अपराध समीक्षा में सतवास ने मारी बाजी, बरोठा और औद्योगिक क्षेत्र भी रहे अव्वल
देवास। जिला पुलिस कंट्रोल रूम में मंगलवार को पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद की अध्यक्षता में मई, जून और जुलाई माह की अपराध समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में तीनों महीनों के प्रदर्शन के आधार पर जिले के थानों और पुलिस अनुभागों की रैंकिंग जारी की गई। जुलाई में थाना सतवास ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि जून में बरोठा और मई में औद्योगिक क्षेत्र थाना अव्वल रहा।
बैठक में पुलिस अधिकारियों ने अपराध नियंत्रण, फरियादियों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई, रात्रि गश्त, नाकाबंदी, विवेचना और लंबित मामलों के निराकरण सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की।
जुलाई में सतवास, जून में बरोठा और मई में औद्योगिक क्षेत्र नंबर-1
जुलाई की रैंकिंग में सतवास प्रथम, कन्नौद दूसरे और उदयनगर तीसरे स्थान पर रहा। वहीं बरोठा चौथे और औद्योगिक क्षेत्र थाना पांचवें स्थान पर रहा।
जून में बरोठा थाना प्रथम, उदयनगर द्वितीय और कन्नौद तृतीय स्थान पर रहा। मई में औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रथम, उदयनगर द्वितीय और कोतवाली थाना तीसरे स्थान पर रहा।
रैंकिंग 25 अलग-अलग पैरामीटर के आधार पर की गई।
अनुभागों में भी जारी हुई रैंकिंग
जुलाई में अनुभागवार प्रदर्शन में कन्नौद अनुभाग प्रथम रहा। बागली दूसरे, डीएसपी एल/आर तीसरे, देवास नगर चौथे और सोनकच्छ पांचवें स्थान पर रहा।
मई और जून में देवास नगर अनुभाग ने प्रथम स्थान हासिल किया। बागली दूसरे, कन्नौद तीसरे, डीएसपी एल/आर चौथे और सोनकच्छ पांचवें स्थान पर रहा।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मी सम्मानित
बैठक में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को ‘सर्वश्रेष्ठ पुलिसकर्मी’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
मई में सउनि(अ) सतीश पाण्डेय को हिट एंड रन योजना के मामलों में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े 185 प्रकरण चिन्हित कर कार्रवाई आगे बढ़ाई, जिनमें 77 प्रकरणों में 68.50 लाख रुपये की राशि हितग्राहियों के खातों में हस्तांतरित कराई गई।
जून में आरक्षक 349 नवीन पटेल को ऑपरेशन त्रिनेत्र के जरिए तकनीकी विश्लेषण कर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करने और करीब 50 लाख रुपये की संपत्ति बरामद कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने पर सम्मानित किया गया।
जुलाई में सउनि(अ) साक्षी जोशी को पदोन्नति संबंधी सेवा विवरण समय-सीमा में तैयार कर वरिष्ठ कार्यालय को भेजने के उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। इस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप विभिन्न पदों पर 445 अधिकारी-कर्मचारियों की पदोन्नति संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित हो सकी।
एसपी ने दिए सख्त निर्देश
पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने बैठक में थानों पर आने वाले प्रत्येक फरियादी की शिकायत को गंभीरता से सुनकर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने चोरी की घटनाओं पर प्रभावी रात्रि गश्त और नाकाबंदी मजबूत करने पर जोर दिया।
उन्होंने FIR से लेकर विवेचना, चालान और ट्रायल तक की प्रक्रिया में तकनीक के अधिकतम उपयोग तथा समंस-वारंट की तामीली समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जुआ, सट्टा, अवैध शराब और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के साथ पुलिस मुखबिर तंत्र को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा ऑपरेशन त्रिनेत्रम के तहत अधिक से अधिक CCTV कैमरे लगवाने, ऑपरेशन साइबर के अंतर्गत डायल-1930 के प्रचार-प्रसार और आगामी त्योहारों को देखते हुए ऑपरेशन पवित्र के तहत अधिक से अधिक बॉन्डओवर की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में एसपी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रशंसा करते हुए कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। रैंकिंग की यह व्यवस्था आगामी महीनों में भी जारी रहेगी।