जो अपने बाप और चाचा की इज्जत नहीं कर सकता वो किसी और की इज्जत नहीं कर सकता है।
माननीय केशव जी ने सदन की मर्यादा बरकरार रखी, आप चाहते तो आप भी तू,भक कह सकते थे। लेकिन यह आपका संस्कार नहीं है
अब आपका उद्देश्य सिर्फ एक होना चाहिए, समाजवादी पार
8.4k views | Sadar, Lucknow | May 25, 2022