🚨रोपवे परियोजनाओं की धीमी रफ्तार पर CM धामी नाराज, 9 नवंबर तक काम धरातल पर लाने के निर्देश
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में प्रदेश की विभिन्न रोपवे परियोजनाओं की समीक्षा की। परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस 9 नवंबर तक रोपवे परियोजनाओं के कार्य धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए। उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं को 15 दिन के भीतर परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट मुख्य सचिव को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जल्द ही इन परियोजनाओं की दोबारा समीक्षा करेंगे।
उन्होंने जिलाधिकारियों को भी अपने-अपने जिलों में प्रस्तावित और निर्माणाधीन रोपवे परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने तथा कार्यदायी संस्थाओं के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने को कहा। भूमि, वन भूमि हस्तांतरण और अन्य विभागीय स्वीकृतियों से जुड़ी समस्याओं का तेजी से समाधान करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में केदारनाथ, हेमकुंड साहिब, नैनीताल और देहरादून-मसूरी समेत यमुनोत्री, पूर्णागिरि और कुंजापुरी रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा हरिद्वार की इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना और त्रिवेणी घाट-नीलकंठ रोपवे प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों में रोपवे कनेक्टिविटी बेहद महत्वपूर्ण है। इससे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी, सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं की प्रगति केवल कागजी प्रक्रियाओं तक सीमित न रहे, बल्कि निर्धारित समयसीमा के भीतर काम जमीन पर नजर आना चाहिए। साथ ही यात्रियों की सुरक्षा, पर्यावरणीय संतुलन और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
Dehradun, Dehradun | Aug 24, 2026