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Bihar, Nalanda | Jul 6, 2026

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6 July 2026क्षेत्रीय महामंत्री डॉ. प्रीति शेखर का किया भव्य स्वागत

6 July 2026क्षेत्रीय महामंत्री डॉ. प्रीति शेखर का किया भव्य स्वागत

Bihar, Nalanda | Jul 6, 2026

प्रेस विज्ञप्ति 
नालंदा।
..................दिनांक 04 जुलाई 2026 को   श्रीमती उदिता सिंह, जिलाधिकारी, नालन्दा की अध्यक्षता में जिलान्तर्गत भीषण गर्मी के मद्देनज़र एवं सरकारी अस्पतालों द्वारा आमजनों को भीषण गर्मी एवं लू से बचाव हेतु संबंधित विभाग के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

जिलाधिकारी महोदय ने संबोधित करते हुए कहा कि ग्रीष्म ऋतु प्रारंभ होने के साथ ही गर्मी के कारण जन-जीवन प्रभावित होना संभावित है। India Meteorological Department (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार विगत कुछ वर्षों की तुलना में इस वर्ष अत्यधिक गर्मी एवं लू (Heat Stroke/Waves) बढ़ने की संभावना है। अत्यधिक गर्मी एवं उससे उत्पन्न लू (Heat Stroke/Waves) से आमजनों को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़‌ता है। विशेषकर छोटे बच्चों, स्कूली बच्चों, बुजुर्ग एवं गर्भवती एवं धातृ माताओं तथा विभिन्न कार्य के लिए घर से बाहर निकलने वाले व्यक्तियों को स्वास्थ्य संबंधी काफी समस्याएँ होती है। इस मौसम में पेयजल संकट की स्थिति भी उत्पन्न होती है। ऐसे में यह आवश्यक है कि जिलान्तर्गत सरकारी अस्पतालों द्वारा आमजनों को भीषण गर्मी एवं लू से बचाव हेतु कारगर उपाय एवं कार्रवाई सुनिश्चित की जाये। 

 सिविल सर्जन को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी एवं लू से बचाव तथा इससे उत्पन्न विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों के चिकित्सकीय उपचार एवं प्रबंधन हेतु निम्न कार्रवाईयाँ सुनिश्चित करेंगे :-

(i) जिलान्तर्गत सभी सदर अस्पताल/अनुमंडलीय अस्पताल/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रेफरल अस्पताल हेल्थ एंड वेलनेस सेन्टर स्वास्थ्य उपकेन्द्र में भीषण गर्मी एवं लू से प्रभावित व्यक्तियों के अनिवार्य रूप से समुचित चिकित्सकीय उपचार एवं प्रबंधन हेतु  विशेष कार्य योजना तैयार की जाय।

(ii) सभी सरकारी अस्पतालों में दस्त एवं अतिसार, चर्म रोग, नेत्र विकार तथा हीटवेब स्ट्रोक से संबंधित सभी प्रकार के आवश्यक औषधियों यथा-Anti Diarrheal Medicine, Anti Amoebic Medicine, Anti Emetic Medicine, Anti-Spasmodic Medicines, Anti-Viral/ Infective Medicines, L.V. Fluids/Parenterals, ORS एवं इससे संबंधित अन्य आवश्यक औषधियों तथा Medical Devices/Consumables की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित किया जाय।

(iii) लू से पीड़ित व्यक्तियों का Heart Rate, Respiratory Rate, Blood Pressure, Rectal Temperature एवं Mental State का लागातर निगरानी कराने की व्यवस्था की जाय।
(iv) लू से ग्रसित गंभीर मरीजों का Complete Blood count, Electrolyte, ECG, Other Metabolic Abnormalities, Liver function test, Kidney function test कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाय।

