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सागर में जमीन विवाद में ला-ठी-डं-डे च-ले, दोनों पक्ष अस्पताल में भर्ती ! #Sagar #BihariPura #LandDispute #ViolentClash ...

Sagar Nagar, Sagar | Dec 1, 2025

MORE NEWS

➡️ मुख्य अभियंता श्री शैलेन्द्र शुक्ला ने सागर-मकरोनिया जलावर्धन योजना का किया निरीक्षण

मकरोनिया जलावर्धन योजना के अंतर्गत नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी के मुख्य अभियंता श्री शैलेन्द्र शुक्ला ने परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने सागर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल एवं नगर निगम आयुक्त श्री राजकुमार खत्री से भेंट कर परियोजना की संचालन व्यवस्था के संबंध में विस्तार से चर्चा की।

इसके पश्चात मुख्य अभियंता श्री शुक्ला ने जलावर्धन योजना (पैकेज-6आई) अंतर्गत नगर परिषद शाहपुर, जिला सागर का भी भ्रमण किया। उन्होंने शाहपुर में ट्रायल रन की तैयारियों और संचालन व्यवस्था के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर जल शोधन संयंत्र परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। भ्रमण के दौरान संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

➡️ मुख्य अभियंता श्री शैलेन्द्र शुक्ला ने सागर-मकरोनिया जलावर्धन योजना का किया निरीक्षण मकरोनिया जलावर्धन योजना के अंतर्गत नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी के मुख्य अभियंता श्री शैलेन्द्र शुक्ला ने परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने सागर कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल एवं नगर निगम आयुक्त श्री राजकुमार खत्री से भेंट कर परियोजना की संचालन व्यवस्था के संबंध में विस्तार से चर्चा की। इसके पश्चात मुख्य अभियंता श्री शुक्ला ने जलावर्धन योजना (पैकेज-6आई) अंतर्गत नगर परिषद शाहपुर, जिला सागर का भी भ्रमण किया। उन्होंने शाहपुर में ट्रायल रन की तैयारियों और संचालन व्यवस्था के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर जल शोधन संयंत्र परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। भ्रमण के दौरान संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

Sagar, Madhya Pradesh | Jul 16, 2026

➡️ एकात्म मानव दर्शन विकसित भारत-2047 का सबसे सशक्त आधार: सांसद डॉ. लता वानखेड़े

➡️ पं. दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का गरिमापूर्ण समापन

➡️ सांसद निधि से महाविद्यालय के सभागार हेतु ए.सी. एवं इनवर्टर देने की हुई बड़ी घोषणा

➡️ द्वितीय दिवस के तकनीकी सत्र में देश भर के 28 शोधार्थियों ने पढ़े शोध पत्र

 पं. दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, सागर में प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) परियोजना के सॉफ्ट कंपोनेंट के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी "एकात्म मानव दर्शन: विकसित भारत 2047" का गुरुवार को अत्यंत गरिमामय वातावरण में समापन हुआ। संगोष्ठी के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में सागर की लोकप्रिय सांसद डॉ. लता वानखेड़े उपस्थित रहीं, जबकि अध्यक्षता उच्च शिक्षा सागर संभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. नीरज दुबे ने की। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में आरोग्य भारती के जिला संयोजक डॉ. सुखदेव मिश्र, ओएसडी डॉ. भावना यादव तथा पीएम उषा प्रभारी डॉ. इमराना सिद्दीकी मंचस्थ रहीं।

समापन सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित लोकप्रिय सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि एकात्म मानव दर्शन केवल राजनीतिक विचार नहीं, बल्कि मानव जीवन का समग्र दर्शन है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 का लक्ष्य तभी साकार होगा जब विकास का केंद्र केवल आर्थिक उन्नति न होकर मनुष्य का समग्र विकास (मन, बुद्धि, शरीर और आत्मा का संतुलन) होगा। इस दौरान उन्होंने पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के उत्थान यानी 'अंत्योदय' को इस दर्शन की मूल आत्मा बताया।

 अकादमिक सत्र की सराहना करते हुए सांसद डॉ. वानखेड़े ने प्राचार्य एवं विद्यार्थियों की मांग पर सांसद निधि से महाविद्यालय के आदि गुरु शंकराचार्य सभागार के लिए एयर कंडीशनर (ए.सी.) एवं इनवर्टर उपलब्ध कराने की बड़ी घोषणा की।  

