बारुण में विद्यार्थी सहयोग शिविर: अधिकारियों ने सुनी छात्र-छात्राओं की समस्याएं, शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर। #aaptaknewspoint1 #bihar #BiharNews #aurangabad #barun
बारुण। प्रखंड क्षेत्र के दो प्रमुख शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास, शैक्षणिक प्रगति और उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर विद्यार्थी सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय टाइप-3, सिरिस तथा केशव उच्च माध्यमिक विद्यालय, बारुण में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में वरीय उप समाहर्ता रितेश कुमार एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी नीरज कुमार ने भाग लिया।
अधिकारियों ने दोनों विद्यालय परिसरों का निरीक्षण किया और छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई, विद्यालय की व्यवस्था, व्यक्तिगत समस्याओं तथा भविष्य की योजनाओं से जुड़ी जानकारी ली। इस दौरान विद्यार्थियों ने भी अधिकारियों के समक्ष अपनी जिज्ञासाएं और विभिन्न समस्याएं खुलकर रखीं।
वरीय उप समाहर्ता रितेश कुमार ने कहा कि विद्यार्थी सहयोग शिविर का उद्देश्य बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखना नहीं है। उन्हें शिक्षा के साथ उचित मार्गदर्शन, मानसिक संबल, अनुशासन और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना भी जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन करने, समय का सदुपयोग करने और जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
वहीं, बीडीओ नीरज कुमार ने छात्र-छात्राओं को प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा की। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने और शिक्षा के माध्यम से अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
शिविर के दौरान अधिकारियों ने विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और मौके पर ही कई मामलों में आवश्यक मार्गदर्शन दिया। शिक्षकों को भी निर्देश दिया गया कि वे पढ़ाई में अपेक्षाकृत कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराएं।
कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों की समस्याओं को समय रहते समझकर उनका समाधान करना उनके शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत विकास के लिए महत्वपूर्ण है। शिविर के आयोजन से विद्यार्थियों में भी अपनी समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचाने और बेहतर भविष्य के लिए मार्गदर्शन प्राप्त करने का उत्साह दिखाई दिया।