#चित्रकूट
कहते हैं कि कानून की आंखें बंद होती हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में तो ऐसा लगता है कि खनन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने अपनी आंखें, कान और ज़मीर सब कुछ बंद कर लिया है। सरकार बड़े-बड़े मंचों से पर्यावरण संरक्षण और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सख्त नियमों का ढिंढोरा पीटती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन नियमों की असली हकीकत क्या है? रातों-रात नदियों और धरती का सीना कैसे चीरा जा रहा है? अगर नहीं जानते, तो राजापुर तहसील अंतर्गत तीर घुमाई गंगू खंड संख्या 03 से आई यह सनसनीखेज वीडियो देखिए
यह जो वीडियो इस वक्त आप अपनी स्क्रीन पर देख रहे हैं, यह कोई किसी फिल्म की शूटिंग नहीं है। यह ज़मीनी हकीकत है उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले अंतर्गत तीर घुमाई गंगू खंड संख्या 03 की जहां घड़ी में रात के 10 बजकर 15 मिनट हो रहे हैं, जब पूरी दुनिया सो रही होती है, तब यहाँ पर्यावरण को तबाह करने का 'खूनी खेल' शुरू होता है।
चमकती हुई हेडलाइट्स और गरजती हुई ये भारी-भरकम पोकलैंड मशीनें गवाही दे रही हैं कि यहाँ बालू का अवैध खनन किस कदर हावी है। धड़ल्ले से ट्रकों और डंपरों में बालू लादी जा रही है और यह सब हो रहा है प्रशासन की नाक के नीचे
Manikpur, Chitrakoot | Jun 23, 2026