महात्मा श्रवण कुमार की निर्वाण स्थली पर चल रहे महोत्सव के दौरान सोमवार शाम 6 बजे यह स्थलीय एक बार फिर लाखों दीपों की दिव्य आभा से आलोकित हो उठी। वाराणसी से पधारे डमरू दल द्वारा मंत्रोच्चार, शंखनाद और डमरुओं की गूंज के बीच विधिवत तमसा आरती सम्पन्न हुई। जिसने सम्पूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।