई: वर्तमान में बढ़ते डिजिटल अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक, बिहार की संयुक्त अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस राज्यस्तरीय बैठक में जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने ऑनलाइन माध्यम से भाग लेकर जिले में साइबर सुरक्षा तथा जन जागरूकता से जुड़े दिशा-निर्देशों के अक्षरशः अनुपालन करने एवं इस समसामयिक चुनौती से निपटने के लिए एक प्रभावी व सुदृढ़ कार्य योजना बनाकर इसे धरातल पर पूरी तरह सफल बनाने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता जताई।
इस महत्वपूर्ण बैठक में साइबर अपराध समन्वय केंद्र के कामकाज को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही यह स्पष्ट निर्देश दिया गया कि साइबर अपराध के मामलों में बिना किसी क्षेत्राधिकार के विवाद के तुरंत 'ज़ीरो FIR' दर्ज की जाए, ताकि जांच में कोई देरी न हो। शिकायत निवारण प्रणाली (ग्रिवान्सेस रेडरेसाल मॉड्यूल) पर आने वाली शिकायतों के त्वरित निपटारे के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल का प्रभावी उपयोग कर साइबर धोखाधड़ी के पीड़ितों की फ्रीज की गई राशि को जल्द से जल्द वापस दिलाया जाए। सोशल मीडिया पर अफवाहों और भड़काऊ पोस्ट पर लगाम लगाने के लिए सहयोग पोर्टल के माध्यम से आपत्तिजनक कंटेंट को तुरंत हटाने तथा समन्वय पोर्टल के जरिए त्वरित अलर्ट और रोकथाम की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा इस प्रवृति के अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और पुलिस बल की कार्यक्षमता और तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए 'साइट्रेन' पोर्टल के माध्यम से निरंतर प्रशिक्षण देने और चिन्हित साइबर हॉटस्पॉट पर पैनी नजर रखते हुए कड़ी कार्रवाई करने की बात कही गई। नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से अब हर सप्ताह के मंगलवार को "साइबर मंगलवार" के रूप में एक विशेष अभियान के रूप में र व्यापक पैमाने पर मनाने का निर्देश दिया गया।
इस महत्वपूर्ण बैठक के उपरांत जिला पदाधिकारी ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि – "डिजिटल युग में सुरक्षा की पहली सीढ़ी हमारी खुद की सतर्कता है। साइबर अपराधी लोगों के डर और लालच का फायदा उठाते हैं, इसलिए किसी भी अनधिकृत फोन कॉल या संदेश पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। जिला प्रशासन पूरे जिले में सुरक्षा और जागरूकता का माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके तहत हर मंगलवार को विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम व्यापक रूप से चलाए जाएंगे। मेरी सभी जिले वासियों से अपील है कि खुद भी जागरूक बनें और अपने परिवार के बुजुर्गों व बच्चों को भी इस डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत करें।"
सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए पुलिस अधीक्षक ने जिलेवासियों को डिजिटल लेन-देन और इंटरनेट का उपयोग करते समय अत्यधिक सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड या बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारियां कदापि साझा न करें, क्योंकि कोई भी बैंक अधिकारी फोन पर ऐसी व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगता। उन्होंने नागरिकों को लॉटरी, बिजली बिल या बैंक खाता बंद होने के नाम पर आने वाले संदिग्ध संदेशों के लिंक पर क्लिक न करने तथा इंटरनेट सर्च इंजन के रैंडम कस्टमर केयर नंबरों के बजाय केवल आधिकारिक वेबसाइटों के संपर्क सूत्रों पर ही भरोसा करने की सख्त हिदायत दी, साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो बिना समय गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई करते हुए बैंक खाते से उड़ाई गई रकम को समय रहते फ्रीज कराया जा सके।
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3 views | Jamui, Bihar | Jul 17, 2026