सत्र की अध्यक्षता कर रहे उच्च शिक्षा सागर संभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. नीरज दुबे ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि शासन द्वारा आयोजित ऐसी संगोष्ठियों की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब इनसे प्राप्त निष्कर्ष शोध प्रकाशन या पुस्तक के रूप में समाज और नई पीढ़ी तक पहुँचें। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित आरोग्य भारती के जिला संयोजक डॉ. सुखदेव मिश्र ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय पूंजीवाद या साम्यवाद के नहीं, बल्कि मानव-केंद्रित एकात्म मानववाद के पक्षधर थे, जिसमें प्रकृति, पर्यावरण और समग्र विकास का सुंदर समन्वय है। इसी विचारधारा को व्यवहारिक रूप देकर वर्तमान सरकारें राष्ट्र निर्माण में जुटी हैं। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि के रूप में ओएसडी डॉ. भावना यादव तथा पीएम उषा प्रभारी डॉ. इमराना सिद्दीकी भी मंच पर उपस्थित रहीं।  

इससे पूर्व अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने कहा कि पंडित दीनदयाल जी के अनुसार अज्ञानता और अभाव से मुक्ति ही ज्ञान की वास्तविक सार्थकता है और शिक्षा का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का प्रकाश पहुँचाना होना चाहिए। उन्होंने सभागार को वातानुकूलित करने की मांग सांसद जी के समक्ष रखी, जिसे तुरंत स्वीकृति मिली। इसके बाद संगोष्ठी की संयोजक डॉ. संगीता मुखर्जी ने दो दिवसीय सफल आयोजन का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि दोनों दिनों में विषय विशेषज्ञों ने भारतीय ज्ञान परंपरा, सामाजिक समरसता और सतत विकास जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से मंथन किया है।  

संगोष्ठी के समापन कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ, जिसमें श्री सुमित यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस भव्य समापन सत्र का प्रभावी संचालन संगोष्ठी के सहसंयोजक डॉ. संदीप सबलोक ने किया तथा अंत में वरिष्ठ प्राध्यापक व संगोष्ठी की समन्वयक डॉ. प्रतिभा जैन ने सभी अतिथियों, शोधार्थियों एवं आयोजन समिति के प्रति गरिमामयी आभार व्यक्त किया। 
 
             समापन सत्र से ठीक पहले आयोजित हुए दूसरे दिन के प्रथम तकनीकी सत्र में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आए 28 शोधार्थियों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए जिन्हें समापन के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा प्रमाण पत्र विस्तृत किए। इस सत्र की मुख्य वक्ता दमोह महाविद्यालय की प्राध्यापक डॉ. इंदिरा जैन ने अंत्योदय की भावना को सरकारी नीतियों के केंद्र में रखने पर बल दिया। विशिष्ट वक्ता इंक मीडिया संस्थान के निदेशक डॉ. आशीष द्विवेदी ने कहा कि आधुनिक मीडिया और संचार माध्यमों के प्रभावी उपयोग से इस दर्शन के सिद्धांतों को युवा पीढ़ी तक पहुँचाया जा सकता है। सत्र की अध्यक्षता कर रहीं डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय की विभागाध्यक्ष प्रो. अनुपमा कौशिक ने कहा कि वर्तमान वैश्विक चुनौतियों और मानसिक तनाव का समाधान प्रकृति और मानव के बीच संतुलन स्थापित करने वाले इसी एकात्म मानव दर्शन में निहित है।  

इस तकनीकी सत्र में डॉ. प्रज्ञा दुबे, प्रदीप सोनी, अंकेश कुमार, अश्वनी तिवारी, विवेक श्रीवास्तव, अनुभूति तिवारी, उन्नति मिश्रा, विनीत वर्मा, गिरिराज अहिरवार, नेहा पटेल, नितेश पटेल, डॉली पांडे, गिरीश कुमार रैकवार और अमन लोधी आदि ने भी अपने शोध पत्र प्रस्तुत कर विचार रखे। संगोष्ठी में बड़ी संख्या में ऑफलाइन सहभागिता के साथ-साथ अनेक प्रतिभागी यूट्यूब लाइव के माध्यम से भी जुड़े रहे। तकनीकी सत्र का सफल संचालन डॉ. अभिलाषा जैन एवं डॉ. संदीप सबलोक ने किया।  

