उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक तस्वीर सामने आई है।जिस पिता ने बेटे को उंगली पकड़कर चलना सिखाया,उसे अपने कंधों पर बैठाकर दुनिया दिखाई,आज उसी पिता पर बेटे ने बेरहमी से थप्पड़ों की बरसात कर दी।बुजुर्ग पिता दर्द से रोता रहा,उसकी आंखों से आंसू बहते रहे,लेकिन बेटे का दिल नहीं पसीजा।जिस हाथ ने बेटे के सिर पर हमेशा प्यार और दुआ रखी,आज उसी हाथ के मालिक को अपमान सहना पड़ा।यह सिर्फ एक बुजुर्ग की पिटाई नहीं, बल्कि इंसानियत और संस्कारों पर भी एक बड़ा सवाल है।मां-बाप पूरी जिंदगी अपने बच्चों के लिए कुर्बान कर देते हैं,लेकिन बदले में ऐसा व्यवहार हर किसी को झकझोर देता है।यह घटना हर उस बेटे-बेटी के लिए एक सीख है कि माता-पिता का सम्मान सबसे बड़ा धर्म है।जिस पिता ने जीवनभर सहारा दिया,उसे बुढ़ापे में दर्द और अपमान नहीं,सम्मान और प्यार मिलना चाहिए।