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ग्राम पंचायत देहरा ने टीबी उन्मूलन की दिशा में उल्लेखनीय कार्य करते हुए टीबी मुक्त पंचायत का गौरव हासिल किया है। Rakesh Bini Sharma

Kullu, Kullu | Aug 17, 2026

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'टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान 2025' के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली ज़िले की 35 ग्राम पंचायत  सम्मानित

अतिरिक्त ज़िलाधीश (एडीएम) कुल्लू सुरजीत सिंह राठौर ने हॉस्पिटल सभागार में किया सम्मानित 

Kullu Times 

अतिरिक्त ज़िलाधीश (एडीएम) कुल्लू सुरजीत सिंह राठौर ने 'टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान 2025' के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली ज़िले की 35 ग्राम पंचायतों को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में ज़िले के विभिन्न खंडों की पंचायतों को उनके टीबी उन्मूलन प्रयासों और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के आधार पर गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज श्रेणियों में सम्मानित किया गया। जिला में लगातार 3 साल तक टीबी मुक्त पंचायत को
स्वर्ण, लगातार 2 साल तक टीबी मुक्त पंचायत को रजत तथा 1 साल से टीबी मुक्त पंचायत को ब्रॉन्ज श्रेणी का स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।

इस अभियान के तहत आनी खंड की बिनान और निरमंड खंड की देहरा पंचायत ने सर्वोच्च प्रदर्शन करते हुए गोल्ड श्रेणी स्मृति चिन्ह हासिल किया। वहीं, आनी ब्लॉक की बेहना, जाबन, पोखरी, कराना-तथा निरमंड ब्लॉक की बखान पंचायत को सिल्वर स्मृति चिन्ह से नवाजा गया। इसके अतिरिक्त बंजार, जारी, नग्गर, आनी और निरमंड ब्लॉक की अन्य 28 ग्राम पंचायतों को टीबी नियंत्रण दिशा में किए गए सराहनीय प्रयासों के लिए ब्रॉन्ज स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
इस अवसर पर एडीएम सुरजीत सिंह राठौर ने सम्मानित पंचायतों के प्रतिनिधियों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को बधाई दी और कहा कि समाज को क्षय रोग (टीबी) से मुक्त बनाने में पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अन्य पंचायतों से भी प्रेरणा लेकर इस जन-स्वास्थ्य अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया, ताकि कुल्लू ज़िले को पूर्ण रूप से टीबी मुक्त बनाया जा सके।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ रणजीत, जिला पंचायत अधिकारी दया राम ठाकुर, कार्यक्रम अधिकारी डॉ सुरेश सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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'टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान 2025' के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली ज़िले की 35 ग्राम पंचायत सम्मानित अतिरिक्त ज़िलाधीश (एडीएम) कुल्लू सुरजीत सिंह राठौर ने हॉस्पिटल सभागार में किया सम्मानित Kullu Times अतिरिक्त ज़िलाधीश (एडीएम) कुल्लू सुरजीत सिंह राठौर ने 'टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान 2025' के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली ज़िले की 35 ग्राम पंचायतों को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में ज़िले के विभिन्न खंडों की पंचायतों को उनके टीबी उन्मूलन प्रयासों और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के आधार पर गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज श्रेणियों में सम्मानित किया गया। जिला में लगातार 3 साल तक टीबी मुक्त पंचायत को स्वर्ण, लगातार 2 साल तक टीबी मुक्त पंचायत को रजत तथा 1 साल से टीबी मुक्त पंचायत को ब्रॉन्ज श्रेणी का स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। इस अभियान के तहत आनी खंड की बिनान और निरमंड खंड की देहरा पंचायत ने सर्वोच्च प्रदर्शन करते हुए गोल्ड श्रेणी स्मृति चिन्ह हासिल किया। वहीं, आनी ब्लॉक की बेहना, जाबन, पोखरी, कराना-तथा निरमंड ब्लॉक की बखान पंचायत को सिल्वर स्मृति चिन्ह से नवाजा गया। इसके अतिरिक्त बंजार, जारी, नग्गर, आनी और निरमंड ब्लॉक की अन्य 28 ग्राम पंचायतों को टीबी नियंत्रण दिशा में किए गए सराहनीय प्रयासों के लिए ब्रॉन्ज स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर एडीएम सुरजीत सिंह राठौर ने सम्मानित पंचायतों के प्रतिनिधियों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को बधाई दी और कहा कि समाज को क्षय रोग (टीबी) से मुक्त बनाने में पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अन्य पंचायतों से भी प्रेरणा लेकर इस जन-स्वास्थ्य अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया, ताकि कुल्लू ज़िले को पूर्ण रूप से टीबी मुक्त बनाया जा सके। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ रणजीत, जिला पंचायत अधिकारी दया राम ठाकुर, कार्यक्रम अधिकारी डॉ सुरेश सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। --

