जिला पदाधिकारी, बांका श्री अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में सिंचाई विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान योजनाओं की भौतिक प्रगति, कार्य पूर्ण करने की निर्धारित समय-सीमा, नहरों की मरम्मत एवं सफाई तथा किसानों के खेतों के अंतिम छोर तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली गई।
समीक्षा के क्रम में सिंचाई प्रमंडल, बांका अंतर्गत इकोरिया वीयर सिंचाई परियोजना के तहत बांकी वितरणी के पुनर्स्थापन कार्य की भौतिक प्रगति 62 प्रतिशत पाई गई। वहीं, चांदन उच्चस्तरीय मुख्य नहर के 20.76 किलोमीटर पर मरम्मत तथा चिहार वितरणी के चयनित स्थलों पर आउटलेट की मरम्मत से संबंधित कार्यों की भौतिक प्रगति 80 प्रतिशत बताई गई। जिला पदाधिकारी ने संबंधित कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि सभी संचालित योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर विभागीय मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। साथ ही, बदुआ जलाशय के द्वितीय चरण के कार्य के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप कार्य प्रारंभ एवं पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया।
समीक्षा के दौरान सिंचाई प्रमंडल, बिजीखोरवा द्वारा निर्धारित प्रपत्र में योजनाओं का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किए जाने पर जिला पदाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की।
लघु सिंचाई प्रमंडल, बांका अंतर्गत क्रियान्वित सभी सिंचाई योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इस दौरान पूर्ण एवं अपूर्ण योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अपूर्ण योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। संबंधित पदाधिकारियों को योजनाओं की अद्यतन एवं विस्तृत प्रगति प्रतिवेदन के साथ अगली बैठक में उपस्थित होने का भी निर्देश दिया गया। बांका जिलांतर्गत संचालित कुल 11 राजकीय नलकूपों की स्थिति की समीक्षा के दौरान सभी नलकूप चालू अवस्था में पाए गए, जिस पर जिला पदाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया।
समीक्षा के दौरान सहायक अभियंता, लघु सिंचाई से अपूर्ण योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई, जिसका संतोषजनक उत्तर नहीं दिए जाने पर जिला पदाधिकारी द्वारा सहायक अभियंता, लघु सिंचाई का वेतन अगले आदेश तक स्थगित रखने का निर्देश दिया गया। वहीं, कार्यपालक अभियंता के बैठक में अनुपस्थित रहने पर उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया गया।
जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि किसानों के खेतों के अंतिम छोर तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। जिन नहरों में विभिन्न कारणों से जलप्रवाह बाधित है, उन्हें पुनः क्रियाशील बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करते हुए साप्ताहिक एवं मासिक प्रगति प्रतिवेदन नियमित रूप से समर्पित करने का निर्देश दिया गया, ताकि सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए किसानों को समय पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
Banka, Bihar | Sep 29, 2026