(v) सभी सरकारी अस्पतालों में भीषण गर्मी एवं लू के चिकित्सकीय प्रबंधन हेतु Dedicated Ward/ समुचित संख्या में बेड की व्यवस्था की जाय। इस Dedicated Ward में 24 घंटे चिकित्सकों एवं पारा चिकित्सा कर्मियों का रोस्टर संधारित करते हुये उनकी प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाय। इन Dedicated Ward/बेड हेतु पर्याप्त मात्रा में आवश्यक औषधियाँ, आवश्यक उपकरण एवं Medical Devices आदि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये।

(vi) भीषण गर्मी एवं लू के मद्देनजर सभी एम्बुलेंस में एयर कंडीशन की क्रियाशीलता, ऑक्सीजन एवं आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था की जाए  साथ ही सभी एम्बुलेंस को 24 घंटे अलर्ट अवस्था में रखना सुनिश्चित करेंगे।

 जिलान्तर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के साथ संबद्ध एम्बुलेंस को एलर्ट अवस्था में रखा जाये।

(vii) सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल तथा जिलान्तर्गत प्रभावित क्षेत्रों के निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में रोस्टर संधारित कर अतिरिक्त चिकित्सकों एवं पारा चिकित्सा कर्मियों की 24 घंटे तैनाती करते हुये आवश्यक औषधियों तथा चिकित्सकीय उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाय।
 इसके अतिरिक्त जिलान्तर्गत सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों एवं उपर्युक्त चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में अलग से विशेषज्ञ चिकित्सक on call ड्यूटी पर 24 घंटे उपलब्ध रहेगें ताकि आकस्मिक/आपात परिस्थिति में सूचित किये जाने पर वे शीघ्र संबंधित अस्पताल में उपस्थित हो जायें।

(viii)  अत्यधिक गर्मी एवं उससे उत्पन्न लू (Heat Stroke/Waves) से बचाव हेतु स्वास्थ्य विभाग के  पदाधिकारियों/कर्मियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निदेश दिया जाए।

(ix) जिलान्तर्गत सभी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए छायादार स्थल पर बैठने की समुचित व्यवस्था, समुचित प्रकाश, पर्याप्त संख्या में पंखा एवं कूलर, शुद्ध पेयजल तथा अन्य जन-सुविधाओं की व्यवस्था अनिवार्य रुप से सुनिश्चित की जाये। अत्यधिक गर्मी एवं उससे उत्पन्न लू (Heat Stroke/Waves) को दृष्टिगत रखते हुये अस्पतालों के सामान्य वार्ड/आई०पी०डी० में ए०सी०/कूलर, पंखा आदि को क्रियाशील अवस्था में रखना सुनिश्चित किया जाये। साथ ही, आवश्यकतानुसार इनका मरम्मत, रख-रखाव एवं अनुरक्षण कार्य समय पूर्व पूर्ण करा लिया जाय।

(x) गर्म हवाएँ/लू से बचाव के उपाय की जानकारी आम जनमानस को उपलब्ध कराने हेतु जिलास्तरीय आपदा प्रबंधन शाखा से समन्वय कर प्रचार-प्रसार कराया जाय। साथ ही, "क्या करें, क्या न करें" को जिला स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर इसे जन सामान्य के बीच प्रचारित किया जाय।

2. सभी असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी जिलान्तर्गत सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों/अनुमंडलीय अस्पताल/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के उपाधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के साथ भीषण गर्मी एवं लू (Heat Stroke/Waves) से पीड़ित आमजनों को समुचित चिकित्सकीय सुविधा मुहैया कराने एवं बचाव आदि बिन्दुओं पर एक सप्ताह के अंदर बैठक कर सभी प्रकार की अनिवार्य व्यवस्थाओं को पूर्ण कराना सुनिश्चित करेगें। 3.  विशेष तौर पर लू से प्रभावित आमजनों के ईलाज के लिए निर्धारित SOP का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेंगे।

3.  जिलास्तरीय चिकित्सकीय व्यवस्था इस प्रकार से सुनिश्चित किया जाय कि अत्यधिक गर्मी एवं उससे उत्पन्न लू (Heat Stroke/Waves) के चिकित्सकीय प्रबंधन से संबंधित उपरांकित सभी व्यवस्थाओं सहित स्वास्थ्य संस्थान, चिकित्सक एवं पारा चिकित्सा कर्मी प्रत्येक स्थिति में चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने हेतु पूर्णतः एलर्ट रहेंगे । 

