यह सिर्फ एक वीडियो नहीं बल्कि एक जुल्म की गवाही है, देशवासी अंग्रेजों के चंगुल से तो आजाद हो गए थे लेकिन अपनी आवाज को उठाने का अधिकार हमको नहीं है पुलिस की लाठियां और बर्बरता इस कदर आज हावी हो चुकी है की जो लोकतंत्र की मूल परिभाषा थी उसको ही परिवर्तित कर दिया गया है ।