*समाहरणालय पर जिला विकास संघर्ष मोर्चा का प्रदर्शन, बंद उद्योगों को चालू करने की मांग*
*करीब 23 एकड़ में फैला बंद समस्तीपुर चीनी मिल पुनः चालू करे सरकार- शत्रुघ्न पंजी*
*बंद पड़ा बिहार का प्रसिद्ध ठाकुर पेपर मिल पुनः चालू करे सरकार- राकेश ठाकुर*
*बंद पड़ा दूधपूरा हवाई अड्डा को जीर्णोद्धार कर चालू करे सरकार- सुरेंद्र प्रसाद सिंह*
समस्तीपुर, 15 जून 2026
बंद पड़े दूधपूरा हवाई अड्डा का जीर्णोद्धार कर उसे चालू करने, बंद पड़े समस्तीपुर चीनी मिल एवं ठाकुर पेपर मिल को पुनः चालू करने तथा मुक्तापुर स्थित रामेश्वर जूट मिल का विकास-विस्तार कर उसके नियमित संचालन की गारंटी करने की मांग को लेकर सोमवार को जिला विकास संघर्ष मोर्चा के बैनर तले समाहरणालय पर जोरदार प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार बस स्टैंड से जुलूस निकालकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए समाहरणालय पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान करीब एक घंटे तक प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते हुए जिले के बंद पड़े उद्योगों को चालू करने तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग उठाई।
समाहरणालय द्वार पर आयोजित सभा की अध्यक्षता मोर्चा के शंकर प्रसाद साह ने की। सभा को विभिन्न संगठनों के दर्जनों नेताओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि जिले के प्रमुख उद्योगों एवं संस्थानों के बंद होने से हजारों लोगों का रोजगार प्रभावित हुआ है। वक्ताओं ने कहा कि सरकार को अविलंब इन संस्थानों को चालू करने की दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए।
सभा के बाद प्रतिनिधिमंडल ने अपर समाहर्ता को पांच सूत्री मांग पत्र सौंपते हुए मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन में भाकपा माले के सुरेंद्र प्रसाद सिंह, दीनबंधु प्रसाद, जीतेंद्र कुमार, रामलाल राम, अर्जुन राय, विश्वनाथ गुप्ता, सोनेलाल राय, माकपा के सत्यनारायण सिंह, भाकपा के सुधीर कुमार देव, कांग्रेस के परमानंद मिश्र, विश्वनाथ सिंह हजारी, सुशील कुमार, एख्लाकुर रहमान सिद्दीकी, राजद के राकेश ठाकुर, शाहीद हुसैन, अकबर अली, राम विनोद पासवान, शंभू राय, सूरत राम, ट्रेड यूनियन नेता संतोष कुमार निराला, समेत अशोक कुमार राय, सुरेंद्र राम, मनोज कुमार, विश्वनाथ कुमार पासवान, अविनाश कुमार, मिथिलेश कुमार राय, मो० सोनू, रंजीत कुमार सिंह, अनील कुमार राय, राजकुमार महतो, राजेंद्र राम, राजेश कुमार आदि बड़ी संख्या में विभिन्न संगठनों, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आम नागरिक शामिल थे।