गर्म हवाएँ / लू से बचाव हेतु जिला स्तर पर मॉनिटरिंग के लिए डैशबोर्ड/इन्टरफेस बनाया जाय तथा इसके माध्यम से बल्क एस०एम०एस० भेजने की व्यवस्था की जाए।

भीषण गर्मी के कारण अगलगी की घटनाओं में भी वृद्धि हो जाती है। अगलगी की घटनाओं से निबटने तथा उनके रोकथाम के लिए अग्नि शमन मानक संचालन प्रक्रियानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

गर्म हवाएं/लू से सुरक्षा के उपाय
क्या करें :-
जितनी बार हो सके पानी पीयें, बार-बार पानी पीयें। सफर मे अपने साथ पीने का पानी हमेशा रखें।

जब भी बाहर धूप में जायें यथा संभव हल्के रंग के, ढीले ढाले एवं सूती कपड़े पहने। धूप के चश्मे का इस्तेमाल करें। गमछे या टोपी से अपने सिर को ढ़के व हमेशा जूता या चप्पल पहनें।

हल्का भोजन करें, अधिक पानी की मात्रा वाले मौसमी फल जैसे-तरबूज खीरा, ककड़ी, खरबूजा, संतरा आदि का अधिकाधिक सेवन करें। घर में बने पेय पदार्थ जैसे लस्सी, नमक-चीनी का घोल, छाछ, नींबू-पानी, आम का पन्ना इत्यादि का नियमित सेवन करें। अपने दैनिक भोजन मे कच्चा प्याज, सत्तू, पुदीना, सौंफ तथा खस को भी शामिल करें।

जानवरों को छाँव में रखें एवं उन्हें भी खूब पानी पीने को दें। रात में घर में ताजी और ठंडी हवा आने की व्यवस्था रखें। स्थानीय मौसम के पूर्वानुमान और आगामी तापमान में परिवर्तन के बारे में विभिन्न विश्वसनीय सूत्रों से लगातार जानकारियों लेते रहें। अगर तबीयत ठीक न लगे या चक्कर आये तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

 लू लगने पर क्या करें :- 

लू लगे व्यक्ति को छाँव में लिटा दें। अगर उनके शरीर पर तंग कपड़े हो तो उन्हें ढीला कर दें अथवा हटा दें।

लू लगे व्यक्ति का शरीर ठंडे गीले कपड़े से पोछें या ठंडे पानी से नहलायें ।

उसके शरीर के तापमान को कम करने के लिए कूलर, पंखे आदि का प्रयोग करें।

उसके गर्दन, पेट एवं सिर पर बार-बार गीला या ठंडा कपड़ा रखें।

उस व्यक्ति को ओ ०आर० एस ०/ नींबू-पानी, नमक- चीनी का घोल, छाछ या शर्बत पीने को दें, जो शरीर में जल की मात्रा को बढ़ा सके। लू लगे व्यक्ति की हालत में यदि एक घंटे तक सुधार न हो तो उसे तुरंत

नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में ले जायें।

क्या न करें :-

जहाँ तक संभव हो कड़ी धूप में बाहर न निकलें।
अधिक तापमान में बहुत अधिक शरीरिक श्रम न करें।
चाय, कॉफी जैसे-गर्म पेय तथा जर्दा तंबाकू आदि मादक पदाथों का सेवन न करें।
ज्यादा प्रोटीन वाले भोजन जैसे-मांस, अंडा व सूखे मेवे, जो शारीरिक
ताप को बढ़ातें है, का सेवन कम से कम अथवा न करें।
यदि व्यक्ति गर्मी/लू के कारण उल्टियां करे या बेहोश हो तो उसे कुछ भी खाने-पीने को न दें।
बच्चों को बंद वाहन में अकेला न छोड़ें।

