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Supaul, Supaul
| Oct 1, 2026
MORE NEWS
Supaul, Supaul | Oct 1, 2026
🚨 सुपौल में वाम दलों का जोरदार प्रदर्शन! 🚨 🗳️ ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, SIR रद्द करने की भी उठी आवाज #सुपौल #वामदल #विरोधप्रदर्शन #वोटचोरी #ज्ञानेशकुमार #CEC #SIR #बिहार #सुपौलन्यूज़ #N2NBharat
Supaul, Supaul | Oct 1, 2026
Supaul, Supaul | Oct 1, 2026
Supaul, Supaul | Oct 1, 2026
🚨 राघोपुर में रेलवे फाटक बंद होने पर फूटा जन आक्रोश! 🚨 🚧 हजारों लोग सड़क पर उतरे, गूंजा “फाटक खोलो” का नारा 📍 सुपौल के राघोपुर में रेलवे फाटक बंद होने के विरोध में स्थानीय लोगों का जोरदार प्रदर्शन, इलाके में मचा हलचल! #सुपौल #राघोपुर #रेलवेफाटक #फाटकखोलो #जनआक्रोश #विरोधप्रदर्शन #Supaul #Raghopur #N2NBharat #BreakingNews
Supaul, Supaul | Oct 1, 2026
आपदा जोखिम न्यूनीकरण को लेकर 20 ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों का एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम सुपौल। आपदा के संभावित जोखिमों को कम करने तथा ग्राम पंचायत स्तर पर आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से बुधवार को जिला परिषद सभागार, सुपौल में Community Based Disaster Risk Reduction (CBDRR) कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सुपौल, किशनपुर, सरायगढ़-भपटियाही एवं मरौना प्रखंड अंतर्गत कुल 20 ग्राम पंचायतों में निर्धारित गतिविधियों के प्रभावी संचालन को लेकर संबंधित पदाधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं कर्मियों को आवश्यक जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर पर आपदा के जोखिमों की पहचान, संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारी तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर पंचायतों की क्षमता को विकसित करना रहा। उन्मुखीकरण के दौरान आपदा जोखिम न्यूनीकरण की गतिविधियों को समुदाय तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और पंचायत स्तर पर समन्वित प्रयास सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में मो. तारिक, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), सुपौल ने उपस्थित प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन की तैयारियों और जोखिम न्यूनीकरण की आवश्यकता से अवगत कराया। उन्होंने पंचायत स्तर पर आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर गयानंद यादव, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, सुपौल, काली चरण, अपर जिला पंचायत राज पदाधिकारी, सुपौल, संबंधित प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, नोडल पदाधिकारी जिला पंचायत संसाधन केंद्र, सुपौल, राज्य स्तरीय प्रशिक्षक, जिला समन्वयक GPSVS-BIAG-UNICEF सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे। उन्मुखीकरण कार्यक्रम में चयनित ग्राम पंचायतों के मुखिया, पंचायत सचिव एवं संबंधित कार्यपालक सहायक भी शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान पंचायत स्तर पर आपदा जोखिम को समझने, समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा आपदा से पहले आवश्यक तैयारियां करने से संबंधित विषयों पर प्रतिभागियों को जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित कर्मियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि आपदा प्रबंधन केवल आपदा आने के बाद राहत एवं बचाव तक सीमित नहीं है, बल्कि आपदा से पहले जोखिम की पहचान, तैयारी, जागरूकता और स्थानीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। अधिकारियों ने पंचायत स्तर पर संचालित होने वाली निर्धारित गतिविधियों में समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही संबंधित पंचायतों में कार्यक्रम के उद्देश्यों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं कर्मियों के बीच समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता बताई गई। एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम के माध्यम से चयनित 20 ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों एवं कर्मियों को समुदाय आधारित आपदा जोखिम न्यूनीकरण की अवधारणा से जोड़ने और पंचायत स्तर पर आपदा प्रबंधन की क्षमता को मजबूत करने की दिशा में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों ने निर्धारित गतिविधियों के संचालन में सहयोग एवं सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही।
Supaul, Supaul | Oct 1, 2026
