जिलाधिकारी ने गर्रा व खन्नौत नदी से प्रभावित क्षेत्रों का किया स्थलीय निरीक्षण*
*संबंधित अधिकारियों के साथ बाढ़ से बचाव कार्यों एवं तैयारियों की समीक्षा कर दिए आवश्यक दिशा निर्देश*
शाहजहॉपुर -जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने जनपद में गर्रा व खन्नौत नदी के बढ़ते जलस्तर एवं उससे प्रभावित होने वाले संभावित क्षेत्रों की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया । निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त नगर निगम, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), उपजिलाधिकारी सदर, तहसीलदार सदर, सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग के समस्त संबंधित अधिकारी, राजस्व विभाग की टीम सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी द्वारा सर्वप्रथम गर्रा नदी के जलस्तर एवं नदी के बहाव की स्थिति का जायजा लिया गया। इसके उपरान्त ककरा पुल, डैम रोड, एनिमल बर्थ सेंटर, हनुमत धाम सहित अन्य संवेदनशील एवं संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर सिंचाई विभाग एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा कराये गये बाढ़ बचाव एवं सुरक्षा संबंधी कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। जिलाधिकारी द्वारा संबंधित अधिकारियों से बाढ़ बचाव कार्यों की वर्तमान स्थिति, नदी के जलस्तर तथा संभावित प्रभाव वाले क्षेत्रों के संबंध में जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने बताया कि दिनांक 07 सितम्बर 2026 को दियूनी बैराज से गर्रा नदी में लगभग 22 हजार क्यूसेक पानी पास हुआ है। उक्त पानी के आगामी 72 घंटों में जनपद के संबंधित क्षेत्रों में पहुंचने की सम्भावना है। वर्तमान में गर्रा नदी 1.05 मीटर खतरे के निशान से नीचे तथा खन्नौत नदी 40 सेमी0 नीचे है। कल सुबह से खन्नौत नदी के जलस्तर में कमी आएगी। रामगंगा नदी खतरे के निशान से 19 सेमी0 ऊपर है और गंगा नदी 25 सेमी0 खतरे के निशान से नीचे है।
इसके दृष्टिगत प्रशासन द्वारा स्थिति पर निरन्तर निगरानी रखी जा रही है तथा संबंधित विभागों एवं तहसीलों को आवश्यक तैयारियां पूर्ण रखने के निर्देश दिये हैं।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नगरीय, तटीय एवं डूब क्षेत्र में निवास करने वाले नागरिकों को नदी के बढ़ते जलस्तर के संबंध में समय से जागरूक एवं सतर्क किया जाए। संबंधित तहसीलों में राजस्व, पुलिस, सिंचाई, नगर निकाय एवं अन्य संबंधित विभागों की टीमें पूर्ण रूप से तत्पर रहें तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में जलस्तर की लगातार निगरानी की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की कार्यवाही के लिए पूर्व तैयारी रखी जाए। साथ ही बाढ़ बचाव कार्यों एवं पूर्व में कराये गये सुरक्षात्मक कार्यों की भी लगातार निगरानी सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि गर्रा व खन्नौत तथा अन्य नदियों के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए पूर्ण सावधानी बरतें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
नदी के बहाव क्षेत्र, नदी के किनारों, घाटों, पुल के निचले हिस्सों में स्नान, पशुओं को नहलाने अथवा घूमने के उद्देश्य से बिल्कुल न जाएं।
बच्चों को नदी, नालों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखें।
मवेशियों को सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर बांधने की व्यवस्था करें तथा उन्हें नदी के किनारे न जाने दें।
डूब क्षेत्र अथवा नदी के निकट स्थित घरों के निवासी अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज, राशन, दवाइयां एवं कीमती सामान सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर रख लें।
नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने की स्थिति में अनावश्यक रूप से नदी अथवा जलभराव वाले क्षेत्रों की ओर न जाएं।
किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर, अफवाह अथवा अपुष्ट सूचना पर ध्यान न दें और न ही उसे सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से प्रसारित करें। केवल जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
यदि जलस्तर में अपेक्षा से अधिक वृद्धि होती है और प्रशासन द्वारा सुरक्षित स्थान पर जाने अथवा स्थानांतरण के निर्देश दिए जाते हैं, तो नागरिक तत्परता से प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा जलस्तर एवं संभावित बाढ़ की स्थिति पर निरन्तर निगरानी रखी जा रही है। संबंधित विभागों को आवश्यक संसाधनों एवं मानवबल के साथ सतर्क रहने के निर्देश दिए गये हैं। प्रशासन का उद्देश्य संभावित जलभराव अथवा बाढ़ की स्थिति में जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा प्रभावित लोगों को तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।
किसी भी प्रकार की आपात स्थिति, जलभराव, बाढ़ संबंधी सूचना अथवा सहायता के लिए नागरिक तत्काल जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर सकते हैं—
*जिला आपदा नियंत्रण कक्ष :*
☎️ 05842-462754
☎️ 05842-351037
☎️ 05842-35108
जिला प्रशासन शाहजहॉपुर ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, सुरक्षित रहें तथा प्रशासन का सहयोग करें।