सड़क किनारे अचेत मिली गर्भवती महिला के लिए देवदूत बनी डायल-112 टीम, आरक्षक की सूझबूझ से बचीं मां और गर्भस्थ शिशु की जान
रास्ते में बिगड़ी हालत तो आरक्षक ने तत्काल दिया CPR, समय रहते उपचार मिलने से लौटी सांसें
उज्जैन पुलिस अधीक्षक ने सराहनीय कार्य पर टीम को ₹10 हजार नकद पुरस्कार से किया सम्मानित
✒️ रिपोर्ट : स्टेट ब्यूरो, मध्य प्रदेश
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के महिदपुर क्षेत्र से पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता का एक प्रेरणादायक मामला सामने आया है। डाबली खम्मा गांव में सड़क किनारे अचेत अवस्था में पड़ी एक गर्भवती महिला की समय रहते सहायता कर डायल-112 की एफआरवी टीम ने न केवल उसकी बल्कि गर्भस्थ शिशु की भी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस मानवीय कार्य की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डाबली खम्मा गांव में संतोषी कुंवर नाम की गर्भवती महिला सड़क किनारे बेहोश अवस्था में पड़ी मिली। सूचना मिलते ही डायल-112 की एफआरवी-29 टीम तत्काल मौके पर पहुंची और बिना समय गंवाए महिला को अस्पताल के लिए रवाना किया।
अस्पताल ले जाते समय महिला की हालत अचानक और गंभीर हो गई। इसी दौरान एफआरवी में तैनात आरक्षक मोसिन मंसूरी ने सूझबूझ और प्रशिक्षण का परिचय देते हुए तत्काल महिला को सीपीआर (CPR) देना शुरू किया। प्राथमिक जीवनरक्षक सहायता मिलने के बाद महिला की सांसें वापस लौट आईं, जिससे समय रहते उसे अस्पताल पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराया जा सका।
चिकित्सकों के अनुसार महिला का शुगर लेवल अत्यंत खतरनाक स्तर तक गिर गया था। यदि कुछ और देर हो जाती तो मां और गर्भस्थ शिशु दोनों की जान खतरे में पड़ सकती थी। समय पर पुलिस द्वारा दी गई प्राथमिक चिकित्सा और अस्पताल पहुंचाने की तत्परता के कारण दोनों को सुरक्षित बचाया जा सका।
इस उत्कृष्ट और मानवीय कार्य को देखते हुए उज्जैन पुलिस अधीक्षक ने डायल-112 की एफआरवी-29 टीम को ₹10 हजार के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है। पुलिस विभाग ने इसे मानव सेवा और कर्तव्यनिष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।
यह घटना दर्शाती है कि आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया, प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण और संवेदनशीलता किसी भी व्यक्ति के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है।
एनडी न्यूज़ की अपील
आपातकालीन स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल डायल-112 अथवा स्थानीय आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें। प्राथमिक उपचार (First Aid) और सीपीआर जैसी जीवनरक्षक तकनीकों की जानकारी आम नागरिकों को भी होनी चाहिए, क्योंकि कई बार कुछ मिनटों की सही मदद किसी की जान बचा सकती है।
ऐसी घटनाओं से बचने एवं जागरूकता के सुझाव
गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं।
मधुमेह या शुगर की समस्या होने पर समय-समय पर जांच कराते रहें।
आपातकालीन स्थिति में बिना देरी 112 या एम्बुलेंस सेवा को सूचना दें।
अधिक से अधिक लोगों को सीपीआर और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया जाए।
पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और आम नागरिक मिलकर आपातकालीन सहायता तंत्र को मजबूत बनाएं।
👇👇
#NDNews #दैनिक_निष्पक्ष_धारा #Ujjain #Mahidpur #Dial112 #MadhyaPradeshPolice #CPR #Humanity #PoliceHero #EmergencyResponse #PublicService #LifeSaving #MPPolice
👇👇
@MPPoliceDept
@UjjainPolice
@CMMadhyaPradesh
@JansamparkMP
@DrMohanYadav51
@dial112MP
👇👇👇
🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा
मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा
सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया
✒️ रिपोर्ट : स्टेट ब्यूरो, मध्य प्रदेश
📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – 110092 (NCR)
📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ – 226001 (UP)
📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर – 212601 (UP)
📅 दिनांक: 23 सितंबर 2026
📆 दिन: बुधवार
📧 Email: ndnewschannel@gmail.com
📞 मोबाइल: 9696119696
👇👇👇
डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी एवं संबंधित पुलिस अधिकारियों द्वारा साझा की गई सूचना के आधार पर तैयार किया गया है। चिकित्सकीय तथ्यों और घटनाक्रम का विवरण संबंधित अधिकारियों एवं अस्पताल से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रस्तुत किया गया है।