इस अवसर पर अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, एवं अन्य संबंधित पदाधिकारगण उपस्थिति थें।
Samrat Choudhary 
CMO Bihar 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
Disaster Management Department Govt. of Bihar 
Centre of Excellence in Disaster Management 
Bihar Health Department 
State Health Society, Bihar 
Bsdma

प्रेस विज्ञप्ति नालंदा। ..................दिनांक 04 जुलाई 2026 को श्रीमती उदिता सिंह, जिलाधिकारी, नालन्दा की अध्यक्षता में जिलान्तर्गत भीषण गर्मी के मद्देनज़र एवं सरकारी अस्पतालों द्वारा आमजनों को भीषण गर्मी एवं लू से बचाव हेतु संबंधित विभाग के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी महोदय ने संबोधित करते हुए कहा कि ग्रीष्म ऋतु प्रारंभ होने के साथ ही गर्मी के कारण जन-जीवन प्रभावित होना संभावित है। India Meteorological Department (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार विगत कुछ वर्षों की तुलना में इस वर्ष अत्यधिक गर्मी एवं लू (Heat Stroke/Waves) बढ़ने की संभावना है। अत्यधिक गर्मी एवं उससे उत्पन्न लू (Heat Stroke/Waves) से आमजनों को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़‌ता है। विशेषकर छोटे बच्चों, स्कूली बच्चों, बुजुर्ग एवं गर्भवती एवं धातृ माताओं तथा विभिन्न कार्य के लिए घर से बाहर निकलने वाले व्यक्तियों को स्वास्थ्य संबंधी काफी समस्याएँ होती है। इस मौसम में पेयजल संकट की स्थिति भी उत्पन्न होती है। ऐसे में यह आवश्यक है कि जिलान्तर्गत सरकारी अस्पतालों द्वारा आमजनों को भीषण गर्मी एवं लू से बचाव हेतु कारगर उपाय एवं कार्रवाई सुनिश्चित की जाये। सिविल सर्जन को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी एवं लू से बचाव तथा इससे उत्पन्न विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों के चिकित्सकीय उपचार एवं प्रबंधन हेतु निम्न कार्रवाईयाँ सुनिश्चित करेंगे :- (i) जिलान्तर्गत सभी सदर अस्पताल/अनुमंडलीय अस्पताल/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रेफरल अस्पताल हेल्थ एंड वेलनेस सेन्टर स्वास्थ्य उपकेन्द्र में भीषण गर्मी एवं लू से प्रभावित व्यक्तियों के अनिवार्य रूप से समुचित चिकित्सकीय उपचार एवं प्रबंधन हेतु विशेष कार्य योजना तैयार की जाय। (ii) सभी सरकारी अस्पतालों में दस्त एवं अतिसार, चर्म रोग, नेत्र विकार तथा हीटवेब स्ट्रोक से संबंधित सभी प्रकार के आवश्यक औषधियों यथा-Anti Diarrheal Medicine, Anti Amoebic Medicine, Anti Emetic Medicine, Anti-Spasmodic Medicines, Anti-Viral/ Infective Medicines, L.V. Fluids/Parenterals, ORS एवं इससे संबंधित अन्य आवश्यक औषधियों तथा Medical Devices/Consumables की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित किया जाय। (iii) लू से पीड़ित व्यक्तियों का Heart Rate, Respiratory Rate, Blood Pressure, Rectal Temperature एवं Mental State का लागातर निगरानी कराने की व्यवस्था की जाय। (iv) लू से ग्रसित गंभीर मरीजों का Complete Blood count, Electrolyte, ECG, Other Metabolic Abnormalities, Liver function test, Kidney function test कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाय। (v) सभी सरकारी अस्पतालों में भीषण गर्मी एवं लू के चिकित्सकीय प्रबंधन हेतु Dedicated Ward/ समुचित संख्या में बेड की व्यवस्था की जाय। इस Dedicated