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Unlock the power of milk for strong bones and teeth! Did you know milk is packed with calcium, vital for bone health? Keep osteoporosis at bay and stay strong with this nutritious powerhouse! #Milk #nutritionfacts

30k views | Delhi, India | May 16, 2024

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Karbala History: वह 10 Muharram की आख़िरी शाम... | कर्बला का दर्द भरा इतिहास | Imam Hussain

"72 प्यासे और 33,000 की जालिम फ़ौज... जब कर्बला की रेत खून से लाल हो गई!" 💔😭

नाज़रीन, इंसानी इतिहास (History) में बहुत सी जंगें लड़ी गईं, लेकिन सन 61 हिजरी को कर्बला के तपते हुए रेगिस्तान में जो हुआ, उसकी मिसाल कयामत तक नहीं मिल सकती। 10 मोहर्रम (यौम-ए-आशूरा)... वो दिन जब नवासा-ए-रसूल हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) ने दीन-ए-इस्लाम और इंसानियत को बचाने के लिए अपना पूरा कुनबा कुर्बान कर दिया।

क्या थी कर्बला की वो दर्दनाक दास्तान? 👇

एक तरफ दमिश्क का जालिम हुक्मरान यजीद था, जिसके पास ताकत थी, लाखों की फौज थी और गुरूर था। वो चाहता था कि इमाम हुसैन उसके आगे सर झुका दें। लेकिन इमाम हुसैन (अ.स.), जो हज़रत अली के लाल और बीवी फातिमा के चैन थे, उन्होंने साफ कह दिया— "मुझ जैसा शख्स यजीद जैसे बदकिरदार की बैअत कभी नहीं कर सकता।"

7 मोहर्रम से नहर-ए-फुरात पर पहरा लगा दिया गया। तीन दिन तक इमाम का पूरा कुनबा, छोटे-छोटे बच्चे भूख और प्यास से तड़पते रहे। ज़रा दिल पर हाथ रखकर सोचिए...

जब 6 महीने के मासूम अली असगर को पानी के बदले गले पर तीर लगा होगा, तो एक बाप के दिल पर क्या गुज़री होगी?

जब भाई अब्बास के दोनों बाजू काट दिए गए होंगे, तो हुसैन की कमर कैसे टूटी होगी?

जवान बेटे अली अकबर और भाई के लाल कासिम की लाशों को जब इमाम अकेले खैमे तक लाए होंगे, तो मंज़र क्या रहा होगा?

और फिर आया 10 मोहर्रम की असर (शाम) का वक्त... इमाम हुसैन बिल्कुल तन्हा थे, बदन पर सैकड़ों ज़ख्म थे। उन्होंने आखिरी नमाज़ के लिए सिज्दे में सर रखा... और उसी हालत में जालिम शूमर ने उनका सर तन से जुदा कर दिया।

हुसैन ने सर तो कटा दिया, लेकिन इस्लाम के परचम को कभी झुकने नहीं दिया! यजीद जंग जीतकर भी तारीख के पन्नों में हमेशा के लिए मिट गया और जलील हो गया, लेकिन इमाम हुसैन आज भी हर इंसाफ पसंद इंसान के दिल पर राज कर रहे हैं।

इसी दर्द भरे और रूह कंपा देने वाले इतिहास को हमने बेहद अदब और जज्बात के साथ इस वीडियो में समेटा है। एक बार इस इतिहास को पूरा ज़रूर सुनिए, आपकी आँखों से आँसू रुकेंगे नहीं।

#WaqiaeKarbala #ImamHussain #Muharram2026 #10Muharram #YaHussain #KarbalaHistory #IslamicHistory #Ashura

Karbala History: वह 10 Muharram की आख़िरी शाम... | कर्बला का दर्द भरा इतिहास | Imam Hussain "72 प्यासे और 33,000 की जालिम फ़ौज... जब कर्बला की रेत खून से लाल हो गई!" 💔😭 नाज़रीन, इंसानी इतिहास (History) में बहुत सी जंगें लड़ी गईं, लेकिन सन 61 हिजरी को कर्बला के तपते हुए रेगिस्तान में जो हुआ, उसकी मिसाल कयामत तक नहीं मिल सकती। 10 मोहर्रम (यौम-ए-आशूरा)... वो दिन जब नवासा-ए-रसूल हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) ने दीन-ए-इस्लाम और इंसानियत को बचाने के लिए अपना पूरा कुनबा कुर्बान कर दिया। क्या थी कर्बला की वो दर्दनाक दास्तान? 👇 एक तरफ दमिश्क का जालिम हुक्मरान यजीद था, जिसके पास ताकत थी, लाखों की फौज थी और गुरूर था। वो चाहता था कि इमाम हुसैन उसके आगे सर झुका दें। लेकिन इमाम हुसैन (अ.स.), जो हज़रत अली के लाल और बीवी फातिमा के चैन थे, उन्होंने साफ कह दिया— "मुझ जैसा शख्स यजीद जैसे बदकिरदार की बैअत कभी नहीं कर सकता।" 7 मोहर्रम से नहर-ए-फुरात पर पहरा लगा दिया गया। तीन दिन तक इमाम का पूरा कुनबा, छोटे-छोटे बच्चे भूख और प्यास से तड़पते रहे। ज़रा दिल पर हाथ रखकर सोचिए... जब 6 महीने के मासूम अली असगर को पानी के बदले गले पर तीर लगा होगा, तो एक बाप के दिल पर क्या गुज़री होगी? जब भाई अब्बास के दोनों बाजू काट दिए गए होंगे, तो हुसैन की कमर कैसे टूटी होगी? जवान बेटे अली अकबर और भाई के लाल कासिम की लाशों को जब इमाम अकेले खैमे तक लाए होंगे, तो मंज़र क्या रहा होगा? और फिर आया 10 मोहर्रम की असर (शाम) का वक्त... इमाम हुसैन बिल्कुल तन्हा थे, बदन पर सैकड़ों ज़ख्म थे। उन्होंने आखिरी नमाज़ के लिए सिज्दे में सर रखा... और उसी हालत में जालिम शूमर ने उनका सर तन से जुदा कर दिया। हुसैन ने सर तो कटा दिया, लेकिन इस्लाम के परचम को कभी झुकने नहीं दिया! यजीद जंग जीतकर भी तारीख के पन्नों में हमेशा के लिए मिट गया और जलील हो गया, लेकिन इमाम हुसैन आज भी हर इंसाफ पसंद इंसान के दिल पर राज कर रहे हैं। इसी दर्द भरे और रूह कंपा देने वाले इतिहास को हमने बेहद अदब और जज्बात के साथ इस वीडियो में समेटा है। एक बार इस इतिहास को पूरा ज़रूर सुनिए, आपकी आँखों से आँसू रुकेंगे नहीं। #WaqiaeKarbala #ImamHussain #Muharram2026 #10Muharram #YaHussain #KarbalaHistory #IslamicHistory #Ashura

Parliament Street, New Delhi | Jun 26, 2026

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