छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है। अम्बिकापुर के गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से मंगलवार को 13 अपचारी बालक (किशोर) पुराने दरवाजे को उखाड़कर और सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए फरार हो गए। हत्या, बलात्कार और चोरी जैसे जघन्य अपराधों में संलिप्त इन बालकों का इस तरह भाग जाना सीधे तौर पर जिले के प्रशासनिक अमले और गृह प्रबंधन की घोर लापरवाही को उजागर करता है। चौंकाने वाली बात यह है कि ठीक एक दिन पहले बिलासपुर के संप्रेक्षण गृह में एक सुरक्षा गार्ड की हत्या की वारदात हुई थी, जिसके बाद भी अम्बिकापुर प्रबंधन कुंभकर्णी नींद में सोया रहा। यह इस साल की तीसरी बड़ी घटना है, जिसने साबित कर दिया है कि यहाँ सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे है।
अंदरखाने से आ रही खबरों के मुताबिक, इस घोर लापरवाही के पीछे सिर्फ लचर सुरक्षा ही नहीं, बल्कि प्रबंधन का कथित तौर पर अमानवीय और प्रताड़ित करने वाला रवैया भी एक बड़ी वजह माना जा रहा है। फिलहाल, गांधीनगर पुलिस और प्रशासनिक अमला हमेशा की तरह घटना के बाद बालकों की तलाश में खाक छान रहा है। लेकिन बड़ा सवाल यह उठता है कि जब संगीन जुर्म के आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा? लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद अब संवेदनहीन अधिकारियों और लापरवाह प्रबंधन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठ रही है।
#Ambikapur #SurgujaNews #ChhattisgarhNews #LawAndOrder #BreakingNews #SurgujaPolice #ChhattisgarhGovernment #CrimeNews #BalSamprekshanGriha #AdministrativeNegligence #FatafatNews