इस दो दिवसीय गरिमापूर्ण राष्ट्रीय संगोष्ठी में डॉ. गोपा जैन, डॉ. विनय शर्मा, डॉ. अमर कुमार जैन, डॉ. संगीता कुंभारे, डॉ. शुचिता अग्रवाल, डॉ. राणा कुंजर सिंह, अवधेश प्रताप सिंह, डॉ. नीलम सिंह, डॉ. शैलेंद्र सिंह राजपूत, विकास त्रिपाठी, अरविंद चतुर्वेदी, रेणु सोलंकी, आयुष बड़कुल, डॉ. अंकुर गौतम, डॉ. संदीप तिवारी, रितु त्रिपाठी, वशुंधरा गुप्ता, भानुप्रिया पटेल, शिखा चौबे और रश्मि दुबे समेत महाविद्यालय का संपूर्ण शैक्षणिक स्टाफ, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं गौरवमयी रूप से उपस्थित रहे।

CM Madhya Pradesh  Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

➡️ एकात्म मानव दर्शन विकसित भारत-2047 का सबसे सशक्त आधार: सांसद डॉ. लता वानखेड़े ➡️ पं. दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का गरिमापूर्ण समापन ➡️ सांसद निधि से महाविद्यालय के सभागार हेतु ए.सी. एवं इनवर्टर देने की हुई बड़ी घोषणा ➡️ द्वितीय दिवस के तकनीकी सत्र में देश भर के 28 शोधार्थियों ने पढ़े शोध पत्र पं. दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, सागर में प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) परियोजना के सॉफ्ट कंपोनेंट के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी "एकात्म मानव दर्शन: विकसित भारत 2047" का गुरुवार को अत्यंत गरिमामय वातावरण में समापन हुआ। संगोष्ठी के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में सागर की लोकप्रिय सांसद डॉ. लता वानखेड़े उपस्थित रहीं, जबकि अध्यक्षता उच्च शिक्षा सागर संभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. नीरज दुबे ने की। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में आरोग्य भारती के जिला संयोजक डॉ. सुखदेव मिश्र, ओएसडी डॉ. भावना यादव तथा पीएम उषा प्रभारी डॉ. इमराना सिद्दीकी मंचस्थ रहीं। समापन सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित लोकप्रिय सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि एकात्म मानव दर्शन केवल राजनीतिक विचार नहीं, बल्कि मानव जीवन का समग्र दर्शन है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 का लक्ष्य तभी साकार होगा जब विकास का केंद्र केवल आर्थिक उन्नति न होकर मनुष्य का समग्र विकास (मन, बुद्धि, शरीर और आत्मा का संतुलन) होगा। इस दौरान उन्होंने पंक्ति के अंतिम व्यक्ति के उत्थान यानी 'अंत्योदय' को इस दर्शन की मूल आत्मा बताया। अकादमिक सत्र की सराहना करते हुए सांसद डॉ. वानखेड़े ने प्राचार्य एवं विद्यार्थियों की मांग पर सांसद निधि से महाविद्यालय के आदि गुरु शंकराचार्य सभागार के लिए एयर कंडीशनर (ए.सी.) एवं इनवर्टर उपलब्ध कराने की बड़ी घोषणा की। सत्र की अध्यक्षता कर रहे उच्च शिक्षा सागर संभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. नीरज दुबे ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि शासन द्वारा आयोजित ऐसी संगोष्ठियों की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब इनसे प्राप्त निष्कर्ष शोध प्रकाशन या पुस्तक के रूप में समाज और नई पीढ़ी तक पहुँचें। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित आरोग्य भारती के जिला संयोजक डॉ. सुखदेव मिश्र ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय पूंजीवाद या साम्यवाद के नहीं, बल्कि मानव-केंद्रित एकात्म मानववाद के पक्षधर थे, जिसमें प्रकृति, पर्यावरण और समग्र विकास का सुंदर समन्वय है। इसी विचारधारा को व्यवहारिक रूप देकर वर्तमान सरकारें राष्ट्र निर्माण में जुटी हैं। