14 सितंबर 1951 का दिन सतपुली के इतिहास में काला दिन के रूप में दर्ज है जिसे भुलाया नहीं जा सकता। आज के दिन 75 वर्ष पूर्व भादौ मास की रात नयार नदी ने ऐसा रौद्र रूप धारण किया कि उसकी चपेट में आकर नदी तट पर खड़ी जीएमओयू की 22 बसें और 30 चालक- परिचालक असमय ही काल से ग्रस्त हो गये। जिसका शिलालेख बिजलीघर के निकट स्थापित है।