जो लोग यह कह रहे हैं कि सोनम वांगचुक जी के अनशन के बाद भी सरकार ने उनसे बात नहीं की, इसलिए अंग्रेज़ आज की सरकार से बेहतर थे- उन्हें एक बात समझनी चाहिए।
अंग्रेज़ महात्मा गांधी से केवल इसलिए नहीं डरते थे कि वे एक व्यक्ति थे, बल्कि इसलिए कि उन्हें डर था कहीं गांधी जैसे हज़ारों और लोग खड़े न हो जाएँ।
आज की सरकार को शायद यह भरोसा है कि जनता बिखरी हुई है, संगठित होकर लंबे संघर्ष के लिए खड़ी होने की संभावना बहुत कम हैं। इसलिए उसे किसी एक व्यक्ति के आंदोलन से वैसी चुनौती महसूस नहीं होती जैसी कभी अंग्रेज़ों को जनआंदोलनों से होती थी।
इतिहास यही बताता है कि जब जनता जागरूक, संगठित और अपने अधिकारों के लिए खड़ी होती है, तब सरकारें भी उसकी आंवाज़ सुनने को मजबूर होती हैं।
@Anayash_1234
Indore, Indore | Jul 18, 2026