एक सांप को मारा, दूसरे ने भाई-बहन को डसा:इकलौते बेटे की मौत, बेटी वेंटिलेटर पर; मां बोलीं- परिवार के लिए काल बनकर आया था...
झांसी में सांप के काटने से एक ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। 6 साल के इकलौते बेटे मयंक की मौत हो गई, जबकि 4 साल की बेटी प्रगति की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज वेंटिलेटर पर चल रहा है। घटना शहर से करीब 20 किमी दूर बड़ागांव कस्बे की है।
मां नेहा ने बताया कि रविवार तड़के करीब 3:30 बजे बेटी प्रगति अचानक रोने लगी। जब वह उसे लेकर कमरे से बाहर गईं, तो कुछ ही मिनट बाद बेटे मयंक की चीख सुनाई दी। कमरे में पहुंचने पर देखा कि एक काला सांप उससे लिपटा हुआ था और उसे कई जगह डस चुका था।
नेहा ने बताया कि कुछ दिन पहले इसी कमरे में सांपों का एक जोड़ा दिखाई दिया था। परिवार ने एक सांप को मार दिया था, जबकि दूसरा नहीं मिला। उनका कहना है कि वही सांप बाद में बच्चों को डस गया।
अब पूरा मामला सिलसिलेवार समझिए…
पहली बार स्कूल गया था मयंक
बड़ागांव के हरदौलपुरा मोहल्ले में रहने वाले बलराम कुशवाहा का परिवार खेती और नौकरी कर अपना जीवनयापन करता है। प्रदीप अपनी पत्नी नेहा और दोनों बच्चों के साथ घर के आगे वाले हिस्से में रहते थे।
नेहा ने बताया कि अप्रैल में ही मयंक का एलकेजी में दाखिला कराया था। बेटी प्रगति भी कभी-कभी उसके साथ स्कूल चली जाती थी। परिवार दोनों बच्चों से बेहद प्यार करता था और सब कुछ सामान्य चल रहा था।
पिता के ड्यूटी जाने के बाद सांप ने डसा
परिजनों के अनुसार, रविवार तड़के करीब 3 बजे प्रदीप ड्यूटी पर चले गए थे। इसके कुछ देर बाद करैत सांप ने दोनों बच्चों को डस लिया। बच्चों की चीख सुनकर परिवार मौके पर पहुंचा और तुरंत दोनों को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।
इलाज के दौरान सुबह करीब 9:30 बजे मयंक की मौत हो गई, जबकि प्रगति की हालत गंभीर बनी हुई है।
मां बोली- बेटा मुझे छोड़कर चला गया
पोस्टमॉर्टम के बाद जब मयंक का शव घर पहुंचा तो मां नेहा उससे लिपटकर बिलख पड़ीं। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें जरा भी अंदाजा होता कि कमरे में सांप है, तो वह बच्चों को वहां कभी नहीं सुलातीं।
पार्षद बोले- ढूंढने पर भी नहीं मिला सांप
वार्ड पार्षद सुशील कुमार कुशवाहा ने बताया कि घटना के बाद सांप पकड़ने वालों को बुलाया गया। एक बार सांप दिखाई भी दिया, लेकिन वह मकान के अंदर बने बिल में घुस गया। काफी तलाश और खुदाई के बाद भी उसका पता नहीं चल सका।
डॉक्टर बोले- जहर पूरे शरीर में फैल चुका
प्रगति का इलाज कर रहे डॉ. मनदीप ने बताया कि सांप के काटने के बाद जहर पूरे शरीर में फैल चुका है। बच्ची पिछले करीब 30 घंटे से वेंटिलेटर पर है और उसकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एक सांप को मारने के बाद दूसरे सांप का ‘बदला’ लेने की धारणा केवल एक भ्रम है। संभव है कि वहां पहले से दो सांप मौजूद रहे हों। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी को जहरीला सांप काट ले तो बिना देरी किए एंटी स्नेक वेनम (ASV) उपलब्ध अस्पताल में ले जाएं। झाड़-फूंक या तांत्रिकों के भरोसे रहने से इलाज में देरी होती है और यह जानलेवा साबित हो सकती है।