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थाना साईबर क्राईम भिवानी द्वारा साइबर जागरूकता कार्यक्रम के तहत गांव सांगा के राजकीय विद्यालय में विद्यार्थियों को साईबर अपराधों के प्रति किया जागरूक पुलिस अधीक्षक भिवानी सुमित कुमार, आईपीएस के निर्देशानुसार जिले में आम नागरिकों एवं विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से लगातार साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन्हीं निर्देशों की पालना करते हुए आज थाना साइबर क्राइम भिवानी की टीम द्वारा गांव सांगा के राजकीय विद्यालय में साईबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं विद्यालय स्टाफ को वर्तमान समय में बढ़ रहे विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों, उनसे बचाव के उपायों तथा साइबर अपराध होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें तथा अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। 1. *डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest)* साईबर अपराधी स्वयं को पुलिस, सीबीआई, ईडी, कस्टम, ट्राई अथवा अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते हैं और गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे ट्रांसफर करवाते हैं। पुलिस ने बताया कि भारत में कोई भी सरकारी एजेंसी किसी व्यक्ति को वीडियो कॉल पर "डिजिटल अरेस्ट" नहीं करती। 2. *निवेश (Investment) एवं ट्रेडिंग फ्रॉड* अपराधी सोशल मीडिया, व्हाट्सएप या टेलीग्राम के माध्यम से अधिक मुनाफे का लालच देकर फर्जी निवेश योजनाओं में पैसा लगवाते हैं। शुरुआत में नकली लाभ दिखाकर बाद में पूरी राशि हड़प लेते हैं। 3. *ओएलएक्स/ऑनलाइन खरीद-बिक्री फ्रॉड* सस्ते सामान का लालच देकर या खरीददार बनकर एडवांस भुगतान, ओटीपी अथवा क्यूआर कोड स्कैन करवाकर लोगों से ठगी की जाती है। 4. *फर्जी कस्टमर केयर एवं केवाईसी फ्रॉड* अपराधी बैंक, बिजली विभाग, गैस एजेंसी या अन्य संस्थानों का कर्मचारी बनकर कॉल करते हैं और केवाईसी अपडेट, बिजली कनेक्शन काटने या खाते को बंद करने का डर दिखाकर बैंक संबंधी जानकारी प्राप्त कर लेते हैं। 5. *सोशल मीडिया एवं व्हाट्सएप हैकिंग* फर्जी लिंक भेजकर या ओटीपी प्राप्त कर साइबर अपराधी सोशल मीडिया अकाउंट अपने कब्जे में ले लेते हैं और फिर परिचितों से पैसे मांगते हैं। ✍️ *साईबर अपराध से बचने के लिए क्या करें* - केवल आधिकारिक वेबसाइट एवं मोबाइल ऐप का ही उपयोग करें। - मजबूत पासवर्ड रखें तथा समय-समय पर बदलते रहें। - बैंक खाते में मोबाइल नंबर अपडेट रखें तथा एसएमएस अलर्ट चालू रखें। - किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी जांच करें। - सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी सीमित रखें। - किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश की सत्यता पहले जांच लें। ✍️ *साईबर अपराध से बचने के लिए क्या न करें।* - किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, सीवीवी, एटीएम पिन, नेट बैंकिंग पासवर्ड या यूपीआई पिन साझा न करें। - अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें। - स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर डाउनलोड न करें। - लालच या डर में आकर किसी भी खाते में पैसे ट्रांसफर न करें। - सोशल मीडिया पर बिना सत्यापन के किसी भी निवेश या नौकरी के ऑफर पर भरोसा न करें। ✍️ *साईबर अपराध होने पर तुरंत क्या करें* यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो वह बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं तथा www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें। समय पर शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई राशि को बचाने की संभावना बढ़ जाती है। ✍️ *स्वयं भी जागरूक बनें, दूसरों को भी जागरूक करें* पुलिस टीम ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी अपने माता-पिता, भाई-बहनों, रिश्तेदारों, मित्रों एवं आसपास के लोगों तक अवश्य पहुंचाएं। जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। सभी नागरिक सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। – पुलिस प्रवक्ता, भिवानी।।

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Bhiwani, Bhiwani | Aug 7, 2026

अवैध कॉलोनी पर प्रशासन के बुलडोजर ने 24 डीपीसी और 7 निर्माण किए ध्वस्त

भिवानी, 07 अगस्त। जिला प्रशासन द्वारा अवैध कॉलोनियों एवं अनाधिकृत निर्माणों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शहरी क्षेत्र भिवानी में बड़ी कार्रवाई की गई। जिला नगर योजनाकार विभाग की टीम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट, सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी अनुराग सांगवान तथा थाना औद्योगिक क्षेत्र पुलिस के सहयोग से भिवानी-लोहारू बाईपास पर त्रिवेणी रोड़ स्थित एक अवैध कॉलोनी पर बुलडोजर चलाकर निर्माणों को ध्वस्त कर दिया।
जिला नगर योजनाकार जयदीप ने बताया कि अवैध निर्माण अभियान की कार्रवाई के दौरान लगभग 2.75 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी में 24 डीपीसी, पांच चारदीवारी तथा दो निर्माणों को तोड़ा गया। उन्होंने बताया कि बिना विभागीय अनुमति के विकसित की जा रही कॉलोनियों एवं निर्माणों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।
जिला नगर योजनाकार ने आमजन से अपील की कि वे अवैध कॉलोनियों में प्रॉपर्टी खरीदने से पहले सभी दस्तावेजों एवं विभागीय स्वीकृतियों की जांच अवश्य करें। साथ ही शहरी एवं नियंत्रित क्षेत्रों तथा अधिसूचित सडक़ों की हरित पट्टी में किसी भी प्रकार का निर्माण करने से पूर्व संबंधित विभाग से आवश्यक अनुमति लेना सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

अवैध कॉलोनी पर प्रशासन के बुलडोजर ने 24 डीपीसी और 7 निर्माण किए ध्वस्त भिवानी, 07 अगस्त। जिला प्रशासन द्वारा अवैध कॉलोनियों एवं अनाधिकृत निर्माणों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शहरी क्षेत्र भिवानी में बड़ी कार्रवाई की गई। जिला नगर योजनाकार विभाग की टीम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट, सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी अनुराग सांगवान तथा थाना औद्योगिक क्षेत्र पुलिस के सहयोग से भिवानी-लोहारू बाईपास पर त्रिवेणी रोड़ स्थित एक अवैध कॉलोनी पर बुलडोजर चलाकर निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। जिला नगर योजनाकार जयदीप ने बताया कि अवैध निर्माण अभियान की कार्रवाई के दौरान लगभग 2.75 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी में 24 डीपीसी, पांच चारदीवारी तथा दो निर्माणों को तोड़ा गया। उन्होंने बताया कि बिना विभागीय अनुमति के विकसित की जा रही कॉलोनियों एवं निर्माणों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी। जिला नगर योजनाकार ने आमजन से अपील की कि वे अवैध कॉलोनियों में प्रॉपर्टी खरीदने से पहले सभी दस्तावेजों एवं विभागीय स्वीकृतियों की जांच अवश्य करें। साथ ही शहरी एवं नियंत्रित क्षेत्रों तथा अधिसूचित सडक़ों की हरित पट्टी में किसी भी प्रकार का निर्माण करने से पूर्व संबंधित विभाग से आवश्यक अनुमति लेना सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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