Ward में 24 घंटे चिकित्सकों एवं पारा चिकित्सा कर्मियों का रोस्टर संधारित करते हुये उनकी प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाय। इन Dedicated Ward/बेड हेतु पर्याप्त मात्रा में आवश्यक औषधियाँ, आवश्यक उपकरण एवं Medical Devices आदि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। (vi) भीषण गर्मी एवं लू के मद्देनजर सभी एम्बुलेंस में एयर कंडीशन की क्रियाशीलता, ऑक्सीजन एवं आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था की जाए साथ ही सभी एम्बुलेंस को 24 घंटे अलर्ट अवस्था में रखना सुनिश्चित करेंगे। जिलान्तर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के साथ संबद्ध एम्बुलेंस को एलर्ट अवस्था में रखा जाये। (vii) सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल तथा जिलान्तर्गत प्रभावित क्षेत्रों के निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में रोस्टर संधारित कर अतिरिक्त चिकित्सकों एवं पारा चिकित्सा कर्मियों की 24 घंटे तैनाती करते हुये आवश्यक औषधियों तथा चिकित्सकीय उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाय। इसके अतिरिक्त जिलान्तर्गत सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों एवं उपर्युक्त चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में अलग से विशेषज्ञ चिकित्सक on call ड्यूटी पर 24 घंटे उपलब्ध रहेगें ताकि आकस्मिक/आपात परिस्थिति में सूचित किये जाने पर वे शीघ्र संबंधित अस्पताल में उपस्थित हो जायें। (viii) अत्यधिक गर्मी एवं उससे उत्पन्न लू (Heat Stroke/Waves) से बचाव हेतु स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों/कर्मियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निदेश दिया जाए। (ix) जिलान्तर्गत सभी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए छायादार स्थल पर बैठने की समुचित व्यवस्था, समुचित प्रकाश, पर्याप्त संख्या में पंखा एवं कूलर, शुद्ध पेयजल तथा अन्य जन-सुविधाओं की व्यवस्था अनिवार्य रुप से सुनिश्चित की जाये। अत्यधिक गर्मी एवं उससे उत्पन्न लू (Heat Stroke/Waves) को दृष्टिगत रखते हुये अस्पतालों के सामान्य वार्ड/आई०पी०डी० में ए०सी०/कूलर, पंखा आदि को क्रियाशील अवस्था में रखना सुनिश्चित किया जाये। साथ ही, आवश्यकतानुसार इनका मरम्मत, रख-रखाव एवं अनुरक्षण कार्य समय पूर्व पूर्ण करा लिया जाय। (x) गर्म हवाएँ/लू से बचाव के उपाय की जानकारी आम जनमानस को उपलब्ध कराने हेतु जिलास्तरीय आपदा प्रबंधन शाखा से समन्वय कर प्रचार-प्रसार कराया जाय। साथ ही, "क्या करें, क्या न करें" को जिला स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर इसे जन सामान्य के बीच प्रचारित किया जाय। 2. सभी असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी जिलान्तर्गत सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों/अनुमंडलीय अस्पताल/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के उपाधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के साथ भीषण गर्मी एवं लू (Heat Stroke/Waves) से पीड़ित आमजनों को समुचित चिकित्सकीय सुविधा मुहैया कराने एवं बचाव आदि बिन्दुओं पर एक सप्ताह के अंदर बैठक कर सभी प्रकार की अनिवार्य व्यवस्थाओं को पूर्ण कराना सुनिश्चित करेगें। 3. विशेष तौर पर लू से प्रभावित आमजनों के ईलाज के लिए निर्धारित SOP का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेंगे। 