Kullu, Kullu | Aug 17, 2026

Kullu, Kullu | Aug 17, 2026

एमआरएफ प्लांट कसोल के प्रभावी संचालन के लिए प्रयास तेज़ करें-सुरजीत सिंह राठौर,

Kullu Times 

एडीएम कुल्लू सुरजीत सिंह राठौर ने कसोल स्थित मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी के प्रभावी संचालन को लेकर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में कसोल और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा कचरा प्रबंधन को अधिक कारगर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए। एडीएम ने विशेष रूप से विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) को और अधिक मजबूत बनाने पर बल दिया ताकि क्षेत्र में स्वच्छता गतिविधियों का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सके।समीक्षा बैठक के दौरान ग्रामीण विकास विभाग को डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को नियमित करने के निर्देश दिए गए। योजना के तहत मणिकर्ण क्षेत्र से प्रतिदिन तथा कसोल से एक दिन छोड़कर (वैकल्पिक दिवस पर) गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण कर उठान किया जा रहा है। 

इसके अलावा, क्षेत्र में स्वच्छता शुल्क व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए बल्क वेस्ट जनरेटरों (व्यावसायिक प्रतिष्ठानों व होटलों) को चिन्हित किया जाएगा ताकि उनसे नियमानुसार शुल्क लिया जा सके।एडीएम ने ग्रामीण विकास विभाग को कसोल एमआरएफ प्लांट तक पहुंच सड़क की बेहतर व्यवस्था के लिए ठेकेदार से तत्काल वार्ता करने के निर्देश दिए। साथ ही प्लांट परिसर में अतिरिक्त बिजली मीटर लगाने, शौचालय निर्माण तथा आवश्यक प्लेटफॉर्म निर्माण के लिए शीघ्र एस्टीमेट तैयार करने को कहा। उन्होंने गैर-सरकारी संस्था 'हीलिंग हिमालयाज' के प्रदीप बोध एवं अन्य हितधारकों के साथ समन्वय बनाकर सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।बैठक में जिला योजनाकार घनश्याम शर्मा, जिला पंचायत अधिकारी दया राम ठाकुर, सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

एमआरएफ प्लांट कसोल के प्रभावी संचालन के लिए प्रयास तेज़ करें-सुरजीत सिंह राठौर, Kullu Times एडीएम कुल्लू सुरजीत सिंह राठौर ने कसोल स्थित मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी के प्रभावी संचालन को लेकर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में कसोल और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा कचरा प्रबंधन को अधिक कारगर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए। एडीएम ने विशेष रूप से विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) को और अधिक मजबूत बनाने पर बल दिया ताकि क्षेत्र में स्वच्छता गतिविधियों का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सके।समीक्षा बैठक के दौरान ग्रामीण विकास विभाग को डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को नियमित करने के निर्देश दिए गए। योजना के तहत मणिकर्ण क्षेत्र से प्रतिदिन तथा कसोल से एक दिन छोड़कर (वैकल्पिक दिवस पर) गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण कर उठान किया जा रहा है। इसके अलावा, क्षेत्र में स्वच्छता शुल्क व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए बल्क वेस्ट जनरेटरों (व्यावसायिक प्रतिष्ठानों व होटलों) को चिन्हित किया जाएगा ताकि उनसे नियमानुसार शुल्क लिया जा सके।एडीएम ने ग्रामीण विकास विभाग को कसोल एमआरएफ प्लांट तक पहुंच सड़क की बेहतर व्यवस्था के लिए ठेकेदार से तत्काल वार्ता करने के निर्देश दिए। साथ ही प्लांट परिसर में अतिरिक्त बिजली मीटर लगाने, शौचालय निर्माण तथा आवश्यक प्लेटफॉर्म निर्माण के लिए शीघ्र एस्टीमेट तैयार करने को कहा। उन्होंने गैर-सरकारी संस्था 'हीलिंग हिमालयाज' के प्रदीप बोध एवं अन्य हितधारकों के साथ समन्वय बनाकर सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।बैठक में जिला योजनाकार घनश्याम शर्मा, जिला पंचायत अधिकारी दया राम ठाकुर, सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Kullu, Kullu | Aug 17, 2026

