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श्रीकोट श्रीनगर की सृष्टि कंडारी को जल्द मिले न्याय। परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप...see more

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घर में घुसकर ताबड़तोड़ हमला, मासूम समेत कई घायल, न्याय की तलाश में दर-दर भटक रहा पीड़ित परिवार,

मुरैना। जिले के सबलगढ़ थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 6, ताल बस्ती में रहने वाले रोहित खटीक एवम उनके परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि राजू खटीक, विक्की खटीक, राजकुमार खटीक, बाबू खटीक, लाला खटीक, कस्तूरी खटीक, ज्योती खटीक, नीतू खटीक एवं उसके अन्य 10 से 15 साथियों ने रोहित खटीक के घर में घुसकर पूरे परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। पीड़ित के अनुसार इस हमले में एक मासूम बच्चे सहित दो से तीन लोगों के हाथ-पैर टूट गए तथा परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद जब वह अपने परिवार के साथ थाना सबलगढ़ शिकायत दर्ज कराने पहुंचे तो वहां उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इतना ही नहीं, रोहित खटीक एवं उनके परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ भी मारपीट और अभद्र व्यवहार किया।
रोहित खटीक का कहना है कि न्याय की उम्मीद में उन्होंने पुलिस अधीक्षक, मुरैना से भी गुहार लगाई, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली। आखिरकार निराश होकर पीड़ित परिवार ने अपनी आपबीती मीडिया के सामने रखी और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

पीड़ित परिवार की मांग: पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

घर में घुसकर ताबड़तोड़ हमला, मासूम समेत कई घायल, न्याय की तलाश में दर-दर भटक रहा पीड़ित परिवार, मुरैना। जिले के सबलगढ़ थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 6, ताल बस्ती में रहने वाले रोहित खटीक एवम उनके परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि राजू खटीक, विक्की खटीक, राजकुमार खटीक, बाबू खटीक, लाला खटीक, कस्तूरी खटीक, ज्योती खटीक, नीतू खटीक एवं उसके अन्य 10 से 15 साथियों ने रोहित खटीक के घर में घुसकर पूरे परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। पीड़ित के अनुसार इस हमले में एक मासूम बच्चे सहित दो से तीन लोगों के हाथ-पैर टूट गए तथा परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद जब वह अपने परिवार के साथ थाना सबलगढ़ शिकायत दर्ज कराने पहुंचे तो वहां उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इतना ही नहीं, रोहित खटीक एवं उनके परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ भी मारपीट और अभद्र व्यवहार किया। रोहित खटीक का कहना है कि न्याय की उम्मीद में उन्होंने पुलिस अधीक्षक, मुरैना से भी गुहार लगाई, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली। आखिरकार निराश होकर पीड़ित परिवार ने अपनी आपबीती मीडिया के सामने रखी और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पीड़ित परिवार की मांग: पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

Parliament Street, New Delhi | Jul 30, 2026

बरेली में कांवड़ यात्रा पर डीजीपी सख्त, अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई।

#dgpup #B9TVNEWS

बरेली में कांवड़ यात्रा पर डीजीपी सख्त, अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई। #dgpup #B9TVNEWS

Parliament Street, New Delhi | Jul 30, 2026

36 लाख का बिल पास कराने के लिए मांगी रिश्वत, नगर निगम के सुशील कटारे 6 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार,

ग्वालियर। ग्वालियर नगर निगम के कार्यपालन यंत्री (ईई) सुशील कटारे को लोकायुक्त पुलिस ने 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद नगर निगम कार्यालय में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, ठेकेदार सचिन पचौरी ने जनकार्य विभाग के अंतर्गत लगभग 36 लाख रुपये का कार्य पूर्ण कर उसका बिल भुगतान के लिए जमा किया था। आरोप है कि बिल पास कराने के बदले ईई सुशील कटारे ने 36 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने एक दिन पहले 30 हजार रुपये दे दिए थे, जबकि शेष 6 हजार रुपये आज सुबह देने तय हुए थे।
लोकायुक्त एसपी निरंजन शर्मा के अनुसार, जैसे ही सुशील कटारे ने 6 हजार रुपये अपने हाथ में लिए, पहले से घात लगाए बैठी लोकायुक्त टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया।
इस कार्रवाई के बाद नगर निगम में अफरा-तफरी का माहौल है। लोकायुक्त मामले क�

36 लाख का बिल पास कराने के लिए मांगी रिश्वत, नगर निगम के सुशील कटारे 6 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, ग्वालियर। ग्वालियर नगर निगम के कार्यपालन यंत्री (ईई) सुशील कटारे को लोकायुक्त पुलिस ने 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद नगर निगम कार्यालय में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, ठेकेदार सचिन पचौरी ने जनकार्य विभाग के अंतर्गत लगभग 36 लाख रुपये का कार्य पूर्ण कर उसका बिल भुगतान के लिए जमा किया था। आरोप है कि बिल पास कराने के बदले ईई सुशील कटारे ने 36 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने एक दिन पहले 30 हजार रुपये दे दिए थे, जबकि शेष 6 हजार रुपये आज सुबह देने तय हुए थे। लोकायुक्त एसपी निरंजन शर्मा के अनुसार, जैसे ही सुशील कटारे ने 6 हजार रुपये अपने हाथ में लिए, पहले से घात लगाए बैठी लोकायुक्त टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद नगर निगम में अफरा-तफरी का माहौल है। लोकायुक्त मामले क�

Parliament Street, New Delhi | Jul 30, 2026

हजीरा चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस का 'डंडा राज, आरक्षक का बत्तमीजी का वीडियो हुआ वायरल,

ग्वालियर। शहर के हजीरा चौराहे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में एक ट्रैफिक आरक्षक कथित तौर पर डंडा दिखाकर एक व्यक्ति से अभद्र व्यवहार करता दिखाई दे रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल दावों के अनुसार संबंधित आरक्षक का नाम सतीश खरे बताया जा रहा है। कुछ लोगों का यह भी दावा है कि उनके खिलाफ पहले भी आम नागरिकों से अभद्र व्यवहार की शिकायतें सामने आती रही हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि वायरल वीडियो सही है, तो क्या आम जनता के साथ ऐसा व्यवहार स्वीकार्य है? क्या पुलिस की वर्दी का मतलब लोगों को डराना है या उनकी सुरक्षा करना?
अब लोगों की निगाहें ग्वालियर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी हैं। यदि वीडियो में दिखाई गई घटना सही �

हजीरा चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस का 'डंडा राज, आरक्षक का बत्तमीजी का वीडियो हुआ वायरल, ग्वालियर। शहर के हजीरा चौराहे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में एक ट्रैफिक आरक्षक कथित तौर पर डंडा दिखाकर एक व्यक्ति से अभद्र व्यवहार करता दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल दावों के अनुसार संबंधित आरक्षक का नाम सतीश खरे बताया जा रहा है। कुछ लोगों का यह भी दावा है कि उनके खिलाफ पहले भी आम नागरिकों से अभद्र व्यवहार की शिकायतें सामने आती रही हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि वायरल वीडियो सही है, तो क्या आम जनता के साथ ऐसा व्यवहार स्वीकार्य है? क्या पुलिस की वर्दी का मतलब लोगों को डराना है या उनकी सुरक्षा करना? अब लोगों की निगाहें ग्वालियर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी हैं। यदि वीडियो में दिखाई गई घटना सही �

Parliament Street, New Delhi | Jul 30, 2026