3. जिलास्तरीय चिकित्सकीय व्यवस्था इस प्रकार से सुनिश्चित किया जाय कि अत्यधिक गर्मी एवं उससे उत्पन्न लू (Heat Stroke/Waves) के चिकित्सकीय प्रबंधन से संबंधित उपरांकित सभी व्यवस्थाओं सहित स्वास्थ्य संस्थान, चिकित्सक एवं पारा चिकित्सा कर्मी प्रत्येक स्थिति में चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने हेतु पूर्णतः एलर्ट रहेंगे । गर्म हवाएँ / लू से बचाव हेतु जिला स्तर पर मॉनिटरिंग के लिए डैशबोर्ड/इन्टरफेस बनाया जाय तथा इसके माध्यम से बल्क एस०एम०एस० भेजने की व्यवस्था की जाए। भीषण गर्मी के कारण अगलगी की घटनाओं में भी वृद्धि हो जाती है। अगलगी की घटनाओं से निबटने तथा उनके रोकथाम के लिए अग्नि शमन मानक संचालन प्रक्रियानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। गर्म हवाएं/लू से सुरक्षा के उपाय क्या करें :- जितनी बार हो सके पानी पीयें, बार-बार पानी पीयें। सफर मे अपने साथ पीने का पानी हमेशा रखें। जब भी बाहर धूप में जायें यथा संभव हल्के रंग के, ढीले ढाले एवं सूती कपड़े पहने। धूप के चश्मे का इस्तेमाल करें। गमछे या टोपी से अपने सिर को ढ़के व हमेशा जूता या चप्पल पहनें। हल्का भोजन करें, अधिक पानी की मात्रा वाले मौसमी फल जैसे-तरबूज खीरा, ककड़ी, खरबूजा, संतरा आदि का अधिकाधिक सेवन करें। घर में बने पेय पदार्थ जैसे लस्सी, नमक-चीनी का घोल, छाछ, नींबू-पानी, आम का पन्ना इत्यादि का नियमित सेवन करें। अपने दैनिक भोजन मे कच्चा प्याज, सत्तू, पुदीना, सौंफ तथा खस को भी शामिल करें। जानवरों को छाँव में रखें एवं उन्हें भी खूब पानी पीने को दें। रात में घर में ताजी और ठंडी हवा आने की व्यवस्था रखें। स्थानीय मौसम के पूर्वानुमान और आगामी तापमान में परिवर्तन के बारे में विभिन्न विश्वसनीय सूत्रों से लगातार जानकारियों लेते रहें। अगर तबीयत ठीक न लगे या चक्कर आये तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। लू लगने पर क्या करें :- लू लगे व्यक्ति को छाँव में लिटा दें। अगर उनके शरीर पर तंग कपड़े हो तो उन्हें ढीला कर दें अथवा हटा दें। लू लगे व्यक्ति का शरीर ठंडे गीले कपड़े से पोछें या ठंडे पानी से नहलायें । उसके शरीर के तापमान को कम करने के लिए कूलर, पंखे आदि का प्रयोग करें। उसके गर्दन, पेट एवं सिर पर बार-बार गीला या ठंडा कपड़ा रखें। उस व्यक्ति को ओ ०आर० एस ०/ नींबू-पानी, नमक- चीनी का घोल, छाछ या शर्बत पीने को दें, जो शरीर में जल की मात्रा को बढ़ा सके। लू लगे व्यक्ति की हालत में यदि एक घंटे तक सुधार न हो तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में ले जायें। क्या न करें :- जहाँ तक संभव हो कड़ी धूप में बाहर न निकलें। अधिक तापमान में बहुत अधिक शरीरिक श्रम न करें। चाय, कॉफी जैसे-गर्म पेय तथा जर्दा तंबाकू आदि मादक पदाथों का सेवन न करें। ज्यादा प्रोटीन वाले भोजन जैसे-मांस, अंडा व सूखे मेवे, जो शारीरिक ताप को बढ़ातें है, का सेवन कम से कम अथवा न करें। यदि व्यक्ति गर्मी/लू के कारण उल्टियां करे या बेहोश हो तो उसे कुछ भी खाने-पीने को न दें। बच्चों को बंद वाहन में अकेला न छोड़ें। इस अवसर पर अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, एवं अन्य संबंधित पदाधिकारगण उपस्थिति थें। Samrat Choudhary CMO Bihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar Disaster Management Department Govt. of Bihar 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