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि के रूप में ओएसडी डॉ. भावना यादव तथा पीएम उषा प्रभारी डॉ. इमराना सिद्दीकी भी मंच पर उपस्थित रहीं। इससे पूर्व अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने कहा कि पंडित दीनदयाल जी के अनुसार अज्ञानता और अभाव से मुक्ति ही ज्ञान की वास्तविक सार्थकता है और शिक्षा का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का प्रकाश पहुँचाना होना चाहिए। उन्होंने सभागार को वातानुकूलित करने की मांग सांसद जी के समक्ष रखी, जिसे तुरंत स्वीकृति मिली। इसके बाद संगोष्ठी की संयोजक डॉ. संगीता मुखर्जी ने दो दिवसीय सफल आयोजन का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि दोनों दिनों में विषय विशेषज्ञों ने भारतीय ज्ञान परंपरा, सामाजिक समरसता और सतत विकास जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से मंथन किया है। संगोष्ठी के समापन कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ, जिसमें श्री सुमित यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस भव्य समापन सत्र का प्रभावी संचालन संगोष्ठी के सहसंयोजक डॉ. संदीप सबलोक ने किया तथा अंत में वरिष्ठ प्राध्यापक व संगोष्ठी की समन्वयक डॉ. प्रतिभा जैन ने सभी अतिथियों, शोधार्थियों एवं आयोजन समिति के प्रति गरिमामयी आभार व्यक्त किया। समापन सत्र से ठीक पहले आयोजित हुए दूसरे दिन के प्रथम तकनीकी सत्र में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आए 28 शोधार्थियों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए जिन्हें समापन के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा प्रमाण पत्र विस्तृत किए। इस सत्र की मुख्य वक्ता दमोह महाविद्यालय की प्राध्यापक डॉ. इंदिरा जैन ने अंत्योदय की भावना को सरकारी नीतियों के केंद्र में रखने पर बल दिया। विशिष्ट वक्ता इंक मीडिया संस्थान के निदेशक डॉ. आशीष द्विवेदी ने कहा कि आधुनिक मीडिया और संचार माध्यमों के प्रभावी उपयोग से इस दर्शन के सिद्धांतों को युवा पीढ़ी तक पहुँचाया जा सकता है। सत्र की अध्यक्षता कर रहीं डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय की विभागाध्यक्ष प्रो. अनुपमा कौशिक ने कहा कि वर्तमान वैश्विक चुनौतियों और मानसिक तनाव का समाधान प्रकृति और मानव के बीच संतुलन स्थापित करने वाले इसी एकात्म मानव दर्शन में निहित है। इस तकनीकी सत्र में डॉ. प्रज्ञा दुबे, प्रदीप सोनी, अंकेश कुमार, अश्वनी तिवारी, विवेक श्रीवास्तव, अनुभूति तिवारी, उन्नति मिश्रा, विनीत वर्मा, गिरिराज अहिरवार, नेहा पटेल, नितेश पटेल, डॉली पांडे, गिरीश कुमार रैकवार और अमन लोधी आदि ने भी अपने शोध पत्र प्रस्तुत कर विचार रखे। संगोष्ठी में बड़ी संख्या में ऑफलाइन सहभागिता के साथ-साथ अनेक प्रतिभागी यूट्यूब लाइव के माध्यम से भी जुड़े रहे। तकनीकी सत्र का सफल संचालन डॉ. अभिलाषा जैन एवं डॉ. संदीप सबलोक ने किया। इस दो दिवसीय गरिमापूर्ण राष्ट्रीय संगोष्ठी में डॉ. गोपा जैन, डॉ. विनय शर्मा, डॉ. अमर कुमार जैन, डॉ. संगीता कुंभारे, डॉ. शुचिता अग्रवाल, डॉ. राणा कुंजर सिंह, अवधेश प्रताप सिंह, डॉ. नीलम सिंह, डॉ. शैलेंद्र सिंह राजपूत, विकास त्रिपाठी, अरविंद चतुर्वेदी, रेणु सोलंकी, आयुष बड़कुल, डॉ. अंकुर गौतम, डॉ. संदीप तिवारी, रितु त्रिपाठी, वशुंधरा गुप्ता, भानुप्रिया पटेल, शिखा चौबे और रश्मि दुबे समेत महाविद्यालय का संपूर्ण शैक्षणिक स्टाफ, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं गौरवमयी रूप से उपस्थित रहे। CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

Sagar, Madhya Pradesh | Jul 16, 2026

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Sagar Nagar, Sagar | Jul 16, 2026