मैलिंग महादेव प्रांगण में शुरू हुआ जागरा अनुष्ठान का आयोजन

Kullu Times 

जिला लाहुल स्पीति जिला मुख्यालय केलांग से 20 किलोमीटर दूर पट्टन घाटी का मेलिंग गाँव आजकल शिव शंकर के जयकारों से गुंजायमान है।हर वर्ष अगस्त महीने में मेलिंग  महादेव मंदिर में यजमानों द्वारा उन की मन्नतें पूरी होने पर जागरा अनुष्ठान का आयोजन किया जाता है।इस जागरे का मुख्य आकर्षण गुरों की ग्राहणी यानी देऊखेल ही होता है। जागरे के दौरन पुरुष वर्ग बटबाण के साथ जयकारा लगाते हैं और शिवजी के गुर तथा अठारह नाग ओर राजा घेपन के गुर  भविष्यवाणियां करते हैं। जागरे के दिन सैंकड़ों श्रद्धालुओं की आवभगत व सत्कार के लिये मेलिंग गाँव की महिलाएं एवं पुरुष पुजारी के घर दैनिक कार्य मे हाथ बटाने के लिये एकत्रित होते हैं। पूजा पाठ व अनुष्ठान का कार्य लौट गांववासियों के पहुंचने के बाद ही आरम्भ होता है।क्योंकि लोट गांववासियों को देवी पार्वती के मायके वाले माने जाते हैं।प्राचीन शिव मंदिर के गर्भगृह में उत्तर की ओर बड़ा शिवलिंग विराजमान है।मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण पांडवों के अज्ञातवास् के दौरान निर्मित किया गया था। इस मंदिर के प्रांगण में 51 शिवलिंग ,जिस में कुछ प्राचीन काल से विराजमान है तथा कुछ शिवलिंग श्रद्धालुओं द्वारा अपनी मन्नत पूरी होने पर स्थापित किये गए है।  मेलिंग मंदिर की मणिमहेश के समकक्ष महता है,ओर शिवलिंग के नाम पर ही गांव का नाम मेलिंग रखा गया है।

मैलिंग महादेव प्रांगण में शुरू हुआ जागरा अनुष्ठान का आयोजन Kullu Times जिला लाहुल स्पीति जिला मुख्यालय केलांग से 20 किलोमीटर दूर पट्टन घाटी का मेलिंग गाँव आजकल शिव शंकर के जयकारों से गुंजायमान है।हर वर्ष अगस्त महीने में मेलिंग महादेव मंदिर में यजमानों द्वारा उन की मन्नतें पूरी होने पर जागरा अनुष्ठान का आयोजन किया जाता है।इस जागरे का मुख्य आकर्षण गुरों की ग्राहणी यानी देऊखेल ही होता है। जागरे के दौरन पुरुष वर्ग बटबाण के साथ जयकारा लगाते हैं और शिवजी के गुर तथा अठारह नाग ओर राजा घेपन के गुर भविष्यवाणियां करते हैं। जागरे के दिन सैंकड़ों श्रद्धालुओं की आवभगत व सत्कार के लिये मेलिंग गाँव की महिलाएं एवं पुरुष पुजारी के घर दैनिक कार्य मे हाथ बटाने के लिये एकत्रित होते हैं। पूजा पाठ व अनुष्ठान का कार्य लौट गांववासियों के पहुंचने के बाद ही आरम्भ होता है।क्योंकि लोट गांववासियों को देवी पार्वती के मायके वाले माने जाते हैं।प्राचीन शिव मंदिर के गर्भगृह में उत्तर की ओर बड़ा शिवलिंग विराजमान है।मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण पांडवों के अज्ञातवास् के दौरान निर्मित किया गया था। इस मंदिर के प्रांगण में 51 शिवलिंग ,जिस में कुछ प्राचीन काल से विराजमान है तथा कुछ शिवलिंग श्रद्धालुओं द्वारा अपनी मन्नत पूरी होने पर स्थापित किये गए है। मेलिंग मंदिर की मणिमहेश के समकक्ष महता है,ओर शिवलिंग के नाम पर ही गांव का नाम मेलिंग रखा गया है।

Kullu, Kullu | Aug 17, 2026

असम में भीषण बाढ़ के बीच हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला से संबंध रखने वाले समाजसेवी और ब्लॉगर संजय चौहान ने एक बहुत ही सराहनीय पहल की है। उन्होंने इंटरनेट और वीडियो कॉल्स के ज़रिए लोगों से अपील करके लगभग ₹8,04,000 की राशि जुटाई है। इस राशि को आज ऑनलाइन माध्यम से असम के बाढ़ पीड़ितों, विशेषकर नेपाली कुटी गाँव के लोगों तक, पहुँचा दिया गया है। यह वही संजय चौहान हैं जिन्होंने पिछली बार हिमाचल में बाढ़ के दौरान एक ऐसे परिवार की मदद की थी जिनका पूरा घर बाढ़ की चपेट में आ गया था और लगभग ₹7,00,000 की धनराशि देकर उन्हें सहारा दिया था।

असम में भीषण बाढ़ के बीच हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला से संबंध रखने वाले समाजसेवी और ब्लॉगर संजय चौहान ने एक बहुत ही सराहनीय पहल की है। उन्होंने इंटरनेट और वीडियो कॉल्स के ज़रिए लोगों से अपील करके लगभग ₹8,04,000 की राशि जुटाई है। इस राशि को आज ऑनलाइन माध्यम से असम के बाढ़ पीड़ितों, विशेषकर नेपाली कुटी गाँव के लोगों तक, पहुँचा दिया गया है। यह वही संजय चौहान हैं जिन्होंने पिछली बार हिमाचल में बाढ़ के दौरान एक ऐसे परिवार की मदद की थी जिनका पूरा घर बाढ़ की चपेट में आ गया था और लगभग ₹7,00,000 की धनराशि देकर उन्हें सहारा दिया था।

Kullu, Kullu | Aug 17, 2026