डीएम सावन कुमार ने ओबीसी कन्या आवासीय विद्यालय का किया निरीक्षण, छात्राओं से संवाद कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा सुपौल। जिलाधिकारी सावन कुमार ने बुधवार को अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालय, रामनगर, पिपरा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, छात्राओं को मिलने वाली सुविधाओं, भोजन, स्वच्छता एवं डिजिटल क्लास सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डीएम ने विद्यालय की कक्षाओं में पहुंचकर छात्राओं से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने छात्राओं से उनकी पढ़ाई, विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं तथा किसी प्रकार की परेशानी के संबंध में जानकारी प्राप्त की। छात्राओं से बातचीत करते हुए उन्होंने शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। शिक्षकों को निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार नियमित एवं प्रभावी तरीके से कक्षाओं का संचालन करने को कहा गया। डीएम ने विद्यालय में संचालित डिजिटल क्लास की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को डिजिटल क्लास का नियमित और प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था का छात्राओं को अधिक से अधिक लाभ मिलना चाहिए। विद्यालय में छात्राओं को उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की व्यवस्था की भी जिलाधिकारी ने समीक्षा की। उन्होंने संबंधित एजेंसी जीविका के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित समय-सारणी के अनुसार छात्राओं को समय पर भोजन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही भोजन की गुणवत्ता एवं पौष्टिकता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया, ताकि छात्राओं को संतुलित एवं स्वास्थ्यवर्धक भोजन मिल सके। विद्यालय परिसर में साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी डीएम ने आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने जीविका को विद्यालय परिसर में नियमित रूप से साफ-सफाई कराने तथा छात्राओं के लिए स्वच्छ वातावरण बनाए रखने को कहा। विद्यालय के कमरों, परिसर एवं अन्य स्थानों पर स्वच्छता व्यवस्था को व्यवस्थित रखने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने विद्यालय की समस्त व्यवस्थाओं को बेहतर एवं सुव्यवस्थित बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि छात्राओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। विद्यालय प्रशासन और संबंधित पदाधिकारियों को छात्राओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया। निरीक्षण के दौरान जिला कल्याण पदाधिकारी, सुपौल, जिला कल्याण पदाधिकारी (BC एवं EBC), विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मी सहित अन्य संबंधित लोग उपस्थित रहे।
Supaul, Supaul | Oct 1, 2026
सदर अस्पताल में मनाया गया बेटी जन्मोत्सव, नवजात बेटियों को बेबी किट और माताओं को दिए गए फलदार पौधे सुपौल। सदर अस्पताल, सुपौल में बुधवार को बेटी जन्मोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बेटी के जन्म को प्रोत्साहित करना, बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना तथा मातृ एवं शिशु पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम का आयोजन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, आईसीडीएस, सुपौल की अध्यक्षता में किया गया। बेटी जन्मोत्सव के दौरान सदर अस्पताल में जन्म लेने वाली नवजात बेटियों और उनकी माताओं को सम्मानित किया गया। नवजात बेटियों को बेबी किट प्रदान की गई, जबकि उनकी माताओं को फलदार पौधा देकर बेटी के जन्म की खुशी को यादगार बनाया गया। इस पहल के माध्यम से बेटी के जन्म को बोझ नहीं, बल्कि परिवार और समाज के लिए खुशी एवं सम्मान का अवसर बनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में डीपीएम, जिला स्वास्थ्य समिति, जिला परियोजना प्रबंधक, महिला एवं बाल विकास निगम, जिला मिशन समन्वयक, जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन (DHEW), अस्पताल प्रबंधक, जिला समन्वयक एनएनएम, केंद्र प्रशासक सखी वन स्टॉप सेंटर, लैंगिक विशेषज्ञ एवं लेखा सहायक सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के बाद जिला मिशन समन्वयक DHEW हरिनारायण कुमार, लैंगिक विशेषज्ञ नितु कुमारी एवं मोहम्मद तारीक सिद्धकी ने सदर अस्पताल के विभिन्न वार्डों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने नवजात शिशुओं की माताओं से संवाद कर शिशु के पोषण, स्तनपान और देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। माताओं को बताया गया कि जन्म से छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध पिलाना चाहिए। इस अवधि में बच्चे को पानी सहित किसी अन्य खाद्य पदार्थ की आवश्यकता नहीं होती। छह माह की आयु पूर्ण होने के बाद स्तनपान जारी रखते हुए बच्चे को उचित ऊपरी आहार देना शुरू करना चाहिए। माताओं को शिशु की साफ-सफाई, पोषण और नियमित देखभाल को लेकर भी जागरूक किया गया। इस दौरान महिलाओं और बालिकाओं के लिए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों एवं कर्मियों ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY), मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं के बारे में माताओं को बताया। पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक जानकारी और प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया। कार्यक्रम के माध्यम से बेटी के जन्म पर परिवार में खुशी का माहौल बनाने, लिंग आधारित भेदभाव को कम करने और बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। साथ ही माताओं को अपने नवजात बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए जागरूक रहने की अपील की गई। अधिकारियों ने कहा कि बेटियों के जन्म को सम्मान देने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की दिशा में परिवार एवं समाज की सामूहिक भूमिका महत्वपूर्ण है। बेटी जन्मोत्सव जैसे कार्यक्रम इसी सोच को मजबूत करने में सहायक हैं।
Supaul, Supaul | Oct 1, 2026