आज निकलेगी जगन्नाथ स्वामी की रथ यात्रा

आज निकलेगी जगन्नाथ स्वामी की रथ यात्रा

Sagar Nagar, Sagar | Jul 16, 2026

➡️ लोककल्याणकारी और रोजगारोन्मुखी योजनाओं का लाभ समय सीमा में मिले: श्री अहिरवार

➡️ शासन की अनुदान योजनाओं का लाभ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र हितग्राहियों को मुहैया करायें

➡️ मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य श्री बारेलाल अहिरवार की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न

मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य श्री बारेलाल अहिरवार की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित की जा रही लोककल्याणकारी और रोजगारोन्मुखी योजनाओं की प्रगति की विभागवार विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में आयोग के सदस्य श्री अहिरवार ने विभागीय और जिला अधिकारियों को निर्देश दिए कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित लोककल्याणकारी और रोजगारोन्मुखी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र हितग्राहियों तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ देने के लिए समस्त विभाग जन-जागरूकता अभियान चलाएं और शिविरों के माध्यम से लोगों तक योजनाओं की जानकारी पहुँचाएं।

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के पीड़ितों के लिए राहत राशि का वितरण शीघ्रता से करें। उन्होंने कहा कि पीड़ित से सजीव संपर्क स्थापित कर उसके दस्तावेजों में आ रही कमियों को दूर करें और शीघ्रता से राहत राशि का वितरण सुनिश्चित करें। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के समस्त नागरिकों के जाति प्रमाण पत्र बनवाना सुनिश्चित करें। उन्हांेने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावासों की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि ऐसे छात्रावासों में स्वीकृत सीटों पर शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित किया जाए और छात्रावासों के रखरखाव और मरम्मत संबंधी कार्य पूरे किए जाएं।

उन्होंने कहा कि भू-अभिलेख और राजस्व विभाग समन्वय के साथ कार्य करें ताकि किसानों और आम नागरिकों के भूमि के खसरों में सुचिता रहे और किसी भी प्रकार की विसंगति पैदा न हो। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के जिन आवेदकों के प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन निरस्त हुए हैं अथवा जिन आवेदकों के आवेदन अभी तक शुरू नहीं हुए हैं, ऐसे समस्त आवेदकों के आवेदनों को शुरू कर उन्हें आवास योजना का लाभ प्रदान करना सुनिश्चित करें। सामुदायिक भवनों पर से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही करें, इस हेतु उन्होंने प्रशासन के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों और आमजन से भी अपील की कि सामुदायिक भवनों सहित अन्य शासकीय संपत्तियों पर अतिक्रमण होने की सूचना शीघ्रता से जिला प्रशासन तक पहुँचाएं।

आचार्य विद्यासागर योजना, डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना, मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना, मुख्यमंत्री गौसेवा योजना, संत रविदास स्वरोजगार योजना, पीएम स्वनिधि योजना सहित अन्य योजनाओं में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के आवेदकों और बैंक से समन्वय स्थापित कर अनुदान योजनाओं के प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण कर पात्र हितग्राहियों को अनुदान उपलब्ध कराएं। इसी प्रकार उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, कृषि विकास योजना का लाभ अनुसूचित वर्ग के हितग्राहियों को प्राथमिकता से मुहैया कराना सुनिश्चित किया जाए।

समीक्षा के दौरान कृषि, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, उद्यानिकी, जल निगम, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, बस्ती विकास, आजीविका मिशन रोजगार, कौशल विकास सहित अन्य विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

इस अवसर पर नगर निगम अध्यक्ष श्री वृन्दावन अहिरवार, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सुश्री अदिति शांडिल्य, सिटी मजिस्ट्रेट श्री गगन बिसेन सहित वनमंडल अधिकारी दक्षिण, उत्तर एवं रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व,  मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अधीक्षण अभियंता मप्रपूक्षेविविकलि, अधीक्षक भू अभिलेख , जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास , जिला शिक्षा अधिकारी , जिला स्रोत समन्वयक सर्व शिक्षा अभियान , उपसंचालक समाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण , लीड बैंक मैनेजर , कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग , कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग , कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवाये , उपसंचालक, किसान कल्याण एवं कृषि विभाग , उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएँ , महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उधोग केन्द्र , उपसंचालक मतस्य विभाग , उपसंचालक उद्यान विभाग , जिला परियोजना अधिकारी नगरीय विकास अभिकरण , महाप्रबंधक जल निगम, जिला आपूर्ति नियंत्रक जिला , समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जिला उपस्थित रहे।

CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

➡️ लोककल्याणकारी और रोजगारोन्मुखी योजनाओं का लाभ समय सीमा में मिले: श्री अहिरवार ➡️ शासन की अनुदान योजनाओं का लाभ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र हितग्राहियों को मुहैया करायें ➡️ मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य श्री बारेलाल अहिरवार की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य श्री बारेलाल अहिरवार की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित की जा रही लोककल्याणकारी और रोजगारोन्मुखी योजनाओं की प्रगति की विभागवार विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में आयोग के सदस्य श्री अहिरवार ने विभागीय और जिला अधिकारियों को निर्देश दिए कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित लोककल्याणकारी और रोजगारोन्मुखी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र हितग्राहियों तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ देने के लिए समस्त विभाग जन-जागरूकता अभियान चलाएं और शिविरों के माध्यम से लोगों तक योजनाओं की जानकारी पहुँचाएं। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के पीड़ितों के लिए राहत राशि का वितरण शीघ्रता से करें। उन्होंने कहा कि पीड़ित से सजीव संपर्क स्थापित कर उसके दस्तावेजों में आ रही कमियों को दूर करें और शीघ्रता से राहत राशि का वितरण सुनिश्चित करें। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के समस्त नागरिकों के जाति प्रमाण पत्र बनवाना सुनिश्चित करें। उन्हांेने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावासों की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि ऐसे छात्रावासों में स्वीकृत सीटों पर शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित किया जाए और छात्रावासों के रखरखाव और मरम्मत संबंधी कार्य पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि भू-अभिलेख और राजस्व विभाग समन्वय के साथ कार्य करें ताकि किसानों और आम नागरिकों के भूमि के खसरों में सुचिता रहे और किसी भी प्रकार की विसंगति पैदा न हो। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के जिन आवेदकों के प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन निरस्त हुए हैं अथवा जिन आवेदकों के आवेदन अभी तक शुरू नहीं हुए हैं, ऐसे समस्त आवेदकों के आवेदनों को शुरू कर उन्हें आवास योजना का लाभ प्रदान करना सुनिश्चित करें। सामुदायिक भवनों पर से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही करें, इस हेतु उन्होंने प्रशासन के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों और आमजन से भी अपील की कि सामुदायिक भवनों सहित अन्य शासकीय संपत्तियों पर अतिक्रमण होने की सूचना शीघ्रता से जिला प्रशासन तक पहुँचाएं। आचार्य विद्यासागर योजना, डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना, मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना, मुख्यमंत्री गौसेवा योजना, संत रविदास स्वरोजगार योजना, पीएम स्वनिधि योजना सहित अन्य योजनाओं में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के आवेदकों और बैंक से समन्वय स्थापित कर अनुदान योजनाओं के प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण कर पात्र हितग्राहियों को अनुदान उपलब्ध कराएं। इसी प्रकार उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, कृषि विकास योजना का लाभ अनुसूचित वर्ग के हितग्राहियों को प्राथमिकता से मुहैया कराना सुनिश्चित किया जाए। समीक्षा के दौरान कृषि, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, उद्यानिकी, जल निगम, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, बस्ती विकास, आजीविका मिशन रोजगार, कौशल विकास सहित अन्य विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इस अवसर पर नगर निगम अध्यक्ष श्री वृन्दावन अहिरवार, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सुश्री अदिति शांडिल्य, सिटी मजिस्ट्रेट श्री गगन बिसेन सहित वनमंडल अधिकारी दक्षिण, उत्तर एवं रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अधीक्षण अभियंता मप्रपूक्षेविविकलि, अधीक्षक भू अभिलेख , जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास , जिला शिक्षा अधिकारी , जिला स्रोत समन्वयक सर्व शिक्षा अभियान , उपसंचालक समाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण , लीड बैंक मैनेजर , कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग , कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग , कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवाये , उपसंचालक, किसान कल्याण एवं कृषि विभाग , उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएँ , महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उधोग केन्द्र , उपसंचालक मतस्य विभाग , उपसंचालक उद्यान विभाग , जिला परियोजना अधिकारी नगरीय विकास अभिकरण , महाप्रबंधक जल निगम, जिला आपूर्ति नियंत्रक जिला , समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जिला उपस्थित रहे। CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #sagar

Sagar, Madhya Pradesh | Jul 15, 2026

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